लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले बाबा का हुआ लाइसेंस रद्द

हिमाचल प्रदेश ( पी सी शर्मा)
उत्तराखंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने बार-बार भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए पतंजलि की दिव्य फार्मेसी द्वारा बनाए गए 14 उत्पादों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को रद्द कर दिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक के आदेश में भ्रामक विज्ञापन के कारण ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक अधिनियम के उल्लंघन का हवाला दिया गया है.
आयुर्वेदिक और यूनानी सेवाओं के लिए उत्तराखंड राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण (एसएलए) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945 के तहत बार-बार उल्लंघन के लिए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य फार्मेसी के 14 उत्पादों के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
एसएलए ने अपने हलफनामे में कहा कि उसने दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को 15 अप्रैल, 2024 को आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि उनके 14 उत्पादों – ‘स्वसारि गोल्ड’, ‘स्वसारि वटी’, ‘ब्रॉन्चोम’, ‘स्वसारि प्रवाही’, ‘स्वसारि अवालेह’, ‘मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर’, ‘लिपिडोम’, ‘बीपी ग्रिट’, ‘मधुग्रिट’, ‘मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर’, ‘लिवामृत एडवांस’, ‘लिवोग्रिट’, ‘आईग्रिट गोल्ड’ और ‘पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप’ के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

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