भ्रष्टाचार माफिया रिश्वतखोरी को सलाम करता आडियो न जल जंगल जमीन मैडम भ्रष्टाचार में तल्लीन
शहडोल :-जिले में खनिज संपदाओं का अवैध उत्खनन कई सालों से अनवरत चला आ रहा है यह बात यहां की भोली-भाली जनता के संज्ञान में है और यह बात किसी से नहीं छुपी है शहडोल जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में भी अवैध परिवहन वा उत्खनन जोरो से चला आ रहा है यह अवैध उत्खनन व उसका परिवहन प्रशासन की नाक के नीचे से होता रहा है कई बार अधिकारियों के संरक्षण दिए जाने के आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आते रहे हैं वर्तमान में ही गोहपारू रेंजर पुष्पा सिंह का वॉइस कॉल रिकॉर्ड वायरल हुआ है जिसमें खनिज माफिया और मैडम के बीच वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के संलिप्तता व लेनदेन के साथ ही पत्रकारों को लेकर अपशब्दों का प्रयोग भी किया गया है बड़ी ही गंभीर बात है कि कोई जिम्मेदार पद में बैंठी रेंजर एक रेत माफिया नवाब खान से हंस हंस के प्रशासनिक सेटिंग की विभागीय कॉर्पोरेट के सेटिंग्स ओर कॉर्पोरेट करने की बातें कर रही हैं.?
रिकॉर्डिंग में माफिया को पूरा सहयोग देने की बात भी कही जा रही है :- वायरल हुए इस कॉल रिकॉर्ड में मैडम खुद को अन्य जगह सेट नहीं होने की बात कहते हुए माफिया को संपूर्ण सहयोग देने की बात कह रही हैं रिकॉर्डिंग में खनिज माफिया डीएम एसपी एसडीएम तहसीलदार एवं पत्रकारों को देते देते धंधे में मार्जिन नहीं बचने की बात कह रहा है प्राप्त सूत्रों के अनुसार यह कॉल रिकॉर्ड जनवरी-फरवरी 2020 के मध्य का है लेकिन यह कॉल रिकॉर्ड किसी भी समय का हो मगर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह उठा रहा है जिस प्रकार से यह आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है अगर इसमें कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होती है तो डर है कि कहीं कोविड-19 से बेरोजगार हुए लोगों का शासन प्रशासन से विश्वास उठना जाए और शहडोल संभाग में अराजकता का माहौल फैल जाए..?
कुछ महत्वपूर्ण बातें यह भी:–
बेबाक शक्ति न्यूज के प्राप्त सूत्रों के अनुसार कथित ऑडियो जनवरी-फरवरी 2020 के मध्य का है जब एसपी अनिल सिंह कुशवाहा पदस्थ होते हुए अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे थे साथ ही तत्कालीन कलेक्टर ललित कुमार दहिया अपने पद में रहकर अपने पद का भरपूर इस्तेमाल कर रहे थे कहा जाए तो ऐसा है कि कीचड़ किसी का और पैर किसी और का छींटा पड़े किसी और पर, प्राप्त सूत्रों से जानकारी के अनुसार पुष्पा सिंह जब से रेंज गोहपारु में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं तब से ही उनके ऊपर विभागीय जांच वह शिकायतें अनवरत चली आ रही हैं परंतु उनके ऊपर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई थी ना ही जांच चलते हुए अटेच किया गया था..? परंतु वर्तमान में पदस्थापित अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए जितनी बड़ी कार्यवाही अभी तक की है वह प्रशासन तंत्र की विश्वसनीयता को मजबूत करती हैं ज्ञात सूत्रों के माध्यम से यह भी बात सामने आई है कि उक्त समय के थाना प्रभारी सुभाष द्विवेदी पर भी पैसा लेन देन कर मामला पंजीबद्ध करने का मामला सामने आया था जोकि विभागीय जांच में दब कर रह गया है मामले में सुभाष द्विवेदी को लाइन अटेच भी किया गया था यह वही सुभाष द्विवेदी हैं जो वर्तमान में शहडोल थाने में अपनी सेवाएं दे रहे है आखिर कैसे.? प्राप्त जानकारी के अनुसार सुभाष द्विवेदी को लाइन अटैच कर दिया गया था मगर किन आदेशों से उन्हें शहडोल में सेवा देने का मौका मिला है यह एक जांच का विषय है..? उस समय के गोहपारु रेंज के रेंजर सहित डिप्टी रेंजर व थाना प्रभारी के ऊपर भी जांच की आवश्यकता है जिससे वर्तमान प्रसासनिक तंत्र पर उठे सवालों का जवाब मिल सकता है व दूध का दूध ओर पानी का पानी हो सकता है..?
महत्वपूर्ण विषय
वर्तमान शहडोल कलेक्टर सतेंद्र सिंह द्वारा उक्त मामले में पेपर कटिंग सहित लिखित रुप से जांच के आदेश संबंधित विभाग को जारी किये जा चुके है।

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