न्यायाधीश ने थाना प्रभारी ब्योहारी को किया निर्देशित
आखिरकार पूजा और ऊषा नामदेव को फरार किया गया

शहडोल/ब्योहारी :- आज ब्योहारी न्यायालय ने राहुल नामदेव विकास नामदेव की फरियाद पर गंभीरता पूर्वक विचार भी किया और ऊषा नामदेव, पूजा नामदेव को जमानत का समय देने हेतु गिरफ्तार ना करने के कारण थाना प्रभारी ब्योहारी अनिल पटेल को गंभीरता से कार्य वाही हेतु निर्देशित किया।
पूर्ण बात यह थी कि रियाज सिद्दिकी,ऊषा नामदेव और पूजा नामदेव पर जालसाजी कर संपत्ति हथियाने के सारे साक्ष्य मिले थे जिसके कारण जिला पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार इन तीनों पर धारा 420,467,468,471,120 बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था परंतु ब्योहारी पुलिस द्वारा केवल रियाज सिद्दिकी को ही जेल भेजा गया था एवं गैर जमानती धाराओं के पश्चात भी उन्हें स्वतंत्र कर रखा था जिस पर विकास नामदेव ने हरसंभव प्रयास किया था परंतु 4 साल से इस प्रकरण पर प्रशासन की कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही थी परंतु सीआईबी आफिस न्यू बरौधा के द्वारा चार साल बाद प्रकरण को गंभीरता पूर्वक समझकर एवं दुखी और पीड़ित नामदेव परिवार का सहयोग कर अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला गया था परंतु प्रश्न यही था कि ब्योहारी पुलिस ने तो इस प्रकरण को काफी हल्के से ले रखा था इसलिए केवल रियाज सिद्दिकी को ही जेल भेजा और ऊषा नामदेव पूजा नामदेव को जेल नहीं भेजा उन्हे 438 का समय दिया जा रहा है जैसे ही इन दोनों अपराधियों के जमानत की अर्जी लगाई गई वैसे ही विकास नामदेव ने यह कहा कि इनको सजा ही नहीं हुई फिर जमानत कैसे होगी , इस बात पर जज महोदय ने थाना प्रभारी अनिल पटेल जी को बुलवाया और पूछा कि ऐसा क्यों किया गया था और यह एकदम गलत है जज साहब ने थाना प्रभारी को फटकारते हुए यही कहा कि अगर प्रकरण निपटाना नहीं आता तो यहां से चले जाइए जिस पर थाना प्रभारी ने कहा कि मैं अब गिरफ्तार करूंगा परंतु प्रश्न इस बात का उठता है कि जब गिरफ्तार ही करना था तो खुला क्यो छोड दिया स्पष्ट था कि जमानत का समय दिया जा रहा था जो कि आज अदालत में जज साहब के सामने सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो गया क्योकि जब फरियादी विकास नामदेव 2 महीने से न्याय हेतु सी एम हेल्पलाइन लगा रहा था पुलिस से न्याय मांग रहा था तब थाना प्रभारी कहते थे कि अभी जाच चल रही है तो यही बात न्यायालय में जज साहब के सामने भी कह देते परंतु वहां पर ना तो वो कारण बतला पाये एवं गिरफ्तार करने की बात भी कही आज उन्हे जज साहब का क्रोध सहन करना पड़ा इससे स्पष्ट हो गया कि कोई जांच नहीं चल रही थी किन्ही कारणों से शेष अपराधियों को गिरफ्तार करने के स्थान पर पुलिस स्वयं ही उनकी सहायता कर रही थी एवं न्यायालय में सडयंत्र और विधि विरुद्ध तरीके से 438 का प्रयोग कराना चाहा जो कि सिद्ध करता है कि काफी लंबी , साजिश थी ।
फरार हो गए ऊषा एवं पूजा – ब्योहारी पुलिस की उदासीनता के कारण जैसे ही न्यायालय ने गिरफ्तार करने की बात कही उसके बाद ऊषा नामदेव ओर पूजा नामदेव को फरार करवा दिया गया जबकि पुलिस चाहती तो तीनो को एक साथ गिरफ्तार कर सकती थी और यदि आज भी चाह लेती तो उन्हे भगाया ना होता,यदि अपराधी भाग गए तो इसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन है जिस पर ठोस कार्रवाई का प्रावधान होता है गलती नं 1 समय पर ही ऊषा और पूजा को गिरफ्तार क्यो नही किया गलती नं 2 अपराधियों का साथ देना उनको सुरक्षा देना और सी एम हेल्पलाइन करने पर उसे कटवाने का दवाब बनाते रहे और यदि ये फरार करवा दिए गए हैं तो इनको ऐसा करने को किसने कहा होगा पुलिस लगता है युवा पीढ़ी को अनपढ समझती है जो कि पत्रकारों से पूछने पर एक ही उत्तर दे रहे थे कि जांच चल रही है ऐसा कहकर यह सोचा जा रहा होगा कि सब पूछने वाले कानून नहीं जानते इसके कारण तो पुलिस प्रशासन पर भी कर्त्तव्यों के प्रति उदासीनता और पद के दुरुपयोग के तहत कार्रवाई भी हो जानी चाहिए क्योंकि गलती शत प्रतिशत पुलिस की थी फरियादी तो महीनो एडिया ही घसीटता रह गया ।
दूसरी और प्रमुख बात यह है कि ऊषा नामदेव और पुजा नामदेव जो आज न्यायालय की फटकार पुलिस को पडते ही फरार कैसे हो गए संदेह की बू आ रही है ब्योहारी पुलिस प्रशासन पर जबकि आर टी आई भी लगवाई गई थी ।
राहुल नामदेव से बिना पूछे उसकी संपत्ति को फर्जीवाड़े से बेचा गया तो अब तो संदेह का प्रश्नचान्ह तहसील न्यायालय के तहसीलदार, पटवारी ,आर आई,एस डी एम कार्यालयों पर खड़ा हो जाता है जिस बंटवारे को शहडोल कलेक्टर ने अवैध घोषित कर दिया उस पर इन लोगों ने अपनी ओर से एफ आई आर क्यो नही की ,अब बात यह है कि विकास नामदेव और राहुल नामदेव की घोर क्षति रियाज,पूजा,ऊषा के कारण हुई उसकी भरपाई तो कानूनन करनी ही पड़ेगी और यदि पैसे नहीं हैं तो अपना हिस्सा ही देना कानूनी गतिविधि है।
अभी बहुत कुछ बाकी है रीवा मैरिज कोर्ट कलेक्टर आफिस से राजा ठाकुर जो रियाज सिद्दिकी है उसकी शादी राजा ठाकुर बन पूजा से हुई जो कि शहडोल पुलिस ने इसके फर्जी दस्तावेजों को देख प्रकरण पंजीबद्ध कर दिया इसी आधार पर रीवा कलेक्टर ने विकास नामदेव को रीवा भी बुलाया है। यहां से शादी को अवैध करार दिया जा सकने की संभावना है।
आर्थिक क्षतिपूर्ति तो करनी ही चाहिए क्योंकि राहुल विकास को इन्ही तीनों ने करवाया था जो उसकी क्षतिपूर्ति भी उन्हें करनी चाहिए।

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