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तो क्या इंजीनियर के भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहे जिले में बैठे अधिकारी

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इंजीनियर के भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद भी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने नहीं की कार्यवाही आखिर क्यों

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों के कमिशन की खोल दी पोल अधिकारियों ने शादी चुप्पी

अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर 7999140850

शहडोल।प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव भले ही भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों पर लगाम कसने के आदेश निर्देश जारी करते हो पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिले में बैठे अधिकारी ही भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं तो ऐसे में भला भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही कौन करेगा बता दें कि शहडोल आदिवासी बहुल आंचल की जनता बहुत ही भोली जिले में बैठे अधिकारी एक झुनझुना जनता को पकड़ा देते हैं जिसे जिले की भोली भाली जनता बजती रहती है कि साहब ने आदेश किया है साहब बड़े अच्छे हैं कार्यवाही जरूर होगी पर अगर शिकायतें और शिकायतों के निराकरण की जांच की जाए तो जिले में बैठे इमानदार अधिकारियों के कार्यप्रणाली की पोल खुल जाएगी सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या जिले में बैठे अधिकारियों के आदेश निर्देश अखबार की सुर्खियों और शासकीय कागजों तक ही सीमित है आखिर उन कड़े आदेश निर्देशों का अधिकारी कर्मचारी क्यों पालन नहीं कर रहे हैं आखिर क्या राज है साहब।

भ्रष्टाचार में लिप्त इंजीनियर की शिकायत के बाद भी शिकायतकर्ता को नहीं मिला न्याय

बालमुकुंद यादव के द्वारा जनपद सीईओ, एवं जिला सीईओ, तथा कलेक्टर को एक शिकायत पत्र दिया अपने शिकायत पत्र में बताया कि मैं बाल मुकुन्द यादव ग्राम केलमनिया, तहसील सोहागपुर जिला शहडोल म०प्र० का स्थाई निवासी है।ग्राम पंचायत केलमनिया में 130 मीटर नाली का निमार्ण होना था जिस पर पंचायत / सरपंच के मौखिक आदेश पर मेरे द्वारा नियमानुसार 130 मीटर नाली का निमार्ण समय पर कराया गया जिसमें प्रशासनिक स्वीकृति राशि 374000रुपए,इंजीनियर श्रीमती नीलिमा श्रीवास्तव के द्वारा इस कार्य का पुर्ण मुल्यांकन करने के लिए 46000रु का रिसवत मांग जा रहा था न देने की स्थिति पर 104000 रुपए काट दिया गया केवल 270000रु का भुगतान किया गया या यूं कहा जाए कि इंजिनियर मैडम नीलिमा श्रीवास्तव के द्वारा अपने पद के साइन का रुतबा दिखाया गया पीड़ीत बालमुकुंद यादव के द्वारा जनपद सीईओ, एवं जनपद सीईओ, तथा कलेक्टर से मांग की उसके द्वारा किए गए कार्य का निष्पक्ष जांच करा कर शेष बचा राशि 104000रु दिलाए जाए तथा इस प्रकार इंजीनियर श्रीमती नीलिमा श्रीवास्तव जैसे जवाबदार अधिकारी ग्राम विकास के कार्य में अपनी नैतिक जवाबदारी का पालन न करते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य कर अपने पद पावर का दुरउपयोग करते हुए आम आदमी को क्षति कारीत करने की दुर्भावना से कार्य कर रही है, जिनके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही करते हुए नियमानुसार दण्डित किया जाए ।

ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं व्हाट्सएप चैट ने ईमानदार अधिकारियों के भ्रष्टाचार की पोल खोल दी

आडियो में इंजीनियर मैडम निलीमा -पहले मेरा तीनों कामों का 5%और एसडीओ मैडम का 2%होगा 45500 रुपए मानलो टोटल 46000रुपए लाकर दो तभी सीसी जारी होगी ।
शिकायतकर्ता बालमुकुंद -मेरे नाली निर्माण की सीसी जारी कर दिजिए मैडम जी मटेरियल वालों का बहुत फोन आता है ।
इंजीनियर मैडम निलीमा -मैने जो बोला है पहले वो करो तभी सीसी जारी करुंगी और बार -बार फोन न लगाओ। तालाब सीसी रोड और नाली का पहले हिसाब करो।
(हमारा समाचार पत्र आडियो की पुष्टि नहीं करता है)

वट शाप चैट इंजीनियर मैडम निलीमा -शिकायतकर्ता बालमुकुंद के बिच

शिकायत कर्ता बालमुकुंद – सचिव साहब के साथ शुक्रवार को गए थे। इ सर से बात हो गई है वो तो बोले थे कि सोमवार तक में सीसी जारी हो जाएगा और शायद आपको।
फोन भी लगाए थे आप सीसी तो पहुंचवा दीजिए
मैडम जी।

इंजीनियर मैडम निलीमा-सेक्रेटरी को बोलो वो खुद लेकर जाये,, मुझसे पैसा मांगेंगे।
Sdo मैडम का भी सिग्नेचर लगेगा, उनको एक
रूपये नहीं दिए हो,, bill में सिग्नेचर करवाए और
उनको नहीं दिए
इसलिए ई सर से तो करवाते रहना पर मैडम से
तो पहले करवाना पड़ेगा 1% उनका दे दो पहले

शिकायत कर्ता बालमुकुंद – मैडम जी का कितना होगा मैडम जी एक परसेंट के हिसाब से
मैडम जी मेरा विल भुगतान करवा दीजिए मैं सब
जगह का पाई-पाई का चुकरा कर दूंगा विश्वास
मानिए आपसे विश्वास घात नहीं करूंगा यकीन
मानिए कसम भगवान की

इंजीनियर मैडम निलीमा-18000/-

शिकायतकर्ता बालमुकुंद- सेक्रेटरी सरपंच तो तैयार हैं लेकिन वो बोल रहे हैं कि मैडम जी मूल्यांकन कर दी हैं वो भी बिना मूल्यांकन के बोल रहे हैं कि आधा पैसा ही निकल पाएगा।
50000 से लेकर 100000 तक ही हो पाएगा

चलिए ठीक है इस बार रोड का कपिलधारा का
तालाब का नाली का जितना बचा है अगला
पिछला विश्वास मानिए लास्ट बार रिक्वेस्ट विनती
प्रार्थना कर रहा हूं करवा दीजिए कसम भगवान
की पूरे पैसा पहुंचा दूंगा अब इससे ज्यादा क्या
बोलूं मैडम जी

इंजीनियर मैडम निलीमा-लेकिन सीसी का पैसा देना पड़ेगा,, एसडीओ मैडम का

हां मैडम जी उनका भी दूंगा मैं सभी का पैसा दूंगा
विश्वास करिए

इंजीनियर मैडम निलीमा-सीसी करवाना है तो पहले देना पड़ेगा मैडम का तीनो काम का

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -मेडम जी अब तो साइड देख लीजिए और मटेरियल भुगतान करवा दीजिए मैं आपसे बारंबार हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं मैं बहुत
ज्यादा परेशान हूं मटेरियल वाले बहुत फोन लगा
रहे हैं।
इंजीनियर मैडम निलीमा -तुमको बता चुकी हूँ कि तालाब कि सीसी होगी
इसलिए बार बार वही बात क्यों बोलते हो,, पेमेंट
के लिए पंचायत से बात करो

मूल्यांकन कर दिए हैं तो सेक्रेटरी साहब से बोल
कर मटेरियल भुगतान करवाऐ

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -मैडम जी ई सर तो बोले थे कि सोमवार मंगलवार तक में सीसी जारी हो जाएगा मेरे सामने।
इंजीनियर मैडम निलीमा-सीसी का पैसा??
लाकर दो तुरंत CC हो जायेगा कल ही

सेक्रेटरी साहब के साथ शुक्रवार को गए थे e सर
से बात हो गई है वो तो बोले थे कि सोमवार तक
सीसी जारी हो जाएगा और शायद आपको
फोन भी लगाए थे आप सीसी तो पहुंचवा दीजिए
मैडम जी

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -और सीमेंट का पैसा 28% बन रहा था मैं 5%परसेंट ही लिया हूं ₹3000 बिल परसेंट बना है और ₹3000 जनपद में खर्चा लगा है वो आपको भड़का रहा है विरोधी जो है मैं जिनको जिनको दिया हूं उनका नाम भी आपको बता सकता हूं लेकिन नाम लेने से कोई फायदा नहीं है आप
खुद अनुमान लगा सकती हैं कि कहां-कहां पैसा
लगा होगा मैडम जी आप हमें माने या ना माने
हम जिसे मानते हैं तो दिल से और ये दोगलापन
कतई नहीं कर सकते 2000 ,3000 के चलते

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -पुष्पेंद्र को पांच बार फोन लगाया पांचो बार फोन नहीं उठाया मैडम जी विश्वास किया करिए हम पर आपसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है कामकाज कैसे करना है।

इंजीनियर मैडम निलीमा- तुम मुझसे बात ही मत किया करो
शिकायतकर्ता बालमुकुंद -क्यू मैडम जी मुझसे कुछ गलती हो गई क्या
इंजीनियर मैडम निलीमा-इंदरा का पैसा कहाँ है,, मेरा और sdo मैडम का

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -अब देखते हैं कब तक में क्या होता है गलती किसी की नहीं है गलती हमारी ही है।

इंजीनियर मैडम निलीमा-तुमको मै मना भी की थीं कोई अभी काम मत करवाओ,, पर तुम मान ही नहीं रहे थे,, अपने मन से करवाए हो तो भोगो

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -वो सब ठीक बोल रही हैं लेकिन आपसे पूछ कर ही काम स्टार्ट किया था मैडम जी फोन लगाया था आपको ध्यान नहीं है शायद उस समय घर भी सब का आया था उसी वक्त से मैं काम चालू किया था आपसे परमिशन लेकर मैडम जी सीसी रोड का सीसी का जो बन रहा है और जो नाली का सीसी का बनेगा और जो आपका बनता है वो मैं सब दे दूंगा अगर अभी कहेंगे तो कुछ दे सकता हूं लेकिन कृपया करके कटौती पटौती ना करिएगा बाकी आपकी जैसी इच्छा मैडम जी।

इंजीनियर मैडम निलीमा-तुम एसडीओ मैडम का तीनो काम का हिसाब कर दो,, तालाब का जो दोगे उसको सरपंच, सचिव,grs के हिस्से में से काट लेना
तभी कुछ हो सकता है,, और मंडे के पहले चाहिए है।
इंजीनियर मैडम निलीमा-ऐसा एसडीओ मैडम बोल रही है और मुझे बार बार मैसेज मत किया करो
तुम्हारे कारण बेचारे सरपंच सचिव फंस गए
सीसी रोड में उन पर वसूली बन रही है

शिकायतकर्ता बालमुकुंद- मैडम जी तालाब का कार्य तो साफ सुथरा बेस्ट बीयर भी अच्छा बना है पिचींग भी अच्छा बना है तो उसका सीसी तो हो जाना चाहिए था और सीसी फार्म फोटो सहित आपके पास है मैडम जी हमारे नाली निर्माण का कार्य अच्छा हुआ है तो कमसे कम नाली का मटेरियल भुगतान करवाईए

इंजीनियर मैडम निलीमा-सचिव को बोलो भुगतान कर दे और अब मेरे पास मैसेज किए तो तुम्हारा सारा मुल्यांकन कटवा दुंगी ज्योति को बोलकर

शिकायतकर्ता बालमुकुंद -मैडम जी आज आकर नाली का नाप जोख करवाइए दो महीने हो गए हैं आपसे निवेदन ।

अब देखना यह है कि जिले में बैठे इमानदार अधिकारी क्या इंजीनियर निलीमा पर कोई कार्यवाही करते हैं क्या शिकायतकर्ता बालमुकुंद यादव को न्याय दिलाते हैं या फिर इंजीनियर के भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगा कर अपने पाप धोकर इमानदारी का चोला ओढ़कर फिर भोली भाली शहडोल आदिवासी बाहुल्य अंचल की जनता को बहला फुसलाकर लाखों के भ्रष्टाचार का खेल खेलते हैं। आखिर कब और कौन ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार पर करेगा कार्यवाही।

भ्रष्ट इंजीनियर पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए

प्रभाकर तिवारी संचालक उपसरपंच संगठन महासमिति ने कहा कि ग्राम केलमानिया के नाली निर्माण की जानकारी मुझे प्राप्त हुई इस संबंध में आवेदक द्वारा बताया गया 374000 का प्रशासनिक स्वीकृत थी ₹46000 न देने के चलते आवेदक का मूल्यांकन 270000 दुर्भावना पूर्वक किया गया जो कि गलत है यदि निर्माण कार्य में कुछ कमी था तो इंजीनियर साहब के पास अधिकार था उसे काम को रोक देती या वहां पर उपस्थित रहकर सही कार्य कराती जिसके लिए शासन नियुक्त किया है जिसका मैं निंदा करता हूं यह कहां पर लिखा है या प्रशासनिक व्यवस्था में कहां है की कार्य पूर्ण होने के बाद ही मूल्यांकन किया जाएगा श्री तिवारी ने कहा कि हम अपने ग्राम पंचायत एवं जिले का विकास चाहते हैं और ऐसे भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों की निंदा करते हैं जो अपने परसेंट के लिए ग्राम पंचायत के विकास में बाधा बन रहे हैं ऐसे अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए तथा इनको तत्काल उनके पद से हटा देना चाहिए मैं संवेदनशील कलेक्टर एवं कमिश्नर से निवेदन करता हूं कि ऐसे भ्रष्ट इंजीनियर को तत्काल पद से हटा दिया जाए।

शेष अगले अंक में इंजीनियर निलीमा से प्रताड़ित लाचार बेबस सचिव…….

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

साहब को फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

राजेश जैन जिला पंचायत सीईओ

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