तो आखिर कहां है घुघरी बड़ी प्रा.विद्यालय के शिक्षक और बच्चे विद्यालय में लटका ताला

प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान भले ही शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर ग्रामीण अंचलों में स्थित विद्यालयों में अच्छी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं पर अगर मैदानी हकीकत देखी जाए तो शिक्षा विभाग में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है घर बैठे पेमेंट उठा रहे हैं शिक्षक ऐसा एक ताजा मामला प्रकाश में आया है बुढार विकासखंड अंतर्गत ऐसे कई विद्यालय हैं जहां शिक्षा विभाग के नियम कानून नहीं चलते और यहां दबंग शिक्षकों के नियम चलते हैं जब मन हुआ तो विद्यालय खोल लिए और जब मन हुआ तो बंद करके घर चले गए कोई बोलने वाला नहीं कोई पूछने वाला नहीं वही बच्चों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है आखिर इन सब कमियो का जिम्मेदार कौन…?
अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.- 7999140850
शहडोल। शिक्षा विभाग का नया सत्र शुरू हो गया है अभिभावक अपने बच्चों को लेकर विद्यालयों में एडमिशन तथा छात्र-छात्राओं मे भी खुशी की लहर देखी जा रही है कुछ कथित लापरवाह शिक्षकओं के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में जाते दिखा रहा है शहरी क्षेत्र छोड़कर अगर ग्रामीण अंचलों की बात की जाए तो जिस तरह से ग्रामीण अंचलों में लापरवाही दिख रही है ऐसे में छोटे-छोटे छात्र एवं छात्राओं पर इसका कितना अच्छा असर पड़ेगा यह तो भविष्य ही बताएगा लेकिन जब विद्यालय ही ना खुले तो छात्र जाएं कहां एक ऐसा ही ताजा मामला प्रकाश में आया है बुढार विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय घुघरी बड़ी 2 शिक्षक पदस्थ हैं वही जब हमारे संवाददाता रिपोर्टिंग के दौरान वहां पहुंचे तो देखा कि 2:46 स्कूल में ताला बंद है वहां आसपास पूछा गया तो बताया गया कि विद्यालय बंद है सर जी नहीं आए अब जब शिक्षक ही अपने कार्य के प्रति लापरवाह हो तो छात्रों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं।
संकुल का बहाना बनाकर निकल गए प्रधानाध्यापक
विद्यालय के संबंध में वहां जब देखा गया तो विद्यालय में ताला बंद है छात्रों का पता ना शिक्षक का पता विषय बहुत गंभीर है जब जिम्मेदार ही लापरवाही करें तो फिर किसे कहा जाए हमारे संवाददाता ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक भूषण सिंह से संपर्क भी किया प्रधानाध्यापक भूषण सिंह ने स्पष्ट रूप में कहा कि मैं तो संकुल आ गया हूं बाकी वहां एक और शिक्षक हैं आप उनसे बात करिए हमारे संवाददाता ने कहा कि यहां ताला बंद है तो उन्होंने कहा अब मैं कुछ नहीं कह सकता और फोन काट दिया जिम्मेदार प्रधानाध्यापक भूषण सिंह के रवैया से यह समझ में आता है की लापरवाह कौन है पर प्रधानाध्यापक भूषण सिंह की लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में दिख रहा है।

कुंभकरण निद्रा सो रहे संकुल प्रभारी और सीएससी
अगर देखा जाए तो यह जिम्मेदारी संकुल प्रभारी की बनती है कि उनके संकुल में आने वाले सभी विद्यालय समय पर खुले और समय पर बंद हो और विद्यालयों में उपस्थित शिक्षक छात्रों को अच्छी शिक्षा दें वही विद्यालयों की मानिटरिंग के लिए सीएससी की जिम्मेदारी बनती है कि संकुल अंतर्गत विद्यालयों की जांच करते रहें और कोई समस्या हो तो संकुल प्रभारी एवं बीआरसी ,विकास खंड अधिकारी से संपर्क कर समस्या का समाधान कराएं लेकिन ऐसा नहीं दिख रहा विद्यालय में ताला लटका मिला 2 शिक्षक का पता नहीं और छात्रों का भी पता नहीं और जिम्मेदार संकुल प्रभारी एवं सीएससी को भी पता नहीं कि शिक्षक कहां है और छात्र कहां अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले की गंभीरता पर कब संज्ञान लेते हैं और प्रधानाधपक और शिक्षक पर क्या कार्यवाही करते हैं।
इनका कहना है
मैं मीटिंग में संकुल आ गया हूं वहां मनीराम बैगा जोकि शिक्षक हैं स्कूल में हैं।
भूषण सिंह
प्रधान अध्यापक
मुझे जानकारी नहीं है मैं आपसे बादमें बात करता हूं।
रविंद्र कुमार शर्मा
सी ए सी
यह बहुत ही गलत बात है आपने जानकारी दी है मैं आज ही वहां के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जानकारी लेता हूं अगर ऐसा है तो कार्यवाही जरूर करूंगा।
सीताराम दुबे
बीआरसी बुढार
इस मामले में फोन लगाया गया फोन की घंटी बजती रहे पर साहब का फोन नहीं उठा और फिर मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। जिस से संपर्क नहीं हो पाया।
दीपक निगम
विकास खंड शिक्षा अधिकारी बुढार

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