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धर्मातरण पर रोक हेतु बने केन्द्रीय कानून : विहिप

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विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन का प्रेस वक्तव्य
नई दिल्ली। मई 22, 2021. दिल्ली के जामिया नगर से धर्मातरण के षड्यंत्रकारियो के पकड़े जाने से आज पूरे देश को यह स्पष्ट हो गया है कि धर्मातरण का जाल कितना गहरा,व्यापक, घिनौना और राष्ट्रव्यापी है। ये लोग अभी तक भोले और मासूमों को अपना शिकार
बनाते थे। अब वे मूक-बधिर बालकों को भी निशाना बनाने का अमानवीय अपराध कर रहे हैं। कई बच्चे लापता हैं। इनको आतंकी गतिविधियों में शामिल किए जाने की आशंका है। इनको विदेशों से भी पैसा मिल रहा है तथा मुस्लिम समाज का एक वर्ग इनका समर्थन
भी कर रहा है। इसीलिए बिना तथ्यों के जाने एक मुस्लिम नेता ने इनको निरपराध घोषित कर दिया। हो सकता है इनके बचाव के लिए ये लोग बड़ी-बड़ी फीसें देकर बड़े वकीलों की एक फौजी भी खड़ी कर दे जैसा ये पहले भी करते रहे हैं। इनका यह षड्यंत्र आज का नहीं है। इस्लाम के भारत में प्रवेश के साथ ही धर्मातरण का कुचक्र शुरू हो गया था। इस षड्यंत्र का
स्वरूप राष्ट्रव्यापी है तथा इसके कई रूप सामने आ चुके हैं। इसीलिए एक न्यायपालिका ने कहा था कि लव जिहाद धर्मातरण का सबसे घिनौना रूप है। कोरोना काल में पीड़ितों की सहायता के लिए संपूर्ण देश पूर्ण समर्पण के साथ जुटा है परंतु, जेहादी और मिशनरी अपने इस घिनौने एजेंडे को लागू करने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश में धर्मातरण विरोधी कानून होने के कारण इनका यह गिरोह पकड़ा गया परंतु जहां यह कानून
नहीं है, वहां तो, इनके लिए मैदान खुला है। टूल किट गैंग इनकी सहायता के लिए तत्पर रहता
विहिप का मत है कि अब धर्मातरण के इस घिनौने स्वरूप की व्यापक जांच के लिए नियोगी कमीशन जैसा जांच आयोग बनाना चाहिए जिसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण देश हो। नियोगी कमीशन और वेणु गोपाल कमीशन ने धर्मातरण विरोधी केंद्रीय कानून बनाने की सिफारिश की
थी। संविधान सभा के कई सदस्य भी इसी मत के थे। इसलिए केंद्र सरकार को अवैध धर्मातरण रोकने के लिए एक कानून बनाने पर विचार करना चाहिए। धर्मातरण के कारण देश विभाजन की एक त्रासदी झेल चुका है और जेहादी आतंकवाद की पीड़ा का सामना कर रहा है। अब भारत को इस मानवता विरोधी षड्यंत्र से मुक्त कराने का समय आ गया है।

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