भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

मध्यप्रदेश में नए मुख्यमंत्री ने शुरू की प्रशासनिक सफाई

360
Above News

शिवराज सरकार की किचन केबिनेट के मनीष रस्तोगी के बाद श्रीमती रस्तोगी होंगी दायित्वमुक्त

*शिवराज सरकार की किचन केबिनेट के मनीष रस्तोगी के बाद श्रीमती रस्तोगी होंगी दायित्वमुक्त*

*ऐसी है वर्तमान में सीएम हाउस की प्रशासनिक रचना*

भोपाल।सीएम हाउस में डेढ़ दर्जन से ज्यादा अधिकारी पदस्थ रहते हैं। इनमें भांति- भांति के ओएसडी, उपसचिव और भिन्न- भिन्न प्रकार के अपर सचिव तथा निज सहायक हैं। शिवराज सरकार के दौर में सीएम हाउस में आरएसएस के प्रतिनिधि के रुप में एक अधिकारी बैठाए जाने लगे। इसके अलावा संघ-भाजपा के देव दुर्लभ स्वयंसेवक कार्यकर्ता भी कुछ-कुछ जिम्मेदारी के साथ तैनात किए गए थे। प्रमुख सचिव के साथ एक और अन्य आईएएस अधिकारी मनीष पांडे की नियुक्ति की गई थी। वे राज्य प्रशासनिक सेवा से आते हैं। संघ के स्वयंसेवक के रुप में जाने जाते हैं। उनके जिम्मे संघ से जुड़े सारे विषय थे, जो संघ की व्यवस्था के तहत आते थे। विषय वस्तु अनुसार इनके साथ मीटिंग होती थी, इसके बाद प्रमुख सचिव के साथ। तब जाकर उचित लगने पर सीएम के साथ बैठक करवाई जाती थी। इसके अलावा व्यावसायिक कॉरपोरेट, राजनीतिक इत्यादि मामलों के लिए अलग व्यवस्था थी। इनके अलावा सत्यम खरे, सुधीर कोचर, श्रीमती मैथिली नायक आदि भी सीएम हाउस में पदस्थ रहे।

आदिवासी सोशल इंजीनियरिंग के लिए संघ ने कई प्रयोग किए। इस काम के लिए सीएम हाउस में ओएसडी के पद पर जनजाति वर्ग के लक्ष्मण मरकाम को बैठाया गया। वे संघ के प्रतिनिधि के रुप में रहे। पहले जल सेवा में पदस्थ थे। उन्हें संघ मप्र के आदिवासी मामलों के जानकार के रुप में लेकर आया था, लेकिन मरकाम की ट्राइबल सोशल इंजीनियरिंग संघ और भाजपा के लिए ज्यादा फलदायी साबित नहीं हुई। इसी तरह एक और ओएचडी आनंद शर्मा थे। वे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। ऐसे भांति-भांति के अधिकारी सत्ता और संगठन की सुविधा के हिसाब से सीएम हाउस में बैठाए जाते रहे हैं। यह बात अलग है कि सीएम हाउस का नियंत्रण असल में जितना अंदर से था उतना ही बाहर बैठे संघ-संगठन और ब्यूरोकेट के शक्ति केंद्रों में भी निहित था।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper