भाजपा जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह की जारी सूची मे मृतक बना पदाधिकारी,शहडोल से लेकर प्रदेश तक हो रही किरकिरी, जिम्मेदारो पर उठने लगे सवाल….
शहडोल मे भारतीय जनता पार्टी की बामुश्किल घोषित कार्यकारिणी के बाद से ही जमकर किरकिरी हो रही है और जिम्मेदार पदाधिकारियो की योग्यता और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए जा रहे है कहा तो यह भी जा रहा है भारतीय जनता पार्टी शहडोल को जिंदा (जीवत) कार्यकर्ताओ को तवज्जो नही दिया रहा है लेकिन मरणोपरांत भाजपा के सच्चे सिपाही की सुध लेने की बजाए मृतक को पदाधिकारी बनाया जा रहा है साफ तौर पर क्या समझा जाए। मजबूत कद्दावर नेताओ से दायित्व निर्वहन की सीख अब काम नही आ रही है या मजबूती से अनुशासन का पाठ पढ़ाने वालो को तरजीह मिलना बंद हो गई…
शहडोल। भाजपा की जिला कार्यकारिणी गठित होने के बाद से लगातार सुर्खियां बटोरने वाली पार्टी की जिले से लेकर सूबे तक किरकिरी होने का मामला सामने आया है यहा भारतीय जनता पार्टी के द्वारा जारी पदाधिकारी की सूची पर सवाल उठाने शुरू हो गए है। यहा कोविड संक्रमण से जूझ रहे पपौन्ध निवासी कार्यकर्ता विन्धेश्वरी सिंह चर्तुवेदी की इलाज की दौरान मृत्यु हो गई थी जिसकी नाही सुध ली नाही शासन प्रशासन की योजनाओ का लाभ दिलाए जाने का प्रयास किया गया। परेशान हलाकान परिवार आज बेबाक शक्ति न्यूज के माध्यम से शासन की योजनाओ का लाभ दिलाए जाने की मांग कर रहा है है जिसके लिए जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह ने कोई पहल नही की अब सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान से परिवार मदद की गुहार लगा रहा है।
स्वर्गीय विन्धेश्वरी सिंह चतुर्वेदी के परेशान परिवार की परेशानी अभी कम हुई ना थी कि 3 माह बीतने के बाद भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह द्वारा ने जख्म कुरेदने का काम किया है जो गठित कार्यकारिणी मे स्वर्गीय विन्धेश्वरी सिंह चतुर्वेदी को जिला कार्यकारिणी सीमित सदस्य मनोनीत कर दिया गया। अब जिलाध्यक्ष को कौन बताए कि मृत आत्मा धरतीलोक मे भाजपा पदाधिकारी का दायित्वो का कैसे निर्वहन करेंगे।
गौरतलब होकि भाजपा कार्यालय मे आज दिन भर भीड़ बधाईया प्रेषित करता रहा क्योंकि लंबे समय के इंतजार के बाद पदाधिकारियो को सूचीबद्ध कर जिम्मेदारी सौंपी गई है। वही एक परिवार अपने पिता पति और बेटा को खोया है और आज फिर उसके जख्म को कुरेदा गया। वाह रे राजनयिक वाह रे राजनीति।।। अपने भाजपा ब्यौहारी मंडल के पूर्व पदाधिकारी को भूला दिया वही अब सवाल यह भी खडे हो रहे है पूरी मजबूती से जनता को विश्वास दिलाते हुए पार्टी कैसा चेहरा लेकर घर घर जाएगी। शहडोल भाजपा जिलाध्यक्ष पार्टी के अपने कद्दावर नेता को भूली गई और तो वही इनके पदाधिकारी कही न कही विवाद मे बने रहते है जिसका अब जिले से लेकर सूबे तक उपहास भी उड़ाया जा रहा है।
सुने पीड़ित परिवार की व्यथा…
मुझे पार्टी से तो कोई शिकायत नही है लेकिन पिता कोविड संक्रमित हुए और इलाज के दरमियान मेडिकल कॉलेज शहडोल मे पिता ने दम तोडा तब से आज तक किसी भी जिला पदाधिकारी ने हमारी सुध नही ली। आज तक हमे किसी भी शासकीय योजनाओ का लाभ नही मिल सका और कोविड संक्रमित हो इलाज के दौरान पिता की मौत के बाद हम बिखर से गए है।
पपौन्ध ब्यौहारी शहडोल







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