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किसके किसके संरक्षण में चल रहा है अवैध रेत का खनन

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आशीष सिंह की रिपोर्टिंग

खुल्ले आम चल रहे अवैध रेत खनन से साफ होता है पुलिस प्रशासन हो या फॉरेस्ट अधिकारी  अपनी जिम्मेदारियों का कितने अच्छे तरीके से निभा रहे है

क्या अवैध वसुली के चलते हो रहा है मशीनों से रेत का खनन!?

अंबाह के अंतर्गत आने वाला तुसलई घाट इन दिनों चर्चा में बहुत प्रिंट मीडिया के जरिए बार-बार प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है की चंबल नदी में डकैती डाली जा रही है और ढाका इसलिए डाला जा रहा है क्योंकि प्रशासन अधिकारी आराम फरमा रहे हैं क्षेत्र में इन दिनों अवैध उत्खनन करने वाले माफिया बेखौफ होकर उत्खनन कर रहे हैं, लेकिन इन पर प्रशासनिक कसावट नहीं हो रही है मुरैना जिले की अम्बाह तहसील के गाँव की खदानों पर प्रतिदिन रात के समय में मशीनों से रेत का उत्खनन किया जाता है। खनन माफियाओं के द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध रूप से स्टॉक किया जा रहा है,जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है। इन खादानों के पास रहने वाले ग्रामीण कई बार जिला खनिज अधिकारी को शिकायत कर चुके है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, कई खदानें अवैध रूप से बिना रॉयल्टी और बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं। अंबाह पुलिस रेत माफियाओं पर मेहरबान, पुलिस की साठगांठ से अनदेखी का अनोखा खेल यह मामला अंबाह थाने के अंतर्गत रेत खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने में स्थानिक पुलिस नकाम साबित होती नजर आ रही है। क्या अंबाह पुलिस प्रशासन के संरक्षण में चल रहा है अवैध रेत का खनन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार  मंगलवार की दोपहर अंबाह थाने के अंतर्गत आने वाले घाट नदी गांव वाले मिलकर अवैध रूप उत्खनन कर रहे हैं पुलिस लेकिन स्थानिक पुलिस के द्वारा अवैध रेत खनन माफियाओं पर दरियादिली दिखाते हुए रेत खनन से  संबंधित कोई भी मामला दर्ज नहीं किया क्या अंबाह पुलिस रेत खनन माफियाओं से एंट्री वसूलती है? जिसके चलते पुलिस के संरक्षण में चलता है अवैध रेत खनन सूत्रों का तो ये भी कहना है की पुलिस के द्वारा पहले 5000 रुपए एंट्री से अब ₹7000 एंट्री कर दिया गई है

इनका कहना है
(फॉरेस्ट अधिकारी भूरा गायकवाड)

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