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कन्नौज रेलवे स्टेशनः निर्माणाधीन छत – गिरने से बड़ा हादसा, कई मजदूर दबे

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कन्नौज से जिला संवादाता ऋषि जैन बेवाक शक्ति न्यूज

कन्नौज। कन्नौज रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन इमारत की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे की है, जब निर्माण कार्य चल रहा था। मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय ■ लोगों और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।


रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर एक नई इमारत का निर्माण किया जा रहा था। छत डालने का कार्य चल रहा था कि अचानक पूरी संरचना ढह गई। निर्माणाधीन छत के नीचे लगभग तीन दर्जन मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 50 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, अन्य मजदूरों को मलबे से निकालने का काम जारी है।

हादसे की सूचना मिलते ही

जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हैं। अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि कुछ अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। घायलों को नजदीकी जिला अस्पताल और कानपुर के हैलट अस्पताल भेजा गया है।

प्रारंभिक जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मजदूरों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान

सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। छत गिरने की मुख्य वजह लोहे की सरिया और सीमेंट के कमजोर मिश्रण को बताया जा रहा है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य ठेके पर दिया गया था, और ठेकेदार की भूमिका की जांच की जा रही है। घटना की जांच के लिए जिला मजिस्ट्रेट और रेलवे विभाग ने संयुक्त टीम गठित कर दी है।

कन्नौज के जिलाधिकारी ने बताया कि, यह एक गंभीर घटना है। प्राथमिकता सभी मजदूरों को

सुरक्षित बाहर निकालने की है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे के डीआरएम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण करने के आदेश दिए और कहा कि घटना की रिपोर्ट 72 घंटे में सौंपने का निर्देश दिया गया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में बार- बार लापरवाही की शिकायत की गई थी, लेकिन इसे अनदेखा किया गया।

कन्नौज रेलवे स्टेशन पर हुआ यह हादसा प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। रेलवे प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी है, और प्रशासन की निगाहें मामले की तह तक पहुंचने पर टिकी हैं।

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