शहपुरा से जबलपुर के बीच ही इंसपेक्टर प्रदीप द्विवेदी दुनिया को अलविदा कह गए
पिछले तीन सप्ताह से मेडिकल कॉलेज में भर्ती पुलिस इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी को नया जीवन देने के लिए पुलिस ने 220 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इस ग्रीन कॉरिडोर से इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी को शहडोल मेडिकल कॉलेज से जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए विशेष निगरानी में ले जाया जा रहा था शहडोल जिले में पदस्थ इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी एक पखवाड़े पूर्व कोरोना से संक्रमित हो गए थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में उन्हें भर्ती किया गया था। जहां उपचार के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव हो गई थी लेकिन इस बीच अन्य बीमारियों ने उन्हें जकड़ लिया। था
पिछले कुछ दिनों से उनकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा था, जिसको देखते हुए पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य अमले ने उन्हें उच्च स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए जबलपुर ले जाने का निर्णय लिया। था इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जबलपुर शिफ्ट कराया जा रहा था
इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से जबलपुर शिफ्ट करने के लिए एक विशेष एंबुलेंस जबलपुर से ही बुलाई गई थी जिसमें अनुभवी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में वेंटिलेटर के माध्यम से जबलपुर ले जाया जा रहा था मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने बताया कि इंस्पेक्टर प्रदीप द्विवेदी की हालत बेहद नाजुक थी उन्हें आईसीयू वार्ड से एंबुलेंस तक शिफ्ट करने में लगभग 1 घंटे का समय लगा क्योंकि उन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही थी ताकि वह सुरक्षित एंबुलेंस तक पहुंच सकें। शहडोल से सीनियर डॉक्टर सचिन कारकुर की देखरेख में उन्हें जबलपुर के निजी अस्पताल तक पहुचाने के दौरान शहपुरा से जबलपुर के बीच ही इंसपेक्टर प्रदीप द्विवेदी दुनिया को अलविदा कह गए

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