डी ई ओ के अचानक निरीक्षण से विद्यालयों में व्याप्त अनिमियताएं हुई उजागर

ब्योहारी:- जिले के शिक्षा अधिकारी श्री बी डी पाठक ने आज अचानक ही ब्योहारी की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों का पता लगाने हेतु न्यू बरौधा से शुरुआत कर दी ,सर्वप्रथम डी ई ओ साहब ने शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय न्यू बरौधा का निरीक्षण किया परंतु वहां पर अचानक आ जाने के कारण सबकी गलती पकड़ी गई , तदैवोपरांत शासकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय न्यू बरौधा में भी अचानक पहुंच गए जहां काफी गलतियां उजागर हो गई , जिला शिक्षा अधिकारी महोदय ने जमकर फटकार लगाई तथा सभी को उत्कृष्ट विद्यालय में उपस्थित होने को कहा जिससे खलबली मच गई ।
कोरोना के वैक्सीनेशन के पंजीकरण की गतिविधियां निरीक्षण में प्रमुख रहीं ।
क्या हुआ उत्कृष्ट विद्यालय में – उत्कृष्ट विद्यालय में समस्त गतिविधियों का निरीक्षण भी डीईओ सर ने किया ,मार्गदर्शन भी किया तथा सत्य स्थिति का पता लगाया काफी त्रुटियों का खुलासा हो गया ।
शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय न्यू बरौधा के प्रभारी राघवेन्द्र द्विवेदी ने संकुल कार्यालय में झूठ ही झूठ बोला जिससे डी ई ओ बहुत नाराज़ हुए , शैक्षणिक गुणवत्ता को राघवेन्द्र द्विवेदी ने बहुत अच्छा सिद्ध करना चाहा परंतु श्री बी डी पाठक ने सब कुछ कांच की तरह साफ कर दिया तथा यह भी जान लिया कि पढाई लिखाई का स्तर इन शिक्षकों ने बिगाड़ कर रखा है , अनावश्यक एवं मनगढ़ंत बातें राघवेन्द्र द्विवेदी करते रहे जबकि शिक्षा की ओर इनका कोई रुझान नहीं है यह भी सिद्ध हो गया ,जब मध्यान्ह भोजन की बात की गई, लैब की बात की गई तो प्रभारी राघवेन्द्र कर्तव्यों के प्रति उदासीन पाये गए , फिर भी गलती स्वीकार ना करके अपने झूठ को ही सच करने का प्रयास करते रहे , बहुत सी अनियमितता की बातें समक्ष आ ही गई।
इसके बाद कन्या शाला न्यू बरौधा के पूरे स्टाफ को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय ब्योहारी बुलाया गया , परिणाम निराशाजनक और असंतोषजनक ही निकला , दस्तावेजों में मनमानी पाई गई मोहल्ला क्लासेस तो न्यू बरौधा में कभी लगाई ही नहीं जाती ये आफलाइन तो बच्चों को शिक्षा नहीं दे सकते आनलाइन शिक्षा कैसे दे पायेंगे ।
छात्र, छात्राओं के गणवेश, छात्रवृत्ति एवं बौद्धिक स्तर की भी जांच पड़ताल की गई जिसमें परिणाम निराशाजनक ही रहा ।
जब आर टी आई लगाई गई थी तो कन्या शाला न्यू बरौधा से एक उत्तर आया था कि एक बिंदु से ज्यादा की जानकारी नहीं दी जा सकती जो कि गलत है एवं बालक माध्यमिक से तो यह बतला दिया गया कि रिकार्ड ही चोरी हो गए हैं जो कि संदेह को जन्म देता है ।
सारी जांचों को डा प्रणय तिवारी ने अपने समक्ष देखा एवं अपना तर्क भी दिया ।

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