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बीट गार्ड योगेश वन रक्षक है या ब्लैकमेलर

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जिनक कंधो पर वन की सुरक्षा की जिम्मेदारी हो जो वन के पहरेदार है वन के जीवजंतुओ के साथ ही वन संपदा की रक्षा की जिम्मेदारी हो और ऐसे मे वन के पैहरेदार ही चंद रुपयो के लिए अपना जमिर बेच कर खुद वन संपदा बेचने के जुगाड मे लगे हो तो क्या वन और वन संपदा की सुरक्षा पर प्रश्न चिंह लग जाता है.? वहि सबसे बडा सवाल तो यह है कि जब वन रेंज से लेकर चौकी मे बैठे अधिकारी कर्मचारी चल रहे भ्रष्टाचर को जानने के बाद भी अगर अंजान बने बैठे हो तो सवाल तो उठता है वही इन दिनो फिर एक बार गोहपारु रेंज अंतर्गत क्षेत्र मे हो रहे वन विभाग के भ्रष्टाचार की चर्चा जिले तक पहुंच रही पर जिम्मेदार अभी भी अनजान बने बैठे।गोहपारु रेंज अंतरगत चौकी के बीट गार्ड का भ्रष्टाचार  रेंज के वन अधिकारी-कर्मचारीयो की ईमानदारी की धज्जियां उडा रहा ।अब देखना यह है कि गोहपारु रेंज अंतर्गत चौकी के बीट गार्ड पर वन विभाग के अधिकारी क्या कार्यवाही करते है या फिर बीट गार्ड के भ्रष्टाचार की मलाई सब मिल बांट कर खाते है या फिर क्या होगी बीट गार्ड पर कार्यवाही.? कई सवालो के घेरे मे( वन विभाग)गोहपारु रेंज …?? 


अखिलेश कुमार शर्मा/जमुना मिश्राकी खास रिपोर्ट (7999140850, 6260843976)

शहडोल।जिसके कंधो पर वन रेंज की जिम्मेदारी हो और जब रेंज व रेंज अंतर्गत चौकि क्षेत्र मे चल रहे भ्रष्टाचार की जानकारी नही हो क्या यह संभव है और अगर रेंज अधिकारी को वास्तव मे भ्रष्टाचार की जानकारी नही है तो गोहपारु रेज के रेंजर साहब की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिंन्ह खडे करता है।पर यह गोहपारु रेज के लिये को नया मामला नही है इसके पहले भी विगत दिनों पुर्व गोहपारु रेंज मे रेत मैनेजमेंट के वायरल आडियो ने वन विभाग के सम्भाग में बैठे अधिकारियों के ईमानदारी की तमाम काले चिट्टों को आम जन-मानस के समक्ष आईने की तरह साफ रख दिया था ।(“”हम आपको बतादे कि ब्लैकमेलर बीट गार्ड योगेश पयासी और पीडित अंगद प्रजापति के बिच हुई बातचित के कई आडियो हमारे पास सुरक्षीत रखे है जिनमे बीट गार्ड कैसे गरीब ग्रामीण से ब्लैकमेल करता है रुपये मांगता है तथा मिलकर काम करने का दबाव बनाता है”””” )

 रेंजर गोहपारु की सक्रियता पर प्रश्न जिन्ह गोहपारु

रेंज अंतरगत लफदा वनचौकि का बीट गार्ड कैसे गरीब ग्रामीणो को पहले पकडता है और फिर छोड देने के लिए रुपया लेेेेता है वही से शुुुरु होता है ब्लैकमेलिंग का सिलसिला । जिसे मीडीया ने वन विभाग मे हो रहे भ्रष्टाचार को  रुप से प्रकाशित भी किया पर अजब- गजब का है वन विभाग जब गोहपारु रेंज मे बैठै रेंजर साहब को क्षेत्र मे बीट गार्ड के भ्रष्टाचार की जानकारी आखिर क्यो नही हुयी इससे आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि गोहपारु रेंजर साहब अपने कार्य व अपनी जिम्मेदारीयो के प्रति कितने सक्रिय है कि रेंज मे बैठे रेजर साहब को चौकी क्षेत्र मे बीट गार्ड के भ्रष्टाचार  से आखिर क्यो अंजान बने है जो कि रेंजर गोहपारु की सक्रियता व इमानदारी पर प्रश्न जिन्ह लगाता है.?

बीट गार्ड दे रहा कार्यवाही करने की धमकी

वन चौकी लफदा में पदस्थ बीट गार्ड योगेश कुमार पयासी के द्वारा ग्राम तितरा क़े रहने वाले अंगद प्रजापति से पैसे की मांग लगातार किया जा रहा था तब हमारे रिपोर्टर को जानकारी मिलने क़े बाद अंगद प्रजापति के मोबाइल से पुरी घटना की जानकारी ली गई और फिर बीट गार्ड के मो.नं. पर संपर्क किया गया उसके बाद से ही अंगद प्रजापति के मो.पर नए नंबर से फोन आने लगे और उनके द्वारा बताया गया कि तुम कोयला के बहुत बड़े व्यापारी हो तुम्हारी शिकायत योगेश कुमार पयासी के द्वारा गोहपारु रेंंज मे शिकायत किया गया है तुम तुरंत योगेश पयासी से बात कर लो नही तो तुम्हारे उपर कार्यवाही हो जायेगी और जब अंगद प्रजापति ने बीट गार्ड योगेश कुमार पयासी से बात किया तो बिट गार्ड सिधे कहता है तुम बहुत होशियार हो मीडीया को बताते हो अब तो तेरे उपर कार्यवाही होगी । (पीडित:-साहब बीट गार्ड ने जबरन रुपया भी ले लिया अब कार्यवाही की धमकी देराहा है ।)
 पीडित अंगद ने बताया पुरा मामला 
गोहपारु रेंज अंतरगत वन चौकी लफदा क्षेत्र मे विगद दिने पुर्व रात में लफदा पोंडा नाला के पास कोयले से लदा ऑटो योगेश कुमार पयासी बीट गार्ड लफदा के द्वारा पकड़ा गया था गाडी पकडने पर पहले 800 रुपये लिऐ फिर आगे जाकर देवगढ गांव के पास फिर रुपया मांगने लगा तब वही कुछ मित्रो एव पहचान वालो से उधार लेकर 7000 रुपये दिया पर मेरे आधार कार्ड गाडी की फोटो व विडीयो बना कर रख लिया और सुबह  होते ही छोड़ दिया गया तथा कुछ दिन बाद फिर से मेरे मो.पर बीटगार्ड का फोन आने लगा फिर बीट गार्ड ने 2000 रुपये मागे जो मैने दुसरे के माध्यम से दिया फिर कुुुछ दिन बाद फिर बिट गार्ड का फोन रुपयो के लिये फोन मेरे मोबाईल पर आया तो परेशान होकर फोन पे के माध्यम से 1000 रुपये फिर दिया ऑटो चालक मालिक अंगद प्रजापति लफदा के बगल गांव का रहने वाला है ग्राम तितरा का अंगद प्रजापति ने बताया कि पैसे लेकर मेरी गाड़ी सुबह छोड़ दी गई और लगातार कारवाही के दबाव बनाकर मेरे से पैसे की मांग तथा बीट गार्ड द्वारा मिलकर व्यापार करने की हिदायत दी गयी बीट गार्ड योगेंद्र कुमार 82 ने कहा की मेरेे साथ मिले रहो काम करते रहो… 1000-2000 रुपये हमे भी देते रहना जब मै ने अवैध काम करे से मना किया तो कार्यवाही की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रुपया मागता है मै बहुत परेशान हो गया हूं कभी गोहपारु रेज से फोन करवाता है कभी खुद फोन करता है और जब से बात मीडीया मे गयी उसके बाद नए नंबर से फोन आने शुरू हो गए। 

डिप्टी को भ्रष्टाचार की जानकारी, डिप्टीरेजर त्रिपाढी बने अंजान 

वन चौकी प्रभारी डिप्टीरेंजर त्रिपाढी को हमारे रिपोर्टर ने बताया की आपके बीट गार्ड के द्वारा क्षेत्र मे भ्रष्टाचार किया जारहा है तो डिप्टी साहब बडे रौब से कहते है कि जब फसेगा तो वो कोयला चोर भी फसेगा पर बीट गार्ड के भ्रष्टाचीर को जानने के बाद भी आज दिनाक तक डिप्डीरेंजर त्रिपाठी  द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी और सबसे बडा सवाल तो यह है कि डिप्डी रेंजर त्रिपाठी ने बीट गार्ड के भ्रष्टाचार की जानकारी गोहपारु मे बैठे रेंजर साहब को भी नही दी क्या। जिससे आप स्वयम ही अंदाजा लगा सकते है कि बीट गार्ड के भ्रष्टाचार  मे डिप्टीरेंजर साहब की भी सहभागिता होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है और अगर डिप्टीरेंजर त्रिपाढी की कोई सहभागिता नही है तो इतने दिन बीतने पर चौकी प्रभरी डिप्टी साहब ने अभी तक कोई कार्यवाही नही की आखिर क्यो सबसे बडा सवाल बना है..?(नोट:-बेबाक शक्ति न्यूज आडियो की पुष्टि नहीं करता है)


इनका कहना है 
जब पुरे मामले को बताया गया तो कहा गया की मुझे इस विषय मे कोई टिप्पणी नही देना मै कुछ नही कहना चाहता हूं।योगेश कुमार पयासी बीट गार्ड लफदा चौकि
अभी मेरा स्वस्थ ठिक नही है इस पुरे मामले के बारे मे मुझे कोई जानकारी नही है आपने बताया है तो कार्यवाही करुगा।दिनकर त्रिपाढी डिप्टीरेंजर लफदा चौकि….

मै पढा था आपका समाचार लेकिन पुरे मामले के जानकारी नही है आज आपने पुरे मामले की जानकारी दी है। गोहपारु रेंज से किसने फोन किया था उसका डिटेल और ग्रामीण अंगत  के आडियो भेजीऐ कल से मे इसकी जांच करता हूं और कार्यवाही भी करुगा  ।के.पी.प्रजापति रेंजर गोहपारु ……

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