पत्रकारों का अपमान कर गौरव दिवस मना रहा है मैहर जिला प्रशासन

सत्ता के मद में चूर मैहर विधायक ने पत्रकारों को बताया जो करेगा सेवा खायेगा मेवा। मेरा नाम श्रीकांत चतुर्वेदी है।
जिला प्रभारी मंत्री ने राधा सिंह ने जिला प्रशासन की कमी बताया कहा कल रात मुझे खाना नही मिला। आप लोग ज्यादा सवाल करोगे चोंगा छुड़ा लुंगी*
मैहर जिला प्रशासन के द्वारा पत्रकारों का लगातर अपमान किया जा रहा है। 5 अक्टूबर 2024 से पूरे 1 साल हो गए मैहर को जिला का दर्जा प्राप्त हुए। जिले के साथ साथ नए जिले के कलेक्टर के रूप में नारी शक्ति की प्रशासनिक अधिकारी रानी बाटड़ मिली। जिले के लोगो को भी लगातार बेहतर काम की उम्मीद जगी। अपने जिले की नई मुखिया को पाकर। पत्रकारों को भी अब खबर के लिए मैहर में ही अधिकारी और उनकी बाईट मिल जायेगी उम्मीद जगी। दिन महीने गुजर रहे थे। लेकिन मुखिया के व्यवहार में तानाशाही लगातार बढ़ती ही जा रही थी। पत्रकारों की उपेक्षा की जा रही रही थी। कार्यालय से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पत्रकार बस पीछे पीछे लगे रहे न बाईट मिलती न सम्मान जनक अचार व्यवहार इसी कारण पत्रकार अपने आपको अपमानित महसुस करने लगा। नवरात्रि के मेले में पत्रकारों को मैहर मां शारदा मंदिर रोपवे पास नही वितरित किये गए न ही वाहनों से जाने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा दी गई। उल्टा इधर उधर से पत्रकारों को बसूलीबाज कहकर उनके सम्मान को ओर ठेस पहुचाई गई। रही सही कसर हाल ही में कई लाखों रुपये खर्च कर जिला प्रशासन ने मैहर जिले का गौरव दिवस मनाया किंतु पत्रकारों के साथ न कोई मीटिंग न कोई आमंत्रण दिया गया। जबकि हजारों कार्ड छपकर पूरे जिले भर में बाटे गए।
मैहर जिले की प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों से भेंट का समय सुबह 9:30 का कल दिया था। आज सभी पत्रकार लगभग 70 से 80 की संख्या में माननीया से मिलने रेस्ट हाउस पहुचे थे मंन्त्री महोदया के साथ साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। पत्रकारों की संख्या देख मैडम भी भड़क गई उन्होंने आपा खोते हुए कहा कि 2 लोग से ज्यादा बात नही करेगा कोई नही तो चोंगा छुड़ा लुंगी। साथ ही साथ पत्रकारों ने जिला प्रशासन की कमियों को जब गिनाया तो मंन्त्री जी ने भी कल रात खाना न मिलने की बात कही जिससे स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन के लिए मंन्त्री का प्रोटोकाल भी कोई मायने नही रखता।
जिला प्रशासन के साथ सांठ गांठ से दुकानदारी चला रहे मैहर विधायक श्रीकांत ने पत्रकारों को बताया कि मुझे पद की कोई लालसा नही है। साथ ही मेरा नाम श्रीकांत चतुर्वेदी है। धमकी भरे लिहाज से बताया। जिससे पत्रकारों में रोष व्याप्त है।
देवी दर्शन कर रेस्ट हाउस पहुचे वन मंन्त्री पहले पत्रकारों की बातों को सुनने आगे आये और भरोसा देकर रेस्ट हाउस के अंदर चल गये किंतु जब वापस लौटे तब पत्रकारों को अनसुना करते हुए गाड़ी से निकल गए। और पत्रकार नारे लगा रहे थे मंन्त्री जी न्याय करो।
आज मैहर जिले के पत्रकारों के साथ जिला प्रशासन की अमानवीयता तो थी ही स्थानीय विधायक और प्रदेश शासन को दो दो मंत्रियों का भी व्यहार भी पत्रकारों को दुखी कर गया अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री मोहन यादव से बताने ओर न्याय की गोहार लगाने सभी पत्रकार क्रमिक अनशन के रास्ते पर चल पड़े है। अब देखना होगा कि प्रदेश के मुखिया पत्रकारों के साथ क्या न्याय कर पाते है या पत्रकार यू ही अपमानित होते रहेंगे।
जिला संवाददाता रोहित पाठक

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