डॉ यशवंत सिंह का नही छूट रहा चितरंगी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कुर्सी का मोह,या BMO के लगाव ने बांध रखा है डॉ यशवंत सिंह को।

सिगरौली:-मामला चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ संविदा चिकित्सक डॉ यशवंत सिंह का स्थानांतरण जिला चिकित्सालय बैढन में 14 नवम्बर 2017 को प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देशानुसार एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल के द्वारा किया गया था जहां करीबन तीन साल तक वे जिला चिकित्सालय में आमद नही दिए।डॉ यशवंत सिंह L.S.A.S प्रशिक्षित हैं,29 जुलाई 2020 को प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मध्यप्रदेश शासन भोपाल के अध्यक्षता में आयोजित मातृ स्वास्थ्य समीक्षा वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिले की नान फक्शनल सीमांक C.H.C.चितरंगी की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान C.H.C.चितरंगी में डॉक्टर यशवंत सिंह संविदा चिकित्सा अधिकारी L.S.A.S प्रशिक्षित के बारे में जानकारी ली गई ।
जहां डॉ यशवंत सिंह ने साफ तौर पर कहा था कि बैढन जिला चिकित्सालय में कार्य करने के इच्छुक हैं,लेकिन उन्हें कार्य मुक्त नही किया जा रहा है।चिकित्सक के इस जवाब से प्रमुख सचिव काफी नाराज हुए और उन्होंने तत्कालीन C.M.H.O. डॉ आर .पी .पटेल ने 5 अगस्त 2020 को चितरंगी C.H.C.से संविदा चिकित्साधिकारी प्रशिक्षित एनेस्थीसिया डॉ यशवंत सिंह को भार मुक्त कर दिया।किंतु हैरानी की बात है कि C.M.H.O. के द्वारा एकतरफा भार मुक्त किये जाने के बावजूद विवादित चिकित्सक तकरीबन एक महीने तक जिला चिकित्सालय मे अपनी उपस्थिति दर्ज नही कराया है,और चर्चा है कि उनका चितरंगी C.H.C से उनकी मोह माया नही छूट रही।बल्कि बीच मे डॉ यशवंत सिंह के भी सुर बदल गए।नवागत C.M.H.O.डॉ एनके जैन ने शुक्रवार को B.M.O.चितरंगी को पत्र लिखकर तत्काल तीन दिवस के अंदर कार्यमुक्त किये जाने के लिए निर्देशित किया।
*जनता का बड़ा सवाल*
आखिर ऐसा क्या लगाव है डॉ यशवंत का की नही हो रहा मन चितरंगी से जाने का,उनको लगाव है कि B.M.O.की संरक्षण पाकर नही जाना चाहते है डॉ यशवंत ,मिली जानकारी जे अनुसार कुछ गहरे संबंधो के कारण B.M.O. चितरंगी नही कर रहे यशवंत सिंह को भार मुक्त ,अधिकारियों को और उनके आदेशों को सायद डॉ समझे है पैरों की धूल,क्या इन्हें अपने कर्तव्य के गौरव की खिल्लियां उड़ाने में आ रहा मजा ,या डॉ यशवंत सिंह यहां के आरामो और ऐशों को नही छोड़ना चाहते ,क्योंकि जो नौकरी का आनंद यहां पा रहे है सायद ओ कहीं न मिले उसका है उन्हें भय ,क्योंकि ड्यूटी न जाना देर दरार से जाना डॉक्टर साहब का पेशा ही है।इसी लिए उच्च अधिकारियों के आदेशों की उड़ा रहे खिल्लियां।

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