सीसी रोड निर्माण में सहयोग कर रहे ग्रामीण,हटावा रहे अतिक्रमण, विकास में सहयोगी बने ग्रामीण

ग्राम पंचायत के विकास में सुरेश ने लगाया विकास कार्य पर ग्रहण, रोड पर किया अतिक्रमण
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद भी कुम्भकरणी निंद्रा सो रहे बुढार तहसीलदार

अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.7999140850
शहडोल।म.प्र.के शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील के ग्राम पंचायत खैरहा में अजीबो गरीब मामला देखने को मिला खैरहा ग्राम पंचायत बस स्टैंड से बार्ड नंबर 6-7 से होते हुए माध्यमिक विद्यालय एवं पशु औषधालय पहुंच मार्ग निर्माण में जहां निर्माण रत सीसी रोड़ में फैले अतिक्रमण को ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर वार्ड वासियों द्वारा अतिक्रमण को हटाते हुए विकास कार्य में सहयोग प्रदान कर रहे हैं वार्ड वासी वही खैरहा ग्राम पंचायत का निवासी सुरेश बुनकर ने ग्राम पंचायत के विकास में निर्माण रत सीसी रोड़ पर ग्रहण लगा कर बैठ गया।जिले के ग्राम पंचायतों में भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के चलते गांवों का विकास बाधित हो गया है। अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बेरोकटोक सीसी रोड़,खाली मैदान से लेकर तालाब, स्कूल परिसर, श्मशान घाट, गौचर भूमि पर भी कब्जा कर रहे हैं। दिन-ब-दिन बढ़ रहे अतिक्रमण के चलते लोगों का चलना दूभर होता जा रहा है। लोगों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है। गांव की तस्वीर व तकदीर बदलने पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्यों को गति प्रदान करने का प्रयास किया जाता है लेकिन भूमि पर अतिक्रमण होने से विभिन्न विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।ऐसा भी नहीं कि बाधित विकास कार्यों की शिकायते नहीं होती बता दें कि ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के द्वारा ग्राम पंचायत प्रस्ताव सहित शिकायत बुढार तहसीलदार से कि गई लेकिन मजाल क्या की दबंग अतिक्रमणकारी सुरेश बुनकर पर तहसीलदार बुढार कोई कार्यवाही करे बता दें कि शिकायतकर्ताओं की शिकायत के बाद से मौका स्थल पर लाचार बेबस राज्स्व अधिकारी व कर्मचारी नही पहुंच पाए सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या पंचायत अधिनियम की जानकारी बुढार तहसील में बैठे अधिकारियों को नही है क्या और अगर है तो अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं कर पाऐ तहसीलदार बुढार।
क्या कहती है पंचायत अधिनियम की धारा 56
बता दे की पंचायत अधिनियम की धारा 56.मे सार्वजनिक मार्गों तथा खुले स्थानों पर रुकावटें बाधा तथा अधिक्रमण।
(1) कोई भी जो ग्राम पंचायत क्षेत्र के भीतर किसी सार्वजनिक मार्ग या खुले
स्थल पर या ऐसे मार्ग पर स्थित किसी नाली पर-
(क) किसी दीवाल बाड़, जंगले, खम्भे, स्टाल, बरामदे, चबूतरे, कुर्सी, सीढ़ी या कोई अन्य संरचना का निर्माण करके या बनाकर; या
(ख) ग्राम पंचायत की लिखित अनुज्ञा के बिना या ऐसी अनुज्ञा में उल्लिखित शर्तों के प्रतिकूल कोई बरामदा, छज्जा, कमरा या अन्य किसी संरचना का
निर्माण इस प्रकार करके कि जिससे वह किसी सार्वजनिक सड़क पर या ऐसी सड़क पर स्थित किसी नाली पर आगे निकला हुआ प्रलंबित हो; या
(ग) किसी स्थल से मिट्टी, रेत या अन्य सामग्री आपराधिक रूप से हटाकर; या
(घ) किसी चारागाह या अन्य भूमि में अप्राधिकृत रूप से खेती करके कोई रुकावट, बाधा या अधिक्रमण करेगा, जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक का
हो सकेगा और चालू रहने वाले अपराध के मामले में ऐसे और जुर्माने से जो ऐसे अपराध के लिये प्रथम दोषसिद्धि की तारीख के पश्चात् ऐसे प्रत्येक
दिन के लिये, जिसके दौरान ऐसे अधिक्रमण, बाधा चालू रहती है या आगे निकला हुआ भाग बना रहता है, बीस रुपये तक का हो सकेगा, दंडित किया
जा सकेगा ।
(2) उपधारा (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ग्राम पंचायत को ऐसी किसी बाधा या अधिक्रमण को हटाने और चारागाह या किसी भूमि पर, जो निजी संपत्ति न हो, अप्राधिकृत रूप से उगाई गई फसल को हटाने की शक्ति होगी और उसे किसी ऐसे खुले स्थल में कि, जो निजी संपत्ति न हो चाहे वह स्थल ग्राम पंचायत में निहित हो या न हो, उसी प्रकार की किसी अप्राधिकृत बाधा या अधिक्रमण या आगे निकले हुए भाग को हटाने के लिये भी वैसी ही शक्ति होगी, और इस प्रकार हटाये जाने के व्ययों का संदाय उस व्यक्ति द्वारा किया जायेगा जिसने उक्त अधिक्रमण किया है और ऐसे व्ययों का संदाय न किये जाने पर ऐसा व्यय भू राजस्व के बकाया के तौर पर उस व्यक्ति से वसूल किया जा सकेगा।

परन्तु उपधारा (1) तथा इस उपधारा में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि ग्राम पंचायत, राज्य सरकार में निहित किसी भूमि पर से किसी रुकावट, बाधा या अधिक्रमण को हटाने के लिये संकल्प करती है तो वह ऐसी भूमि से ऐसी रुकावट, बाधा या अधिक्रमण को हटाने के लिये तहसीलदार को संसूचित कर सकेगी और तहसीलदार ऐसा करने के
लिये छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 (क्र. 20/1959) के उपबन्धों के अधीन कार्यवाही
करेगा ।
(3) ग्राम पंचायत, इस धारा में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी त्योहारों तथा उत्सवों के अवसरों पर अधिक से अधिक दस दिन के लिये किसी सार्वजनिक स्थान का,ऐसी रीति में, जिससे जनता को या किसी व्यक्ति को असुविधा न हो, अस्थायी रूप से अधिभोग किए जाने या उस पर कोई परिनिर्माण किए जाने या आगे निकला हुआ भाग निर्मित करने की अनुज्ञा इस अधिनियम के अधीन बनाई गई उपविधियों के अनुसार दे सकेगी।
यह है पुरा मामला
ग्राम पंचायत खैरहा द्वारा बस स्टैंड खैरहा से गाढ़ी चौक होते हुए मा० शाला तक जर जर सी.सी. रोड का मरम्मत कार्य, नया सी.सी. रोड निर्माण कार्य दिनांक 13/11/2024 से प्रारंभ है और सड़क के अगल बगल निवासरत सभी लोगो द्वारा सहयोग प्राप्त हो रहा है। सी.सी. रोड की चौड़ाई कम से कम 3 मीटर किया जाना आवश्यक है, जिनके भी चबुतरे अथवा अन्य प्रकार के अतिक्रमण है सब सहमती से हटा रहे है, किन्तु सुरेश बुनकर पिता बाबुलाल बुनकर किसी प्रकार से मानने को तैयार नहीं है । इस सम्बन्ध में जनप्रतिनिधियों समेत ग्राम पंचायत के अन्य सम्माननीय सैकड़ो जानो ने बात भी की है पूरे रोड में सबसे जादा समस्या उसी स्थान पर है। वर्षो पहले उस स्थान से बड़ी बसे एवं अन्य बड़े वाहन आसानी से निकल जाते थे, मौके पर मात्र 8 फिट जगह मिल पा रहा है और दो फिट की आवश्यकता है जिस पर सुरेश बुनकर द्वारा जर जर अतिक्रमण किया हुआ है । उक्त सम्बन्ध में अतिक्रमण हटाये जाने हेतु पूरे जनता जनार्धन की मांग है। विगत 13/11/2024 को ग्राम
सभा में सर्व सम्मती से अतिक्रमण हटाये जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव भी ध्यान में रखते हु अतिक्रमण हटा कर कम से कम 3 मी० सी.सी. रोड पारित हुआ है । जन हित को बनाना आवश्यक है । ग्राम पंचायत के सरपंच पंच जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य ने तहसीलदार से मांग की की उक्त गंभीर समस्या को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का कार्य अति शीघ्र किया जाए।

जनप्रतिनिधि ने की प्रशासन से मांग ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं पंचायत अधिनियम का हो पालन
इस संबंध पर मैं जब शहडोल जिला पंचायत निर्माण समिति सभापति जगन्नाथ शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मैं ग्राम पंचायत खैरहा का ही निवासी हुं और जब से मैं जाने लायक हुआ हूं तब से 14 फुट 16 फुट की खैरहा बस स्टैंड से गाड़ी मार्ग आम रास्ता चालू रहा बिगत 5-6 साल पूर्व सुरेश बुनकर का वहां पर मकान था जो टूट गया था जिस कारण से उसने रोड पर अतिक्रमण करते हुए मिट्टी की दीवाल खड़ी कर दी है ग्राम पंचायत के प्रस्ताव सहित शिकायत तहसीलदार को किया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई कहने को तो ग्राम सभा और पंचायत अधिनियम बनाए गए हैं लेकिन ग्राम पंचायत को और ग्राम सभा में कोई ताकत या कानून का पालन नहीं किया जा रहा है नगर पंचायत नगर पालिका में फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए एसडीएम स्वयं खड़े होकर रोड से अतिक्रमा हटाते हैं क्या वहां पट्टा नहीं होता है आम रास्ते में पट्टा नहीं लगता है बरसों से चले आ रहे रास्ते में पट्टा नहीं लगता है लेकिन ग्राम पंचायत में हो रहे हैं विकास कार्यों में जिस तरह से बथा डाला गया है उस कारण से वहां पर रोड छोड़ दी गई है और शासन प्रशासन से मैं यही कहना चाहूंगा कि ग्राम पंचायत को वह शक्तियां दी जाए ग्राम पंचायत के प्रस्ताव का मान रखा जाए पंचायत अधिनियम का पालन हो।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस संबंध में चर्चा के लिए फोन लगाया गया मोबाइल की घंटी बजती रही फोन नही उठ संपर्क नहीं हो पाया।
श्रीमती याचिका परतें
तहसीलदार बुढार

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