सचिव के मनमानी राज में हो रहे जनता परेशान

सवांददाता रजनीश मौर्या
सीधी जिले के वनांचल क्षेत्र पंचायत कुसमी का यह मामला सामने आया है जहां सचिव व अधिकारी मिलकर के पंचायत के विकास को रोक रखा है और सरकारी खजाने को लगातार बिना कार्य किये ही खली किया जा रहा है।
पंचायत के उप सरपंच वंश गोपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत कर बताया सरपंच सचिव व अधिकारियों के सांठगांठ से पंचायत के खाते से राशि बिना कार्य के निकाली जाती और विरोध करने पर हमें धमकियां दी जाती है शांत रहो हमें काम अच्छे से आता है तुम अपना देखो नहीं तो हम तुम्हें भी देख लेंगे।
पंचायत के उप सरपंच ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुसमी पंचायत सचिव विपिन सिंह पंचायत के विकास को लगातार रोकने का काम किया है।
महिला सरपंच के पति चलाते हैं पंचायत
सरपंच व सचिव के द्वारा कभी पंचायत भवन में ग्रामीणों को बुलाकर के हितग्राही मूलक शासकीय योजनाओं के बारे में नहीं बताया जाता
कुसमी तालाब मरम्मत के नाम फर्जी बिल लगाकर अर्पिता ट्रेडर्स के नाम 174999.00 रुपए आहरण कर लिया गया है सचिव से इसकी मूल्यांकन मांगी गई तो कोई जानकारी मुझे नहीं दी गई
तालाब मरम्मत कुसमी लड़केरी में जेसीबी मशीन से कार्य करवाया गया जबकी मजदूरो से यह कार्य करना चाहिए 194682.00 अपने गृह कार्य के मजदूर के नाम एटीएम के माध्यम से राशि आहरण किया गया सार्वजनिक पेयजल कूप निर्माण लड़केरी ग्राम कुसमी में राशि 159046.00 से अपने ग्रह ग्राम के मजदूर के नाम एटीएम से राशि आहरण किया गया।
तालाब जीरोधार कार्य छपराटोला राशि 185500.00 अपने ग्रह ग्राम के मजदूर के नाम एटीएम के द्वारा निकाली जाती है।
सचिव विपिन सिंह के द्वारा बिना पैसे लिए किसी का कोई भी कार्य नहीं किया जाता है मुझसे व ग्राम पंचायत के पंचों से अभद्रता व्यवहार किया जाता है।
तालाब जीरोधार छपराटोला राशि अर्पिता ट्रेडर्स के नाम 137000.00 15 दिन में किया गया है जबकि स्थल पर कोई भी कार्य नहीं है और ना ही मजदूर लगे फिर भी फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण कर लिया गया है।
ग्राम पंचायत में मात्र 12000.00 का कुर्सी टेबल आई थी लेकिन सचिव के द्वारा फर्जी बिल बनाकर अनुपम स्टेशनरी कुसमी के खाते में 35340.00 आहरण कर लिया गया जबकि स्टेशनरी के पहले भी 23 /10 /22 को ज्योति कंप्यूटर के नाम 31560.00रुपए आहरण कर लिया गया था वह भी फर्जी बिल था कोई भी सामग्री नहीं आया था।
सचिव विपिन सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत उसमें में दो माह के अंदर 704708.00 रुपए का गबन किया गया है जो की पंचायत के किसी भी पंचों को जानकारी नहीं है सरपंच की भुगतान डिब्बी खुद अपने पास रखे हैं और मनमानी रवैया से फर्जी बिल लगाकर भुगतान कर लेते हैं 15 वित्त की राशि लगभग उसमें पंचायत में 700000.00 शासन से प्राप्त हुई लेकिन शासन की किसी गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ और ना ही कोई राशि आहरण में ग्राम सभा का अनुमोदन लिया गया अगर विपिन सिंह सचिव के ऊपर 15 दिवस में जांच कर कार्यवाही नहीं हुई तो मैं जनपद पंचायत कुसमी में अनशन बैठने पर मजबूर हो जाऊंगा जिसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।

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