दो हाईवा गिट्टी डलवा ,गड्ढों में तब्दील सड़क भूल गए कलेक्टर और विधायक

सडक गड्ढों में नहीं तालाब में सडक तब्दील हो गई गड्ढों की पड़ताल करने आए जिला प्रशासन के पश्चात गिट्टी गिरा कर गड्ढों में डालना भूल गए एक तरफ जनप्रतिनिधि विकास ढोल पीट रहे है दूसरी तरफ सुबह से शाम तक समस्या से जूझ रहे हैं
शहडोल /बुढ़ार से शिवम कुशवाहा की खास रिपोर्ट
सईकापा पेट्रोल पंप से खैरहा माइंस मार्ग तक 7–8 किलोमीटर सड़क वर्षों से पीडब्ल्यूडी के द्वारा सुधार कार्य न करने के कारण सड़क गड्ढे से तलाब नुमा बन गया इन दिनो जगह जगह रोड तालाब में तब्दील हो गई इस रोड से चलना और निकलना कोई हैरत अंग्रेज से कम नहीं|
गड्ढों में मिट्टी डालना भूल गए
गड्ढा तालाबों में तब्दील हो चुकी है लोगों को चलना है बेहद मुश्किल हो रहा है आए दिन सड़क पर छुटपुट घटनाएं हो रही है को लेकर विगत दिनों जिला प्रशासन अधिकारी की पड़ताल के बाद गड्ढों में गिट्टी भरने के लिए सड़क पर गिट्टी तो गिरा दी गई लेकिन आज तक गड्ढों में गिट्टी नहीं डाली गई समस्या ज्योकि त्यो बनी हुई है
जोखिम भरा सफर
सरई कापा पेट्रोल पंप से खैरहा माइंस कालरी गेट तक की सड़क पूरी तरह से बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी समय रहते रोड दुरुस्त करने की बजाय अनदेखा करते रहे तालाब नुमा सड़क गड्ढों में मुरूम मिट्टी तक डलाने की जरूरत नहीं समझी जाती है अधिकारियों का बंगला इस रोड पर होता तो उन्हें मालूम होता कि रोड पर चलना कितना जोखिम भरा है|

हम कब सुधरेंगे
कालरी निकलने ओवरलोड बेतहाशा चलने वाले गाड़ी फिर भी कालरी प्रबंधन द्वारा तिरपाल लगवाते न ओवरलोड ट्रकों में कोई अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं और ना ही पूरी तरह उखड़ चुकी खस्ताहाल सड़कों को दोबारा चुस्त-दुरुस्त भी नहीं किया जा रहा है जिससे राहगीरों को चलना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सडक आए दिन राहगीर जख्मी हो रहे
सड़क में गड्ढे नहीं बल्कि सड़क की पूरी तरह गड्ढे में तबदील हो गई है जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे जो खतरे का सबब बने हुए हैं जिसमें कई राहगीर पहले भी अपनी जान तक गवा चुके हैं और कई अपने हाथ पैर तक तुडवा चुके हैं फिर भी प्रशासनिक अधिकारी इस रास्ते से अंजान बने हुए हैं लोगों का रोज कई बार आना जाना होता है लेकिन आंख में पट्टी बांधे हुए हैं जिससे उन्हें सड़के नहीं दिखाई देती सवाल यह है कि क्या आला अधिकारी के नकारात्मक सोच के चलते मासूम राहगीर कालरी कर्मचारी लोगो को कब तक अपनी जान देधोओकर इस गड्ढे में गिर गिर कर चुकाते रहेंगे ।
सड़क दुर्दशा आंसू बहा रहा
ओवरलोड ट्रक और हाइवा वालो के तो क्या कहने कालरी प्रबंधन एक बार कहकर चुप हो गई कोयला लोड ट्रक में कृपा पन्नी लगाकर की कोयले का परिवहन करें लेकिन प्रबंधन द्वारा शक्ति से प्रदूषण पर रोक लगाने में असमर्थ देखी जा रही है जिससे कालरी के गाइड लाइंस का खुला उल्लंघन यहां देखा जा सकता है |
हिलखोरे खाते वाहन
दर्जनों गांव को जोड़ने वाली सड़क समस्या से निजात नहीं मिल पा रहा है। कहीं घुटनों तक पानी और कीचड़ और कहीं गहरे गड्ढे में हिचकोले खाते वाहन के कारण लोगों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा है। जनप्रतिनिधियों के टालमटोल रवैये के कारण नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। एक तरफ जनप्रतिनिधि विकास का ढोल पीट रहे हैं, दूसरी तरफ लोग सुबह से रात तक समस्या से जूझ रहे हैं।

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