उमा – शिव में अटकी आबकारी नीति!
भोपाल:-मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का आखिर एजेंडा क्या है? मप् की शराब नीति और अवैध खनन तो बहाना है उमा भारती किसी “हिडन एजेंडे” को लेकर मप्र में शिवराज सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और देश की दिग्गज नेता उमा भारती कभी शराब की दुकान पर पत्थर फेंकती हैं, कभी गोबर फेंकती हैं तो कभी शराब की दूकान के सामने गाय बांध देती हैं। ओरछा में उन्होंने अभी तक का सबसे मार्मिक बयान दिया कि मप्र की भाजपा सरकार के लिए उन्होंने वोट मांगे थे, इसलिए मैं दोषी हूं। मुझे फांसी पर चढ़ा देना चाहिए। यानि यह तय है कि उमा भारती अब मप्र में आर-पार के मूड में हैं। सूत्रों के अनुसार मप्र की प्रस्तावित शराब नीति पर शिवराज सिंह चौहान की पार्टी नेताओं से चर्चा हो गई है। उमाजी के किसी भी सुझाव को प्रस्तावित नीति में शामिल न करने का निर्णय भी हो चुका है। अब देखना है कि उमा भारती क्या करेंगी? वे भाजपा छोड़ेंगी या भाजपा फिर से उन्हें निकालेगी? इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में उमा भारती की भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।


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