मुकेश तिवारी निवासी ब्यौहारी को एक लाख का बंध पत्र एवं उतने का ही मुचलका अधिरोपित
अखिलेश कुमार शर्मा……..
शहडोल | कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ सत्येंद्र सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5,6 एवं 7 के अंतर्गत मुकेश तिवारी पिता रामदुलारे तिवारी निवासी ब्यौहारी जिला शहडोल को एक लाख रूपये का बंधक पत्र एवं उतने ही राशि का मुचलका न्यायालय में पेश करने तथा प्रत्येक माह संबंधित थाना में अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश जारी करते हुए लेख किया है कि, यदि अनावेदक गंभीर आपराधिक कृत्यों में पाया जाता है तो उसके विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञातत्य हो कि, मुकेष तिवारी पिता रामदुलारे तिवारी जो विगत वर्षाें से अपराधिक गतिविधियों में संलग्न हंै उसके द्वारा थाना क्षेत्र में अपने साथियों के साथ मिलकर थाना क्षेत्र में आम जनता के साथ मारपीट शांति भंग करने जैसे संगीन अपराधों का आदतन अपराधी बन चुका है, अनावेदक के विरुद्ध समय-समय पर अनेकों प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर वैधानिक कार्यवाही की गई है, इसके बावजूद अनावेदक अपने साथियों के साथ मिलकर निरंतर अपराध घटित करते चला आ रहा है, अनावेदक के उक्त आपराधिक कृत्य से आम जनता के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है तथा जनता का स्वच्छंदता से रहना मुश्किल हो गया है, अनावेदक के कृत्यों से आम नागरिकों में भय एवं आतंक का वातावरण पैदा हो गया है, अनावेदक गरीब जनता एवं क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों में आतंक भय का वातावरण निर्मित कर शोषण करता रहा है अनावेदक की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने हेतु समान्य प्रचलित कानूनों के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही की गई, किंतु इसकी अपराधिक एवं आतंक फैलाने वाले कदमों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है एवं कोई भी सुधारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हो रहा है, अनावेदक विगत वर्र्षों से अब तक लगातार अपराधिक गतिविधियों में संलग्न है।
पुलिस अधीक्षक शहडोल के प्रतिवेदन एवं अभियोजन साक्षी के कथन के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 8(1) के तहत अनावेदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था कि उपरोक्त वर्णित अपराधों के परिपेक्ष्य में आपराधिक गतिविधियों में अंकुश लगाने व शांति सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु शहडोल जिला एवं निकटवर्ती जिला सीधी, सतना, उमरिया एवं अनूपपुर की सीमाओं से 1 वर्ष के लिए क्यों ना निष्कासित किया जाए।
प्रकरण में परीक्षणोपरांत यह पाया गया कि अनावेदक के विरुद्ध विगत वर्षाें से लगातार अपराध दर्ज हैं, पुलिस अधीक्षक शहडोल द्वारा अनावेदक के इस तथ्य से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि अनावेदक के विरुद्ध विगत वर्षों से लगातार आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनावेदक के प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर विचारोपरांत उक्त कार्यवाही कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेªट डाॅ. सतेन्द्र सिंह द्वारा की गई है।

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