आखिर क्यों खैरहा थाना प्रभारी ने पत्रकार से की अभद्रता, पत्रकार को दी धमकी……?

पुलिस अधीक्षक से सामूहिक पत्रकारों ने दिलीप सिंह की कार्यशैली व अभद्र व्यवहार की शिकायत
अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.- 7999140850
पुलिस का अर्थ पु+लि+स=पूरी सक्रियता से लोगों की संविधान के कानून का पालन करते हुए रक्षा एवं सुरक्षा करना। पर क्या पुलिस के अर्थ को पुलिस कर्मी क्या समझ रहे है तो जवाब है नहीं आज की पुलिस कर्मचारियों ने पुलिस शब्द की परिभाषा ही बदल डाली है आज के पुलिस कर्मचारी अपने आप को लाइसेंसी गुंडा समझते हैं जो चाहे वह आम जनता के साथ कर सकते हैं जब पुलिस ही आम जनता की भक्षक बन जाए तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है की आम जनता अपनी रक्षा और सुरक्षा के लिए किससे मदद मांगे यह हम नहीं कहते आज की पुलिस की कार्यप्रणाली कह रही है ऐसा ही एक ताजा मामला प्रकाश में आया है जहां एक थाना प्रभारी ने अपने कर्मचारियों के अवैध कार्यों को छुपाने के लिए एक पत्रकार को धमकी दे डाली मामला शहडोल के लोकप्रिय पुलिस कप्तान तक पहुंच गया अब देखना यह है कि मामले में पुलिस कप्तान जिले की आम जनता की रक्षा सुरक्षा को संज्ञान में रखते हुए ऐसे दबंग थाना प्रभारी पर क्या कार्रवाई करते हैं…?
शहडोल। जिले मे पुलिस की कार्य शैली पर लगातार प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं तो आखिर क्यों अगर पुलिस कर्मियों द्वारा आम जनता के साथ आखिर ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं जिस पुलिस कर्मियों के कंधे पर आम जनता की रक्षा सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी हो वो पुलिस कर्मियों के द्वारा आम जनता से अभद्रता करना क्या उचित है आम जनता एवं मैदानी हकीकत तो यह है कि थाना हो या फिर चौकी पुलिस कर्मियों द्वारा उसे अपना जागीर समझ लेते हैं लोगो को डरा धमका कर संविधान की धाराओ के साथ खिलवाड कर सकते हैं। जब चाहे किसी के साथ अभद्र व्यवहार करे या फिर गलत तरीके से धारायें लगाकर कार्यवाही कर दे। वो बाद मे न्यायालय के द्वारा दोष मुक्त हो जाये।ज्यादातर केशो पर पुलिस विभाग की कार्रवाई व कूट नीती से किये गये कार्यो पर न्यायालय के न्यायाधीशो द्वारा गलत साबित किये है। पर पुलिस विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं वहीं पुलिस कर्मियों की दबंगई देखने को मिल रही हैं। रक्षक ही भक्षक बन गए आखिर ऐसा क्यों साहब जनता मांगे जवाब….?
चैकिंग जांच के नाम पर की जारही अवैध वसूली
ऐसा ही ताजा मामला जिले के खैरहा थाने का है जहा पुलिस विभाग द्वारा खुलेआम रास्ते से गुजरने वाले बड़े छोटे वाहनों की जांच चैकिंग के नाम पर बडी राशियां वसूली जा रही है जबकि महज जिले से 35 किलोमीटर की दूरी पर थाना होने वाबजूद भी किसी उच्च अधिकारियो की नज़र से इस थाने मे हो रहे रात दिन की चैकिंग जांच के नाम पर राशि वसूली का खेल फल फूल रहा है और किसी को जानकरी भी नही जबकि पुलिस कर्मी द्वारा बताया गया है। कि हमे ऊपर से आदेश है वही चुनाव आयोग के आदेश की भी बात कही गई है।जो एक महत्वपूर्ण विषय है।कि अपनी आमदानी बढने के नाम पर गरीबो लोगो का शोषण किया जा रहा है।और खामोश रहते है। जिला के आला अधिकारी जरा सोचिए कि जब पत्रकारो के साथ थाना प्रभारी के द्वारा अभद्र व्यवहार किया जा रहा है तो आम नागरिकों के साथ थाना प्रभारी कैसा व्यवहार करते होंगे जो सबसे बड़ा सवाल है।

यह है पुरा मामला
दिनांक 29/08/2023 को समय 2 बजे खैरहा थाने के पास भगवान श्री हनुमान जी की पूजा व भंडारा के लिए पत्रकार भाई अखिलेश शर्मा ने आमंत्रित किया थे इसलिए मै अपने साथी के साथ खैरहा गया हुआ था। जहा पूजा व भंडारा हो रहा था। वही कुछ दूरी पर थाना मौजूद था थाने के बगल से ट्रक आटो मोटरसाइकिल अन्य गाडिय़ो को पुलिस द्वारा खड़ा करा कर जांच चैकिंग के नाम पर ऊपर के आदेश का हवाला देकर लोगो से मोटी रकम की वसूली कि जा रहा थी।हम अपने साथी के साथ उस जगह पर जा कर देखें कि कुछ पुलिस कर्मी गाड़ी रोककर चैकिंग जांच के नाम पर एक मशीन दिखाकर राशि की वसूली कर रहे थे जिसकी मोबाइल पर पत्रकार नीलेश द्विवेदी द्वारा विडिओ बनाया जा रहा था।वह विडिओ के साथ जानकारी अपने साथी द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल से मोबाइल फोन पर दी गई। साथ ही विडिओ भी भेज दी गई। और पत्रकार नीलेश द्विवेदी के द्वारा गलत कार्य किए जाने के विरोध पर थानेदार दिलीप सिंह द्वारा अपने पुलिस कर्मी के मोबाइल फोन से पत्रकार नीलेश द्विवेदी से बात कर अभद्र व्यवहार करते हुए बोला कि तुम मुझे जानते नही तुम कितने बड़े पत्रकार हो केस दायर कर सारी पत्रकारिता उतार दूंगा मै अभी थाने मे नही हू नही तो थाने मे बेंडकर बताता मेरे थाने मे दुबारा आना नही तू मुझे कही मिल फिर बताता हू। तेरी पत्रकारिता घुसेड़ दुंगा तु मुझे नहीं जानता है सुन मेरा नाम दिलीप सिंह है।
निलंबन कार्यवाही की मांग
पत्रकार नीलेश द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि वही लोगो के द्वारा बताया गया कि थानेदार दिलीप सिंह लगभग 10 वर्षो से शहडोल जिले के थानो मे पदस्थ होने के कारण खुलेआम कई प्रकार के गलत जांच के नाम पर डरा धमका कर बडी राशि वसूली रात दिन करता है। पत्रकार नीलेश द्विवेदी जो कि पत्रकार विकास परिषद शहडोल के जिला अध्यक्ष है।इस घटनाक्रम की सारी जानकारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष को दी और परिषद के आदेशानुसार भारी संख्या मे सभी सदस्य उपस्थित होकर पुलिस अधीक्षक शहडोल को खैरहा थाने के थाना प्रभारी दिलीप सिंह की शिकायत कर ज्ञापन दिया गया शिकायत मे सारे घटनाक्रम की जानकारी उल्लेख करते हुए निलंबन कार्यवाही की मांग किया गया है।
इनका कहना
पत्रकारो के द्वारा जो शिकायत पत्र दिया गया है उसकी जांच कार्यवाही करने का आदेश मैने एडिशनल एसपी को दिया है। जाँच मे दोषी पाये जाने पर थाना प्रभारी पर कडी कार्यवाही की जायेगी।
प्रतीक कुमार
पुलिस अधीक्षक जिला शहडोल म.प्र.

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