मैहर में फरियाद सुनाने वालों को फंसाने का खेल जारी: जयंती महेश तिवारी

मैहर।मैहर विधानसभा में अधिकारियों की तानाशाही इस हद तक बढ़ गई है कि आम जनता के अधिकार और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में, जनपद पंचायत और आजीविका मिशन के अधिकारियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने मैहर क्षेत्र में प्रशासनिक रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आजीविका मिशन के खिलाफ सामूहिक शिकायत
कुछ दिन पहले, स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने जनपद पंचायत और आजीविका मिशन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपा था। इस शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई, लेकिन अब इसे प्रभावित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से शिकायतकर्ता महिलाओं को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें की जा रही हैं।
जिला पंचायत सदस्य जयंती महेश तिवारी का बयान
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती जयंती महेश तिवारी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ लगाए जा रहे झूठे आरोप इस बात का प्रमाण हैं कि शिकायतकर्ता को चुप कराने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा,
> “जिस महिला पर मारपीट का आरोप लगाया गया है, वह वही महिला है जिसने आजीविका मिशन के अधिकारियों की गड़बड़ियों को उजागर किया था।”
तिवारी ने बताया कि महिलाओं की शिकायत के आरोपी मैहर से रामनगर में पदस्थ हुए अब वही से मैहर जनपद के अधिकारियों के सहयोग से कागजी शिकायतें तैयार कर महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले पर पुलिस विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले की घटनाओं में भी पुलिस ने हर पहलू पर जांच नहीं की है,सूत्र बताते है फर्जी दस्तावेज से बदेरा थाने में जांच प्रभावित करने के उद्देश्य से फरियादी को डराने के लिए की गई थी।
महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन की चेतावनी
जयंती महेश तिवारी ने कहा कि अगर झूठे आरोप लगाकर महिलाओं को फंसाने की साजिश जारी रही, तो मजबूरन स्व-सहायता समूह की महिलाएं जनपद कार्यालय का घेराव और तालाबंदी करेंगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जांच में कोई हस्ताक्षेप हुआ या झूठे आरोप सिद्ध करने की कोशिश की गई, तो इसके लिए जनपद कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
साजिश की ओर इशारा
तिवारी ने इस पूरे मामले को “झूठा षड्यंत्र” बताते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं को डराने-धमकाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब जनता के विरोध का कारण बन रहा है, और जल्द ही जनपद कार्यालय को घेरने के लिए बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
मैहर में प्रशासनिक तानाशाही और जवाबदेही के अभाव के चलते जनता और प्रशासन के बीच का तनाव बढ़ता जा रहा है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं और उनके परिवार जन अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अगर स्थिति नहीं बदली, तो यह मामला बड़े जनांदोलन का रूप ले सकता है।
जिला संवाददाता संवाददाता रोहित पाठक की खबर
8821934125

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