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शहडोल न्यूज – नरवाई जलाने पर 25 हजार का जुर्माना व एफ.आई.आर होगी दर्ज- कलेक्टर कलेक्टर ने की नरवाई न जलाने की कृषको से अपील !

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मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना की कलेक्टर ने की समीक्षा
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शहडोल 2 दिसंबर 2022 – कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने कहा है कि यदि कोई भी कृषक खेतों में नरवाई जलाता है तो उसके विरुद्ध 25 हजार रूपए का जुर्माना एवं पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज भी की जाएगी। उक्त निर्देश आज कलेक्टर श्रीमती वंदना वैद्य ने नवीन राज्य योजना मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि खेतों में नरवाई जलाने से जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है इसलिए किसानों को किसी भी हालत में नरवाई नहीं जलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने वालों की सूचना संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पुलिस, तहसीलदार को देना सुनिश्चित करें। साथ ही जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। कलेक्टर ने कृषको से अपील की है कि फसलों की कटाई के उपरांत खेतों में शेष रहे फसल अवशेषों (नरवाई) को खेतों में जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है तथा साथ ही फसलों के मित्र कीट एवं सूक्ष्म जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं जिससे मृदा का स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित होता है जिससे फसलों की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसी भी परिस्थितियों में नरवाई ना जलाया जाए ।
बैठक में बताया गया कि कृषकों को फसल अवशेष प्रबंधन के चिन्हित शक्ति चलित कृषि यंत्रों के क्रय पर अनुदान उपलब्ध कराना इसके अंतर्गत फसल अवशेष प्रबंधन हेतु उपयोगी शक्ति चलित कृषि यंत्रों को चिन्हित किया जाकर कृषकों द्वारा इन्हें क्रय करने पर अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। समय-समय पर आई. सी. ए. आर. द्वारा अनुशंसित अन्य तकनीकों को भी इसमें शामिल किया जायेगा। योजना अंतर्गत इन यंत्रों के क्रय पर भारत सरकार की सबमिशनऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन योजना अंतर्गत देय अनुदान लागू होगा।ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन योजना अंतर्गत देय अनुदान लागू होगा। कृषकों को अनुदान पर यंत्र प्रदाय करने हेतु वर्तमान में विभाग द्वारा संचालित डी.बी.टी. प्रक्रिया अंतर्गत ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से कृषकों से व्यक्तिगत श्रेणी में आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। स्वसहायता समूह, एफपीओ, कस्टम हायरिंग केन्द्र एवं गौशालाओं हेतु पृथक से लक्ष्य निर्धारित कर आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। यंत्रों का क्रय संचालनालय में पंजीकृत निर्माताओं की पंजीकृत सामग्री में से अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से ही किया जा सकेगा। हितग्राहियों की उनकी स्वेच्छा से निर्माता एवं डीलर ने दरों में मोल-भाव कर यंत्र का क्रय करने की सुविधा रहेगी। आवेदन करने, यंत्र जय तथा अनुदान प्रदाय की सम्पूर्ण प्रक्रिया विभागीय “ई कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल” की प्रक्रिया अनुसार ही रहेगी।
बैठक में जिला आपूर्ति नियंत्रक श्री विपिन पटेल, कृषि विभाग के श्री आरपी झारिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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