भ्रष्टाचार मुक्त धारणाधिकार की योजना से कैसे मिले हितग्राहियों को लाभ, प्रभारी मंत्री की बनी चुनौती…,?
शहडोल।शिवराज सरकार की लोक हितकारी योजना शहरी निवासियों को भूमि स्वामित्व का हक देना “धारणाधिकार योजना” मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गोद लिए हुए आदिवासी संभाग मुख्यालय शहडोल के लिए सपना बनता जा रहा है ।क्योंकि संबंधित नजूल विभाग मे वर्षों से पदस्थ डेपुटेशन पर नियुक्त आर आई चक्रवर्ती करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार धंधे की संभावना में की संभावना में एकाधिकार बनाए रखे हुए हैं। जबकि मध्यप्रदेश के कई जिलों में धारणाधिकार योजना का लाभ आम हितग्राही को मिल चुका है वही शहडोल में यह सपना बनता जा रहा है ।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार धारणाधिकार योजना के अंतर्गत लोगों को तत्काल बिना भ्रष्टाचार के भू स्वामित्व का हक मिले इस उद्देश्य योजना को ऑनलाइन सर्विस के जरिए आवेदन चाहे गए थे। बताया जाता है हजारों की संख्या में शहडोल में आवेदन लगाए गए हैं जिसमें कई आवेदन नजूल विभाग में पदस्थ चक्रवर्ती द्वारा नजूल विभाग के कंप्यूटर से आवेदन लगाए गए हैं। जबकि अन्य बहुत से आवेदन अपने चहेते कृष्णा ऑनलाइन सर्विस अस्पताल के सामने 3000 से ₹5000 तक प्रति आवेदन अग्रिम की शर्त पर चक्रवर्ती द्वारा लगवाए गए हैं । क्योंकि जबकि वास्तव में ऑनलाइन सर्विस में अधिकतम खर्च 500 से ₹1000 ही होता है किंतु जिनकी फीस ज्यादा है उन्हें इस बात का आश्वासन दिया गया है कि उन्हें धारणाधिकार योजना से पट्टा दिलाया जाएगा।
अपुष्ट सूत्रों के अनुसार कई लोगों से नजूल में पदस्थ चक्रवर्ती ने अग्रिम राशि भी लेकर अपने चहेते उच्चाधिकारियों के जरिए अपना एकाधिकार नजूल के कंप्यूटर पर बना रखा है। ताकि वह तय कर सके कि किसे पट्टा देना है और किसे नहीं। इस रस्साकशी में जबकि मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में योजना के तहत हितग्राहियों को लाभ दिया जा चुका है। वहीं शहडोल फिसड्डी हो गया है ।
गंभीरता से यदि कलेक्टर शहडोल जांच करेंगे तो नजूल कंप्यूटर में उन आवेदकों का आवेदन पाया जाएगा जिन्हें चक्रवर्ती ने अग्रिम राशि लेकर फीड किया है। और पट्टा वितरण के बाद पूरी राशि का बंदरबांट का आश्वासन भी उच्चाधिकारियों को दिया है। जबकि ऑनलाइन सर्विस में स्पष्ट तौर पर नजूल के कंप्यूटर का आवेदन के लिए उपयोग नहीं होना चाहिए था।
तो देखना होगा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गोद लिए हुए घोषित शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल क्या धारणाधिकार योजना के तहत हो रहे भ्रष्टाचार के चलते शहडोल में हितग्राहियों को वास्तविक लाभ दिला पाते हैं…? या फिर भ्रष्टाचार के हमाम में चक्रवर्ती के आश्वासन पर उच्च अधिकारी और मंत्री के पीए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के जरिए योजना को जमीन पर उतारते हैं, ताकि शहडोल भी इस बहुउद्देशीय दूरदर्शी योजना में प्रदेश में अग्रणी स्थान पा सके।

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