भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

इफको लाइसेंसी के तानाशाही से किसान परेशान

222
Above News

इफको के आइटम के साथ तमाम तरह की कंपनियों के कीटनाशक सल्फर जिंक दवा लेने पर किसानों को किया जाता है विवश*
ब्यूरो रिपोर्ट कौशाम्बी से पत्रकार धर्मेंद्र यादव बेबाक शक्ति न्यूज़ mb.8874160864
कौशांबी।किसानों को इफको उर्वरक उपलब्ध करने के लिए सरकार ने समितियो को जिम्मेदारी सौपी है लेकिन समितियो के जिम्मेदार इफको उर्वरक के साथ तमाम तरह की अन्य घटिया सामग्री किसानों को जबरिया दे कर उनसे मनमानी कीमत वसूल रहे हैं इफको यूरिया के साथ अन्य सामग्री ना लेने वाले किसानों को इफको लाइसेंस धारी द्वारा यूरिया खाद नहीं दी जाती है जिससे तमाम किसान परेशान है शिकायत करने के बाद भी इफको उर्वरक केंद्र संचालकों पर कार्यवाही होती नहीं दिख रही है

इफको उर्वरक केंद्र संचालक किसानों को केवल यूरिया देने से इनकार कर रहे है केंद्र संचालकों की मनमानी का यह खेल बीते कई वर्षों से बेखौफ तरीके से विभागीय अफसर के साठगाँठ से चल रहा है यूरिया उर्वरक के साथ में कुछ अन्य घटिया किस्म की सामग्री जबरिया लगा कर किसानों को देते हैं जो किसान केवल यूरिया लेना चाहे उसको केंद्र संचालक वापस लौटा देते है इफको लाइसेंस के साथ इफको उत्पाद बेचे जाने के नियमों के बाद भी केंद्र संचालकों की मनमानी पर रोक नहीं लग रही है तमाम तरह की नकली कृषि दवा भी इफको केंद्र संचालकों द्वारा बेची जा रही है इफको के लाइसेंस में इफको के आइटम के साथ तमाम तरह की कंपनियों के कीटनाशक सल्फर जिंक दवा इत्यादि भी केंद्र संचालकों के केंद्र पर मौजूद रहता है और घटिया क्वालिटी के सामानों में अधिक मुनाफा के चलते केंद्र संचालक किसानों पर जबरिया कीटनाशक दवाएं जिंक दवा आदि खरीदने को विवश कर रहे हैं जिससे किसान परेशान है और विभागीय अफसर मूकदर्शक बने हैं आखिर किसानों के ऊपर जबरिया कीटनाशक दवाएं सल्फर आदि बेचने वाले केंद्र संचालकों पर कार्यवाही करने से विभागीय अफसर क्यों हाथ खड़े कर रहे हैं मामले को लेकर इलाके के लोगों ने अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए इफको केंद्र संचालकों पर कार्यवाही की मांग की है

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper