मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भूमाफियाओं का आतंक फर्जी एग्रीमेंट कर कथित नेताओं का नाम बता बनाते हैं दबाव

भोपाल:- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भूमाफियाओं का आतंक फैला हुआ है जहां राजनीतिक पार्टी के नाम के कार्यालयों में भूमि भवन के बिक्री खरीदी का काम चल रहा है भोले भाले जरुरत मंद लोगों को एग्रीमेंट के नाम पर फसा लिया जाता है यहां तक की स्टाम्प ड्यूटी की चोरी सहित एग्रीमेंट की न तो रजिस्ट्रेशन किया जाता है ओर न ही नोटिरीयल किया जाता है
एग्रीमेंट किसी का ओर चेक किसी ओर का:- प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश की राजधानी में राजनीतिक संगठन के पार्षदों के नाम पर भूमाफिया व जमीन के दलाल जमीन विक्रेता ओर खरीददार के मध्य बिना रेरा बिना लीगल प्रोसेस के पैसा देकर जमीन विक्रेता को फंसा कर दबाव बनाते हैं ओर चंद छुटभैय्ए नेता व खरीदें गए बदनाम गुंडों का सहारा ले जमीन बेचने का दबाव बनातें हैं
भोपाल की पुलिस भी है सेट:- राजधानी भोपाल के विभिन्न थानों में पीड़ित जब अपनी व्यथा व परेशानी लेकर स्थानीय पुलिस थाने जाता है तो थाने के प्रभारी द्वारा पीड़ित के आवेदन लेने की जगह सुलह करने की सलाह दे दी जाती है जो की चिंताजनक व प्रशासन के उपर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है.?
भोपाल में जमीनी व्यवसाय में समुदाय विशेष का बड़ा हांथ:- प्राप्त जानकारी के अनुसार संपूर्ण भारत में एक समुदाय विशेष का आतंक है जिसका लाभ अवैध भूमाफियाओं द्वारा लिया जा रहा जिसमें विशेष राजनीतिक पार्टी संगठनों का बराबर की सहभागिता है भोपाल की जनता भी जान रही है ओर स्थानीय प्रशासन भी मगर समुदाय विशेष का डर स्थानीय प्रशासन व जनता में बराबर देखा जा सकता है क्योंकि कार्यवाही ओर प्रतिक्रिया की जगह डर के सुलह ही एक माध्यम बना हुआ है.?
मध्यप्रदेश की राजधानी में राजनीतिक भूमाफियाओं की भूमिका:- देखा जाए तो मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार ने जैसे तैसे अपनी सरकार बचाई है यह आम जन सहित भारत के शीर्ष नेताओं तक को पता है की मध्यप्रदेश की सरकार कैसे बनी है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीन,भवन की खरीद बिक्री का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है हर गली मौहल्ले में राजनीतिक कार्यालयों के नाम पर अनलीगल प्रापर्टी डीलर कार्यालय खुले हुए हैं देखना यह है की वर्तमान शिवराज सरकार इन अवैध प्रापर्टी डीलर कार्यालयों पर क्या कार्रवाई करती है या मुख्यमंत्री भवन व मुख्यमंत्री कार्यालय तक इस अवैध व्यवसाय का दृव्य लाभ पहुंच रहा है.?

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