नागौद तहसील में बाबू राज
अराजकता एवं भ्रष्टाचार से किसानो आम जनमानस में असन्तोष

सतना। नागौद तहसील में कई वर्षों से जमे बाबुओं का स्थानांतरण न होने के मुद्दे पर किसानों में असन्तोष बढ़ता जा रहा है। यह मुद्दा न केवल प्रशासनिक दक्षता में कमी को दर्शाता है, बल्कि इससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की संभावना भी बढ़ जाती है
तहसील बाबू एक महत्वपूर्ण कर्मचारी होता है, और उनका लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से स्थानीय लोगों के साथ अनुचित संबंध बनाने की संभावना हो सकती है ²। इससे प्रशासनिक निर्णयों में पक्षपात और भ्रष्टाचार की संभावना भी बढ़ जाती है।
कुछ जिलों में बाबुओं के स्थानांतरण में देरी के मामले सामने आए हैं, जैसे कि सतना जिले में बाबुओं का सिंडिकेट चलने की खबरें हैं ¹। इससे पता चलता है कि यह मुद्दा केवल नागौद तहसील तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक समस्या है जिसका समाधान करने की आवश्यकता है।
किसानों की मांग है कि बाबुओं का स्थानांतरण जल्द से जल्द किया जाए ताकि प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और बाबुओं के स्थानांतरण की प्रक्रिया को शुरू करना चाहिए।
ग्रामीण किसानों का कहना है कि नागौद तहसील में तहसीलदार का स्थाई रूप से ना होना भी एक समस्या है। इसलिए प्रशासन से मांग है कि तहसीलदार को स्थाई रूप से नागौद में नियुक्त किया जाए दो जगह का प्रभार होने के कारण कार्य में दिक्कत आती है किसान दूरदराज से आते हैं। और वापस लौट जाते हैं। जिससे काफी समस्याओं को समाधान नहीं हो पाता
बेबाक शक्ति जिला संवाददाता रोहित कुमार पाठक 8821934125
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