कलेक्टर साहब उपयंत्री पुष्पाजली से दिलाओ हमारा 5000-5000रुपया

सरकार की योजनाओं का जम के लाभ ले रहे अधिकारी -कर्मचारी ,गरीब ग्रामिण भटक रहे दर-दर
अखिलेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट……
पंचायतो मे क्या गरीब ग्रामिणो को सरकार की योजनाओं का लाभ मिलता है या नहीं सबसे बड़ा सवाल बना है फ्री की योजनाओं मे जब तक अधिकारीयों के जेब नही भरती तब तक योजनाओं का लाभ मिल सके संभव नहीं है वही प्रदेश सरकार हो या केंद्र सरकार टीवी हो या पेपर या नेताओं के कार्यक्रम जाहां चिल्ला चिल्ला कर गरीब जनता को योजनाओं का लाभ देने की घोषणा व बाते सुनने को मिलता है पर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है कोई भी योजना हो संबंधित अधिकारी को अगर कमीशन नही मला तो समझो योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता है इन दिनों जनपद पंचायत बुढार मे एैसा ही चल रहा है वही नजाने क्यो जनपद के मुखिया ने अपने कान और आंख बंद कर लिया है बुढार जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायतो मे इन दिनों जमके भ्रष्टाचार चल रहा है और बुढार जनपद के मुखिया कुंभकरणीय निद्रा सो रहे है |
शहडोल|बुढार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मे जमके भ्रष्टाचार चल रहा है वहीं लगातार समाचार पत्र मे प्रकाशित खबरों के बाद भी बुढार जनपद के मुखिया नजाने क्यो बुढार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मे चल रहे भ्रष्टाचार कर रहे कर्मचारीयो पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं वहीं बुढार जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत झिरिया के गरीब ग्रामिणो ने बुढार जनपद पंचायत के मुखिया से न्याय न मिलने से दुखी होकर पहुचे जिले के मुखिया कलेक्टर साहब के पास और सुनाई अपनी समस्या
जनपद पंचायत बुढार की उपयंत्री पुष्पाजली तिवारी द्वारा पशु शेड दिलाने के नाम से 5000-5000रुपये वापस दिलाने एवं उपयंत्री पुष्पाजली तिवारी पर कडी कार्यवाही करने की मांग |
यह है पुरा मामला
काफी दिनों से परेशान गरीब बुढार जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत झिरिया केे ग्रामिण ने बताया कि हम प्रेमचन्द महरा पिता ईश्वरदीन महरा,रामविशाल विश्वकर्मा पिता रामसेवक विश्वकर्मा ,भीमसेन बैगा पिता ददूनी बैगा , मनसुखलाल साहू पिता नन्हू साहू , भारत महरा / रामलाल महरा बुढार जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत झिरिया के निवासी है। ग्राम पंचायत झिरिया में रोजगार गारंटी योजना से पशु शेड बनवाये जाने की जानकारी हमें मिली । हमारे द्वारा पशु शेड योजना का लाभ लेने हेतु ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव से सम्पर्क किया गया। जिस पर सरपंच एवं सचिव द्वारा बताया गया कि आप अपना रिकार्ड कार्यालय में जमा करें, जिससे ग्राम पंचायत की उपयंत्री को कार्यवाही हेतु उपलब्ध कराया जा सके। हमारे द्वारा ग्राम पंचायत की रिकार्ड उपलब्ध कराया गया था, जिसे ग्राम पंचायत द्वारा उपयंत्री को उपलब्ध करा दिया गया था किन्तु कई दिनों तक हमें योजना का लाभ न मिलने पर हमारे द्वारा सचिव से सम्पर्क किया गया तो सचिव द्वारा बताया गया कि उपयत्री पुष्पाजली तिवारी से सम्पर्क करें। जब हम उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी से सम्पर्क किया गया तो उनके द्वारा बोला गया कि 5000-5000 रूपये लगेगें. तब तुम लोगों का पशु शेड स्वीकृत होगा, पैसा नहीं दोगे तो काम नहीं होगा हम सब गरीब है किन्तु पशु शेड बनाने हेतु हमारे द्वारा पैसे की व्यवस्था कर सभी लोग 5000 रूपये के मान से रुपया उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी को दिया गया किन्तु आज दिनांक तक हम लोगों का पशु शेड स्वीकृत नहीं किया गया है।
न मुझसे मिलो, न फोन लगाओ अपने सचिव, सरपंच, उपयंत्री से कराओ काम
बुढार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत झिरिया केे ग्रामिणो ने बताया उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी से हमारे द्वारा कई बार मोबाईल से सम्पर्क किया गया किन्तु उनके द्वारा मोबाईल नहीं उठाया जा रहा है। जनपद पंचायत में कई बार आने पर एक बार जब पुष्पांजली तिवारी से सम्पर्क हुआ तो उनके द्वारा बोला गया कि अब मैं आपके ग्राम पंचायत की उपयंत्री नहीं हूं, जो उपयंत्री है उससे काम करवा लो । जिस पर हमारे द्वारा अपने पैसे की मांग की गई जिस पर उनके द्वारा बोला गया कि कोई पैसा नहीं मिलेगा, जाओ अपने उपयंत्री और सरपंच सचिव से मिलकर काम करवाओ। अब मुझसे न कभी मिलना और न कभी फोन लगाना।
रुपया वापस दिलाने ग्रामीण कर रहे मांग
बुढार जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत झिरिया पंजायत के ग्रामीण ने मांग किया है हम सब गरीब परिवार से आते है, कृषि और मजदूरी कर अपना भरण पोषण कर रहे है। उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी जैसे अधिकारी हम गरीबों का हक मारते है।
हम सब शपथ पूर्वक यह निवेदन करते है कि उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी द्वारा हमे पशु शेड दिलाने के नाम से 5000-5000 रूपये लिये गये है, जिसका शपथ-पत्र संलग्न है। कलेक्टर साहब से निवेदन है कि हम गरीबों का पैसा उपयंत्री पुष्पांजली तिवारी से वापस कराते एवं संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाय |

Subscribe to my channel
Comments are closed.