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विभागीय योजनाओं का सघन प्रचार-प्रसार कर जन-जन तक पहॅूचाएं-कलेक्टर

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सब्जी एवं फल-फूल उत्पादन के लिए युवा किसानों का करें प्रोत्साहित-कलेक्टर
कृषि, उद्यान एवं सहकारिता से जुड़ें विभागों की समीक्षा बैठक सम्पन्न


शहडोल 05 अगस्त 2021- कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ० सतेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का सघन प्रचार प्रसार किया जाना सुनिश्चित करें ताकि आम जनमानस को जनहितकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके और वे पात्रता के अनुसार उसका लाभ ले सके और अपने विभाग से संबंधित जनहितकारी योजनाओं तथा सफलता की कहानी के वीडियो आदि जनसंपर्क कार्यालय को उपलब्ध कराएं, जिससे जनमानस को जानकारी प्राप्त हो सके। कलेक्टर ने सब्जी एवं फल फूल उत्पादन के लिए युवा किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को देते हुए कहा कि युवा किसानों को सब्जी संग्रहण बैंक के महत्व को बताएं जिससे सब्जी विक्रेता किसानों से सीधे सब्जी, फल-फूल इत्यादि खरीद कर सब्जी एवं फल फूल संग्रहण बैंक बनाकर एवं अन्य साथियों को जोड़ कर सीधे उत्पादक किसान से कम मूल्य पर खरीद कर क्षेत्रों का बंटवारा कर खरीदारों को ताजी सब्जी एवं फल फूल विक्रय कर सके। बैठक में कृषि अभियांत्रिकी से संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि कृषि अभियांत्रिकी उपकरण के संबंध में आवश्यक जानकारी आदि का फ्लेक्स ब्लॉक स्तर पर तहसील, कृषि कार्यालय, नगर पंचायत, नगर पालिका कार्यालय एवं अन्य दृष्टव्य स्थानों पर लगाएं, जिससे किसानों को नवीन कृषि उपकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो सके और उसका लाभ उठा सकें। उक्त निर्देश कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ० सतेन्द्र सिंह ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कृषि, उद्यान एवं सहकारिता से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक में दिए।
बैठक में कलेक्टर को उप संचालक कृषि ने अवगत कराया कि खरीफ फसल का 1 लाख 99 हजार हेक्टेयर धान की बोनी प्रस्तावित है और 1 लाख 75 हजार 700 हेक्टेयर अर्थात 78% बोनी पूर्ण हो चुकी है और बोनी का कार्य प्रगति पर है। बोनी का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। उप संचालक कृषि ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उनके द्वारा जिले के किसानों को समझाइश दी गई है कि नील हरित काई धान की फसल के लिए खेतों में डालें, खेतों में पानी रहना आवश्यक है इससे धान की खेती में नाइट्रोजन की कमी पूरी होगी और धान की उत्पादकता में वृद्धि होगी। बैठक में कलेक्टर ने खाद्य, बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक के लिए गए नमूनों की समीक्षा करते हुए कहा कि अमानक खाद्य, बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी रखें और अमानक पाए जाने पर उनको नोटिस देते हुए विक्रय भी प्रतिबंधित करें। बैठक में उप संचालक कृषि ने कलेक्टर को बताया कि एक खाद्य एवं बीज का नमूना तथा कीटनाशक का एक नमूना अमानक पाए जाने पर उनके विरुद्ध एफआईआर की कार्यवाही की गई है। बैठक में खाद्य विपणन अधिकारी ने कलेक्टर को अवगत कराया कि जिले में आज दिनांक 139 टन यूरिया, 46 टन डीएपी, 92 सुपर फास्फेट, 40 टन पोटास उपलब्ध है। खाद की उपलब्धता पर्याप्त सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयास किया जा रहा है तथा खाद की रैक भी शीघ्र आ रही है। कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि किसानों को जैविक खाद के फायदे के बारे में समझाएं और उन्हें जैविक खाद उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित करें। बैठक में उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत हल्दी उत्पादन में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीडियो आदि के माध्यम से युवा किसानों को हल्दी उत्पादन हेतु प्रोत्साहित करें। इसके लिए कपिलधारा से लाभान्वित किसानों को हल्दी उत्पाद से जोड़ें। बैठक में कलेक्टर को सहायक संचालक उद्यान ने बताया कि जिले में 2702 किसान हल्दी का उत्पादन कर रहे हैं और लगभग 922 हेक्टेयर में हल्दी उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग की आवश्यकता है, इसके लिए सघन प्रयास किया जाए। इसी प्रकार कलेक्टर ने बैठक में पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि बरसाती मौसम में जानवरों को गलघोटू एवं एकटंगिया बीमारी अक्सर होती है इसका ध्यान रखकर जिले के पशुओं का समुचित उपचार किया जाए, आचार्य विद्यासागर डेयरी, मुर्गी पालन उद्योग में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर को उप संचालक पशु चिकित्सा ने अवगत कराया कि 2019-20 की 8 गौशालाओं में 7 क्रियाशील हैं। जिसमें 419 पशुओं रखकर उन्हें उन्हें समुचित आहार प्रदान किया जा रहा है और 2020-21 के 30 गौशालाओं निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 28 की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। बैठक में कलेक्टर ने सहकारी डेयरी उद्योग के प्रबंधक को निर्देशित किया कि दुग्ध पार्लर आदि जिले में पर्याप्त संचालित कराना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध मार्क का गठन कार्य में प्रगति सुनिश्चित करें। मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर को अवगत कराया गया कि पट्टा आवंटन नए 8 हेक्टर में हो गया है इसी प्रकार मत्स्य बीज उत्पादन 3 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 1.5 करोड़ मछली बीज का उत्पादन किया जा चुका है और जिले की 5866 तालाब एवं जलाशयों में से 4300 का जीआईएस मैपिंग हो चुकी है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक फिश फीड मिल बनाने का कार्य प्रगति पर है और 09 मोटरसाइकिल विथ आइस बॉक्स तथा 03 ऑटो रिक्शा विथ आइस बॉक्स द्वारा मछली सप्लाई को क्रियाशील किया गया है। बैठक में कलेक्टर ने सहायक संचालक मत्स्य को निर्देशित किया कि हेचरी तालाबों आदि के वीडियो बनवाकर मत्स्य संपदा योजना को और प्रभावी बनाएं। बैठक में कलेक्टर ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सहकारी समितियों के अंकेक्षण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करें तथा सहकारिता इंस्पेक्टरों को सहकारी उचित मूल्य की दुकानों का अपने क्षेत्रांतर्गत नियमित परीक्षण एवं सुपरविजन भी करना सुनिश्चित करें। बैठक में उपायुक्त सहकारिता श्रीमती शकुंतला ठाकुर, उप संचालक कृषि श्री आर.पी. झारिया, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ० व्ही.व्ही.एस. चौहान, सहायक संचालक मत्स्य श्री शिवेंद्र सिंह परिहार, सहायक संचालक उद्यान श्री मदन सिंह परस्ते, प्रबंधक सहकारी डेयरी उद्योग श्री एस.के. सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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