छोटू, शिव, सिम्मा के कारोबार पर क्यों नहीं जिम्मेदारों की नजर,बेखौफ संचालित है कबाड़ कारोबार

शहडोल/अमलाई ! बीते दिनों कबाड़ कारोबारियों पर लगातार कार्यवाही के बाद भी इस कारोबार पर अंकुश न लग सका है। हाल ही में कबाड़ चोरी के लालच में 7 लोगों की मौत नें इस बात की पुष्टि भी कर दी थी कि कबाड़ कारोबार समूचे कोयलांचल में किस तरह सक्रिय हैं। इस घटना के सामनें आनें के बाद जहां पुलिस की कार्यवाही में कई चेहरे सामनें आये वहीं कुछ ऐसे भी थे जिन पर पुलिस की निगाह नहीं पड़ी या यूं कहा जाये कि इन्हें कुछ ऐसे लोगों की पनाह मिली है जिनके ईशारे पर इनका व्यापार रोजाना एक नई सीढ़ी पार कर रहा है।
कुछ ऐसा ही नाम इन दिनों ओपीएम मुख्य मार्ग पर स्थित छोटू विश्वकर्मा नामक कबाड़ करोबारी के साथ ही अमलाई से शिव और सिम्मा नामक कबाडी का नाम सामनें आ रहा है जिनके कारोबार की चर्चा आम से लेकर खास तक जुंबा पर हैं, सूत्र बताते हैं कि कबाड़ सेंडिकेट बननें के बाद कोयलांचल के यह दोनों ऐसे व्यापारी हैं जो प्रमुख कबाड़ कारोबारी का दाहिना हाथ बन रोजाना न सिर्फ प्रतिबंधित कबाड़ से लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं बल्कि ऐसे तमाम ठीहों के संरक्षण भी दे रहे हैं जिनसे इनके कारोबार को चार चांद लग सके।
*कबाड कारोबारियों का राइट हैं छोटू*
महज कुछ समय पहले तक बिल्डिंग और कटिंग से लेकर खिडकी, दरवाजे का काम करनें वाला छोटू विश्वकर्मा नामक यह सख्स मोटी कमाई देख इस व्यापार में उतरते ही लाखों का वारा न्यारा करनें में लगा है। सूत्र बताते हैं कि महज प्लास्टिक व रद्दी पुट्ठे गट्टे की आड़ में बीते कुछ माह से छोटू लोहे के प्रतिबंधित कल पुर्जों की खरीदी में कुछ इस तरह उतरा है कि इस क्षेत्र का वह सबसे बड़ा ढीहा बन चुका है। जानकारों बताते हैं कि लगभग दर्जन भर से ज्यादा ठेला कर्मचारी छोटू के इस कारोबार में बतौर सहयोगी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं, जिनके द्वारा समूचे क्षेत्र से कबाड़ बटोरकर लानें का काम किया जाता है। सूत्रों नें बताया कि बीते दिनों पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के बाद जहां कई कबाड़ कारोबारी अंडरग्राउंड हो गये थे वहीं इस बीच ओपीएम का छोटू और अमलाई का शिव यह दोनों ऐसे सख्स थे जो बिना किसी रोकटोक के लगातार खरीदी में जुटा थे।
*क्या स्क्रैब की होती है जांच*
वैसे तो कबाड़ कारोबारियों के इस कारोबार पर निगरानी रखनें के साथ ही ऐसे तमाम नियम है जिनका पालन करवाना जिम्मेदारों द्वारा जरुरी है। लेकिन इसे अनदेखी कहा जाये या लापरवाही जिम्मेदार छोटू के ठीहे पर नजर डालनें से परहेज करते नजर आ रहे हैं। सूत्रों नें बताया कि इन दिनों छोटू का ठीहा कोयलांचल का एक ऐसा स्क्रैब खरीदी केन्द्र हैं जहां पुरानी साइकल से लेकर, पुरानें वाहन और कालरी से निकले ऐसे तमाम कबाड़ व केबल खरीदे जा रहे हैं जिसका कोई ब्यौरा इसके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है।
*कबाडियों पर क्यों मेहरबान जिम्मेदार*
एक तरफ जहां पुलिस की कबाड कारोबारियों पर लगातार कार्यवाही जारी है वहीं अमलाई क्षेत्र में शिव का कबाड़ ठीहा भी लगातार कबाड कारोबार में लगा है। जानकारों नें बताया कि ओपीएम और अमलाई को दो हिस्सों में बांटकर छोटू और शिव अपने अपनें ठीहों से रोजाना कई क्विंटल प्रतिबंधित कबाड़ क्रय कर रहे हैं।
*कब होगी कार्यवाही*
एक तरफ पुलिस जहां कोयले को कारोबार पर लगातार कार्यवाही कर सुर्खियों में हैं वहीं छोटू और शिव के ठीहों पर कार्यवाही न होनें को लेकर तमाम सवाल खडे हो रहे हैं। जानकार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर दोनों का स्थानीय स्तर पर इतना मजबूत मैनेजमैंट है कि जिम्मेदार इस ओर ध्यान देते नहीं नजर आ रहे हैं।

Subscribe to my channel
Comments are closed.