भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

4करोड लागत से बनी कालेज के छत से टपक रहा पानी, गुणवत्ता की खुली पोल*।

266
Above News

सीधी जिले के धौहनी 82 के लोकप्रिय विधायक कुंवर सिंह टेकाम के द्वारा कुसमी आदिवासी क्षेत्र मे नई-नई संस्थाओं के लिए करोड़ों की लागत के भवन आदिवासी जनपद पंचायत में स्वीकृत कराए जा रहे हैं जिससे आदिवासियो का एवं यहां के रहबासियो के विकास में किसी तरह की कोई कसर बाकी न रहे ।मगर भवनो को निर्माण करने वाले विभाग एवं ठेकेदार बुलकुल घटिया निर्माण कार्य करके भवन हैण्ड ओवर कर दे रहे हैं।और पानी गिरते ही ऐसे घटिया निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल एक-एक करके खुल रही है वैसे कुसमी में हुए निर्माण कार्यो की गुडवत्ता पहली बारिश में ही कई पुलो का गिरना एवं भवनो के क्षतिग्रस्त होने की खबरे प्रकाशित की जा चुकी हैं।

अब एक जीता जागता मामला कुसमी कॉलेज का देखा गया है बताते चले कि कुसमी महाविद्यालय कॉलेज 4 करोड़ लागत से पीआईयू विभाग को बनाने का जिम्मा दिया गया था जिसमें ठेकेदार के द्वारा इतना घटिया निर्माण कार्य किया गया कि कॉलेज की छत से पानी टपक रहा है भवन की दीवार मे दरार आ आई है,लगाई गई टाइल्स उखड गई है,अब वहां पर अध्यनरत आदिवासी छात्र-छात्राओं के ऊपर कभी भी छत की छपाई का मटेरियल गिर सकता है। ऐसी शंका छात्रो ने ही जाहिर की है। इसकी जानकारी संस्था प्रमुख के द्वारा संबंधित ठेकेदार को दी जा चुकी है लेकिन सुधार कार्य अभी तक नहीं किया गया है।वहीं सूत्रों के द्वारा बताया यह भी जा रहा है की भवन की गारंटी कुछ ही माह की शेष है नही वारंटी पूरी हो जाएगी फिर कॉलेज की तरफ न तो पीआईयू विभाग के अधिकारी कर्मचारी ध्यान देंगे और न ही ठेकेदार ध्यान देंगे ऐसे में अध्यनरत छात्र छात्राएं एवं शिक्षक किस तरह से इस टपकते भवन में गुजारा करेंगे यह सोचने योग्य है।

वही बुद्धिजीवियों का कहना है कि ठेकेदार के द्वारा घटिया पदार्थ का उपयोग किया गया नदी नालों के रेत का उपयोग किया गया उस समय जब भवन बन रहा था तब भी मीडिया ने खबर प्रकाशित की थी जिस पर कुसमी एसडीएम जांच करने गये थे बाद मे फिर वही रवैया हो गया और आज भवन टपक रहा है।

ऐसे में ठेकेदार एवं पीआईयू विभाग के अधिकारियो कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए जिन्होने इस तरह के 4 करोड़ की लागत के भवन में लापरवाही बरती है।अगर कार्यवाही हो जाये तो अधिकारी दोबारा ऐसी लापरवाही न बरतगे।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper