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विनाश काले विपरीत बुद्धि, शहडोल कांग्रेस की कब होगी शुद्धि

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शहडोल:-सोशल मीडिया में सोशल होते कांग्रेसियों का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कांग्रेस पार्टी के पूर्व बागी एवं वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र तिवारी अपने साथी शेख रब्बानी के साथ कांग्रेसी नेता बबलू सिंह जी की चिरौरी विनती करते नजर आ रहे हैं आखिर मसला क्या है हम आपको बताते हैं पहले जान लीजिए कौन है रविंद्र तिवारी, कौन है शेख रब्बानी, कौन है बबलू सिंह, कौन है राम सुरथ उर्मलिया उर्फ बाबू और कौन है सुभाष गुप्ता..? 1. रविंद्र तिवारी:-वीडियो में जो महानुभव खड़े होकर बार-बार हाथ जोड़ते नजर आ रहे हैं वर्तमान कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं और कांग्रेस के लिए समर्पण ऐसा कि शहडोल नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के पद के लालच में कांग्रेस से टिकट ना मिलने पर शीर्षस्थ नेताओं के निर्देशों को दरकिनार कर निर्दलीय चुनाव लड़ बैठे नतीजन जनता ने हराकर आईना दिखा दिया ओर साहब कांग्रेस के दागदार नेता हो गए। खास बात तो यह है कि माननीय पूर्व कांग्रेसी से निष्कासित एवं वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष गुप्ता के काफी करीबी माने जाते हैं दोनों में अटूट बंधन ऐसा है कि कांग्रेस से बगावत भी साथ करते हैं और कांग्रेस में आते भी साथ हैं कांग्रेस पार्टी को इनसे ही टीमवर्क सीखना चाहिए जैसे कि मध्य प्रदेश की पूर्व कांग्रेस की सरकार इन्हीं जैसे नेताओं के टीम वर्क से निपट गई थी। 2. शेख रब्बानी:-वीडियो में एक व्यक्ति और भी हैं जो हाथ जोड़कर बबलू सिंह जी को मनाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं और अंदर चलने की विनती कर रहे हैं यह भी इन्हीं टीम के सदस्य हैं माननीय को ब्यौहारी में पार्षद पद हेतु कांग्रेस से टिकट नहीं मिली तो टीमवर्क के अनुसार ही निर्दलीय चुनाव लड़ बैठे और हार का मुंह देखा जनता ने इन्हें भी चमचमाता आईना दिखा दिया भले ही कांग्रेस ने पूर्व में ब्यौहारी में परिषद के चुनाव के समय माननीय की पत्नी जी को भी टिकट देकर विश्वास जताया था मगर छवि तो छवि वहां भी हार गए और उल्टा कांग्रेस के बागी हो गए। 3. बबलू सिंह:-ब्यौहारी और बाणसागर क्षेत्र में जन समुदाय में पैठ रखने वाले कांग्रेस के मात्र एक सच्चे सिपाही जिनकी मेहनत और वफादारी से क्षेत्र में कांग्रेस का अस्तित्व बरकरार है बबलू सिंह जी की पत्नी सीमा सिंह जी नगर परिषद वार्ड के वार्ड 11 से कांग्रेस की नवीन पार्षद बनी है यही नहीं बबलू सिंह के भाई अमित सिंह बघेल भी वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस के पार्षद पद पर विजय प्राप्त की है बबलू सिंह जी की अपने क्षेत्र की जनता सहित आसपास के गांव में खासी पकड़ है क्षेत्र की जनता भी बबलू सिंह पर विश्वास रखती है। 4.राम सुरत उर्मलिया उर्फ बाबू:-बाबू उर्मलिया एक आदरणीय महानुभाव है जो विडियो में रविंद्र तिवारी के सांथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं ओर अलग ही तेवर में है बबलू सिंह हल्ला काहे करते हैं तें चल कह रहे हैं इनकी पत्नी परिषद् में पूर्व पार्षद भी रह चुकी है इनके भरपूर संस्कार विडियो के अंत में देखिए महिलाएं उपस्थित हैं कांग्रेसी उपस्थित हैं आम जन है स्पष्ट ओर तेज आवाज में महिला संबंधी गाली दे रहे हैं पार्टी की गाली देकर धज्जियां उडा रहे हैं । 5. सुभाष गुप्ता:-वैसे तो सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में यह आदरणीय नहीं है वैसे कहीं होना भी नहीं चाहिए क्योंकि मामला शहडोल जिले का है और कांग्रेस पार्टी से संबंधित है क्योंकि वर्तमान में यह विशेष कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं टिकट वितरण व जीत हार का सहरा इन्हीं के सर है तो इनको भी जाना जरूरी है यह भी कांग्रेस के पूर्व बागी नेता है जो कि वर्तमान में जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर नवाजे गए हैं और खास कांग्रेस के खास टीम के लीडर है। खबर का सारांश:-बात है कांग्रेस के सच्चे सिपाही का पूर्व बागी कांग्रेसियों से बगावत का नगर परिषद खांड में हुए चुनाव चुनाव में कांग्रेस ने ऐसे प्रत्याशी को टिकट दे दिया जिसकी कोई भूमिगत पकड़ नहीं थी नतीजा भी वही हुआ जो वर्तमान विशेष टीम वर्क से होना चाहिए था कांग्रेस नगर परिषद खांड के अध्यक्ष पद को खो बैठी और टीम वर्क के अनुसार भाजपा की टिकट से सुशीला सिंह अध्यक्ष पद के लिए विजयी हुई अगर नगर परिषद खांड के अध्यक्ष पद हेतु कांग्रेस बबलू सिंह जी की पत्नी सीमा सिंह जी को टिकट दे देती तो कांग्रेस निश्चय ही नगर परिषद खान के अध्यक्ष पद को प्राप्त कर लेती जबकि कांग्रेस से टिकट की मांग बबलू सिंह लगातार कर रहे थे मगर विशेष टीम ने टिकट नहीं दी जिसमें बबलू सिंह खासे नाराज हो गए जिन्हें मनाने के लिए रविंद्र तिवारी वीडियो में प्रयास करते नजर आ रहे हैं वीडियो में कांग्रेस समर्पित कार्यकर्ता बबलू सिंह का दुख और नाराजगी साफ प्रदर्शित हो रहा है । देखना यह है:- आम जन बस यह देखना चाहता है की इस वीडियो के वायरल होने पर कांग्रेस का आलाकमान क्या फैसला लेता है या कांग्रेस में ढाक के तीन पात ही रहते हैं।

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