पंचायत चुनाव मजाक तो विद्युत उपभोक्ताओं से वसूली का फरमान – आजाद बहादुर

शहडोल:- भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में जहां एक ओर पंचायत चुनाव महज मजाक बनकर रह गया है। वहीं दूसरी तरफ समाधान योजना अंतर्गत विद्युत उपभोक्ताओं से राशि वसूली का फरमान अब लोगों की परेशानी का सबब बनता जा रहा है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने स्थानीय इंडियन कॉफी हाउस में पत्रकार वार्ता का आयोजन कर पत्रकारों को बताया कि कोरोना कॉल में प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं का बिजली बिल माफ कर वाहवाही लूटी गई थी। जो वर्तमान में अब वसूली के नाम पर उपभोक्ताओं पर कहर बनकर टूट रहा है। जिले के हजारों उपभोक्ताओं के पास समाधान योजना अंतर्गत माफ किए गए बिल की राशि वसूल किए जाने के फरमान भेजे जा रहे हैं। जिसमें यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि एकमुश्त राशि जमा करने पर 40% की राशि माफ कर दी जाएगी। सवाल यह उठता है कि जब पूरा बिल माफ कर दिया गया था, तो अब इस तरह के आदेश या नोटिस भेजने का क्या औचित्य है और 60% राशि भी विद्युत उपभोक्ता क्यों जमा करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह विद्युत उपभोक्ताओं के साथ सरासर अन्याय है और यदि इस ओर प्रदेश सरकार या जिला प्रशासन ध्यान नहीं देता है, तो अभी तो हम पत्रकारों के माध्यम से अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसके बाद हम स्वयं शासन प्रशासन के समक्ष उपस्थित होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे। पंचायत चुनाव में आरक्षण को ज्वलंत मुद्दा बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आधी अधूरी प्रक्रिया के मध्य पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। जिससे भाजपा की नियत और मंशा पर शंका हो रही है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर जनता को गुमराह किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस हमेशा सभी वर्ग को मौका देने के उद्देश्य से आरक्षण की नीति पर काम करती है। जबकि भारतीय जनता पार्टी ओबीसी के आरक्षण को गलत ठहराने का प्रयास किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी ने बताया कि 2019 में जो परिसीमन हुआ है, उसके आधार पर वर्तमान पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। इस पंचायत चुनाव में काफी विसंगतियां देखने को मिल रही है। उदाहरण के तौर पर जिला पंचायत के वार्ड नंबर 9 में जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत बकहो को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत तो बना दिया गया और 16000 वोटरों को पंचायत चुनाव से पृथक किया गया है, लेकिन इस कमी को दूर करने के लिए किसी दूसरी ग्राम पंचायत को जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 9 में शामिल नहीं किया गया है। इसी प्रकार जनपद पंचायत के 3 वार्ड भी घट गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार के पंचायत चुनाव में किसी भी प्रकार का उत्साह दिखाई नहीं दे रहा है और बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने की वजह से कई पंचायतों के वार्ड में पंच पद के लिए एक भी आवेदन नहीं किए गए हैं। संभागीय मुख्यालय से लगे कल्याणपुर ग्राम पंचायत में पंच के 3 पद खाली हैं। जिसमें किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेंद्र मरावी के अलावा जिला प्रवक्ता दिनेश अग्रवाल, हुसैन अली, बाल्मीकि द्विवेदी और राजेश यादव मौजूद रहे।

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