शहर में जगह जगह सट्टे का कारोबार बड़ी जोरों शोरों पर, ज़िम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

आशीष सिंह की रिपोर्टिंग
मुरैना/अम्बहा।शहर में सट्टे का अवैध कारोबार जगह जगह होने के बाद से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं का इस ओर रूझान बढ़ा है। पुलिस का सट्टे पर कोई अंकुश नहीं है। शहर में सट्टे के बड़े बड़े खाइवाल मिलकर पूरे शहर में सट्टे का बाजार चला रहे हैं। जिनकी लिंक जिम्मेदारों जुड़ी हुई है। इन सबके बीच स्थानिक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। पुलिस का सटोरियों के विरूद्ध कोई एक्शन न लेना कहीं न कहीं जिम्मेदारों पर सांठगांठ का असर है वैसे भी पुलिस ने एक लम्बे अर्से से सटोरियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सट्टे के कारोबार को चरमसीमा पर पहुंचाने में पुलिस का भी बराबर का हाथ है। इस बीच सूत्रों से यह खबर छनकर सामने आ रही है कि जिस तरह से शहर व ग्रामीण क्षेत्र में सट्टे का संचालन किया जा रहा है, इसमें जगह जगह बैठे खाइवाल मिलकर दर्जनभर से अधिक जगहों पर सट्टे को संचालित कर रहे हैं।
ग्राहकों से पट्टियां भी ली जा रही है। इधर सट्टे के नशे में युवा वर्ग तबाह हो रहा है। नई पीढ़ी भविष्य की चिंता करने की बजाय एक के 90 करने में किस्मत आजमाते हुए बर्बाद हो रही है।घरों में आर्थिक समस्याओं के उत्पन्ना होने से क्लेश बढ़ रहे हैं। विवाद की स्थिति बन रही है। इस तरह सट्टे के अवैध कारोबार ने कई परिवारों का जीना मुहाल कर रखा है। इस अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर है वो बढ़ावा दे रहे हैं। जागरूकजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने समय रहते सट्टे के कारोबार पर रोक नहीं लगाई तो नई पीढ़ी का जीवन पूरी तरह बर्बाद होने में देर नहीं लगेगी।
कभी-कभार होती है छुटपुट कार्रवाईः पुलिस को एक लंबे अर्से से सट्टे के मामले में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। कभी-कभार फुटपाथ पर बैठकर पट्टी लिखने को वालों को पकड़कर मुचलके पर छोड़ दिया जाता है। जबकि सट्टे का कारोबार सिर्फ फुटपाथ तक ही सीमित नहीं है। बड़े-बड़े रसूखदारों का इसमें बड़ी भूमिका है। सटोरियों पर कार्रवाई न हो पाने के पीछे पुलिस की कमजोर कड़ी कुछ पुलिसकर्मी ही बताए जाते है। मैदानी अमले से जुड़े पुलिस कर्मचारियों की सटोरियों से अच्छी खासी मिलीभगत है। उन्हीं के माध्यम से सटोरिए धंधा चलाने के एवज में थाने को मालामाल कर रहे हैं। सट्टे के इस अवैध कारोबार ने मध्यम वर्ग के युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। जो कुछ पैसों से अधिक पैसे बनाने के लालच में आकर रोजाना अपनी थोड़ी बहुत जमा पूंजी भी सट्टे पर उड़ेल रहे हैं। यहां तक की दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाला मजदूर भी रोज की कमाई का कुछ हिस्सा सट्टे में लगाकर अपने व परिवार के लिए मुसीबत खड़ी कर रहा है।
शहर में सट्टे के ये हैं हॉटस्पॉट
अंबाह शहर में हॉटस्पॉट जैसे सादर बाजार ,नगरपालिका चौराह, मिश्रनगर, गुधैनिया थोक मंदिर के पीछे, एडवेकेट कालोनी तालाब रोड, परेड चौराह, लेनरोड, चिरपुरा रोड, पूठ रोड़

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