महिला की हत्या के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
(जादू टोना करने की बात को लेकर की गई थी महिला की हत्या)
शहडोल। दिनांक 09.02.2021 को ब्यौहारी न्यायालय के श्रीमान् अपर सत्र न्यायाधीश महोदय के द्वारा थाना ब्यौहारी जिला शहडोल के अपराध क्रं0 673/2020, में अभियुुक्त मंगलेश सिंह गोंड़ पति बालकरण सिंह गोंड़ उम्र-46 वर्ष निवासी ग्राम मड़उडोल थाना ब्यौहारी थाना-ब्यौहारी, जिला-शहडोल को धारा 302 भा0द0स0 में जमानत का लाभ न देते हुए अभियुक्त की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 439 दं0प्र0सं0 निरस्त कर दिया गया। शासन की ओर से उक्त प्रकरण में जमानत याचिका का विरोध श्री आर.के. चतुर्वेदी अति0 जिला लोक अभियोजन अधिकारी ब्यौहारी, जिला-शहडोल द्वारा किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरणः-
सम्भागीय जनसंपर्क अधिकारी श्री नवीन कुमार वर्मा द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 22/09/2020 को सुुबह 100 नंबर डायल से सूचना प्राप्त होने पर पुलिस दल ग्राम मड़उडोल पहुंचा, जहां मौके पर फरियादी गोविंद सिंह गोंड ने रिपोर्ट लेख कराई कि सुकवरिया बाई मेरी बड़ी बहन थी जो मझिला बाई बालमुकुंद के घर में रहती थी। चाचा का लड़का कमलेश सिंह 04-05 दिन से बीमार था, जिसका उपचार कराने कल कटनी लेकर गए थे जो आज सुबह करीब 04 बजेे कमलेश की मृत्यु होने पर वापस घर लेकर आए थे। जिसकी सूचना मिलने पर मैं कमलेश के घर में ही था, तभी सुबह करीब 07 बजे भतीजा ओमप्रकाश ने फोन कर बताया कि अभियुक्त मंगलेश टोना-जादू की बात को कहकर बुआ सुकवरिया को कुल्हाड़ी से मारपीट कर रहा है, उसके कुछ देर बाद ही अभियुक्त मंगलेश एक हाथ में कुल्हाड़ी व एक हाथ में बहन सुकवरिया बाई का सिर लेकर अपने भाई कमलेश के घर गया जिसे वहां पर उपस्थित गांव के लोग देखे और बोले कि यहां क्यों लेकर आए हो, जहां मारे हो वहां रख दो, नही तो थाना जाओ। तब अभियुक्त मंगलेश वहां से सुकवरिया बाई की मुंडी लाकर जहां मारा था उसके धड़ के पास रख दिया। अभियुक्त ने जादू-टोना करने की बात को लेकर सुबह 07 बजे मेरी बहन सुकवरिया बाई को बोर के पास कुल्हाड़ी से गला काट कर हत्या कर दिया है। उक्त रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया, जिसके बाद पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त को न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इसके बाद अभियुक्त द्वारा माननीय अपर स़त्र न्यायालय के समक्ष जमानत आवेदन पत्र पेश किया गया, जिस पर सुनवाई करते हुए, अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के सषक्त तर्को से सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया।
दिनांक-11/02/2021

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