सूदखोरों के प्रतिष्ठान व आवास में दबिश,भारी मात्रा में एटीएम पासबुक जप्त

शहडोल । जिले के कोयलांचल नगरी धनपुरी में एसपी की स्पेसल टीम ने सूदखोरों के प्रतिस्थान व आवास में दबिश देकर कार्यवाही की है। इस कार्यवाही में कई सूदखोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है । रात भर चला आपरेशन सुबह होते-होते शहडोल पहुंच गए सूदखोर धनपुरी जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सूदखोरी सूदखोरों का गढ़ माने जाने वाले इस अंचल में पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी ने पूरी रात सर्च अभियान चलाकर सूदखोरों को उनके घरों से पकड़ा यही नहीं है खबर है कि सूदखोरों के पास से भारी मात्रा में पासबुक चेक बुक एटीएम शपथ पत्र और ऐसे ही अन्य दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं। जिनको थाने में लाकर उनकी छानबीन की जा रही है।
गौरतलब है कि बीते कई दशकों से चल के धनपुरी क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के नेता जवाहर जसवानी के भाई कालू जसवानी और कांग्रेसी नेता मुनव्वर मुबारक मास्टर के छोटे भाई मुनव्वर खान तथा कारोबारी बृजवासी अग्रवाल तथा अन्य कई ऐसे नाम से जो सूदखोरी की सूची में है।
सूद खोरो मे मचा हड़कंप
बीते कई दशकों से कोयलांचल में सूदखोरी का कारोबार कर कथित आरोपी रसूखदार बंद कर बैठे थे पूर्व में भी इनके खिलाफ स्थानीय थाने और अन्य स्थानों पर लगातार शिकायतें मिलती रही थी लेकिन अब तक कभी भी पुलिस ने सूदखोरों के इन केंद्रों पर अपना डंडा नहीं चलाया था खबर है कि रात लगभग 3:00 बजे के आसपास कालू जसवानी को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार किया वही सुबह होते-होते मुनव्वर खान और उसके बाद बृजवासी अग्रवाल को भी धनपुरी थाने लाया गया इनके विभिन्न प्रतिष्ठानों और निवास स्थान पर भी पुलिस ने सर्च अभियान चलाया है । हालांकि इस संदर्भ में पुलिस ने अभी तक कोई भी प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है। और नहीं इस बात का खुलासा किया है । कि उनके पास से क्या-क्या वस्तुएं जप्त हुई है । लेकिन पुलिस द्वारा की गई है कार्यवाही चल में आग की तरह फैल चुकी है और अन्य सूदखोरों तथा माफिया में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो चुकी है।

सूद चुकाने के बाद भी सूदखोर मिट्ठू – बिस्सु मांग रहे 6लाख का ब्याज
रामकरण विश्वकर्मा निवासी चौराडीह ने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी सूदखोर रामसुमन जायसवाल एवं बेटा बृजकिशोर उर्फ बिस्सू जायसवाल कर्ज की राशि अदा करने के बाद भी प्रताड़ित कर रहे हैं। रामकरण विश्वकर्मा राजेन्द्र कोल माइंस से सेवानिवृत्त कर्मचारी है। सेवा अवधि में आवश्यकता के लिए रामकरण ने वर्ष 2011सिंराैजा निवसी रामसुमन जायसवाल से 60 हजार रुपए उधार लिया था।जिसमें रामकरण ने पांच हजार रुपए प्रतिमाह अदा करता था। साल 2014 तक उसने रामसुमन को पैसा अदा किया था। वर्ष 2014 में तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए 1लाख 40हजार रुपए फिर से रामसुमन जयसवाल से उधार लिया था |इसकी गारंटी के तौर पर दो खाली चेक दिया था व नोटरी कराए थे तबीयत ठीक होने के बाद दस हजार रुपए प्रतिमाह पैसा वापस करने लगा था । मार्च 2019 तक दस हजार रुपए प्रतिमाह पैसा अदा किया तथा पैसा व ब्याज अदा करने के बाद रामसुमन जायसवाल से अपना दो चेक में तथा नोटरी वाला कागज वापस मांगा तो उसने बाद में देने के लिए बोला लेकिन कागजात वापस नहीं किया। 21 मार्च को रामसुमन जायसवाल व बेटा बृजकिशोर आए और ब्याज का छह लाख रुपए मांगने लगे। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई। जिस पर मामला दर्ज किया |
थानो मे आखिर क्या कमी है
आखिर क्यों रामकरण विश्वकर्मा निवासी चौराडीह पहुंचा पुलिस अधीक्षक के पास कही न कहीं रामकरण विश्वकर्मा को लगा कि खैरहा पुलिस का साट-गाट है सिंरौजा के सूतखोर रामसुमन जायसवाल व बेटा बृजकिशोर से सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्षेत्र में थाना होने के बाद भी ग्रामिण न्याय पाने पहुच रहे पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी के पास और संवेदनशील पुलिस अधीक्षक दुर-दुर से आये ग्रामिणो की समस्या बडी गंभीरता से सुन त्वरित कार्यवाही भी करते हैं वहीं बिगद दिनो पहले ब्यौहारी व जैसिंनगर और अब खैरहा थाना अंतर्गत चौराडिह का ग्रामिण की समस्या सुनी पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश कुमार गोस्वामी ने की कार्यवाही |पुलिस अधीक्षक के कडे निर्देश के बाद भी ग्रामिणो को थाने की पुलिस पर भरोसा नही आखिर एैसे क्यो |
सवालो के घेरे मे थाना खैरहा
वही सूत्रो से पता चला है की पुलिस अधीक्षक कार्यालय से खैरहा थाना पहुचा शिकायत पर खैरहा थाना प्रभारी श्री चतुर्वेदी जी ने बडी ततपर्ता से सिंरौजा के सूदखोर रामसुमन जायसवाल उर्फ़ मिट्ठु व बेटा बृजकिशोर उर्फ बिस्सु के घर पर छापेमारी कर बैंक के पासबुक, एटीयम भी बरामत किये जो जन चर्चा का विषय बना हुआ है क्षेत्र में वही सुबह से चली चहल -पहल दोपहर मे रेस्टहाउस मे आराम करने के बाद श्याम तक ख़त्म हो गयी रामसुमन जायसवाल उर्फ़ मिट्ठु को खैरहा पुलिस ने छोड़ा और बेटे से चल रही है जांच अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद भी क्या सूत खोरो पर कोई कार्यवाही होती है या नहीं |

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