शहडोल संभाग की पहली एसडीपी डोनर रूपाली सिंघई,कैंसर मरीज के लिए किया एसडीपी डोनेट

शहडोल :-आइए आप सब को समझाते हैं क्या होता है SDP “SDP – सिंगल डोनर प्लेटलेट्स” हमारे शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या 1 लाख से 4.5 लाख के बीच में होनी चाहिए। अगर प्लेटलेट्स 1 लाख से कम हो जाती है तो अगर हमारा खून बहता है तो वो जल्दी बन्द नहीं होगा।गर्मी में प्लेटलेट्स जल्दी कम होती है और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से प्लेटलेट्स का काउंट अच्छा होता हैं।प्लेटलेट्स की जरूरत डेंगू, मलेरिया, ब्लड कैंसर जैसे कुछ बीमारियो से होती है। किसी को प्लेटलेट्स देने के 2 तरीके होते है PRP (प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा SDP (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) PRP में हम ब्लड निकालते है और फिर उसमे से प्लेटलेट्स अलग करते है लेकिन 1 PRP में बहुत ही कम प्लेटलेट्स मिल पाती है और डोनर का ब्लड लिया था इसलिए वो 3 महीने तक ब्लड भी नहीं दे सकता। SDP में एप्रेसिस मशीन के द्वारा ब्लड निकालकर उसमे से प्लेटलेट्स अलग कर लेते है और फिर वो ब्लड शरीर में वपिस चला जाता है ऐसा लगभग 80 मिनट तक चलता है। और डोनर 7 दिन बाद फिर से SDP या ब्लड भी दे सकता है। SDP के लिए हाथ की वेन (नस) सीधी और थोड़ी मोटी होनी चाहिए क्योकि उसी नस से ब्लड आता और जाता है। 1 SDP = 7-8 PRP होता है लेकिन इतनी PRP के बाद भी प्लेटलेट्स अच्छी होगी या नहीं कोई नही बता सकता लेकिन 1 SDP में 60-70 हज़ार प्लेटलेट्स आराम से मिल जाती है। SDP के फायदे इसमें 1 SDP लगभग 7-8 PRP के बराबर होता है।इसमें 7 दिन बाद डोनर पुनः ब्लड या SDP दे सकता है। इसमें हमारा ब्लड बेकार नहीं जाता क्योकि प्लेटलेट्स निकलने के बाद ब्लड वपिस शरीर में आ जाता हैं। डेंगू, मलेरिया, ब्लड कैंसर आदि बीमारियो में SDP से ही प्लेटलेट्स बड़ाई जाती है। ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से हम अपनी प्लेटलेट्स काउंट को अच्छा रख सकते हैं। आप रुपाली सिंघई ( ब्लड डोनर के साथ साथ एक SDP डोनर भी है और आपको रक्तदान या SDP देने से कोई परेशानी नहीं हुई है। आप 12 सालो में अब तक 26 बार ब्लड और 1 बार SDP दे चुकी हूँ। हर साल भारत में जितनी ब्लड की जरुरत होती है उसमे से सिर्फ 3-4% की ही पूर्ति हो पाती है। ब्लड किसी दुकान कारखानो या खेतो में नहीं उग सकता।
हम सभी को रक्तदान करके ही इस कमी को दूर करना होगा।
रक्तदान कीजिये और लोगो में जागरूकता लाइये।

Subscribe to my channel
Comments are closed.