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विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट

गांव का बढ़ाये जल स्तर , सुखी हो सब ग्रामीण जन – विधायक बांधवगढ
जल संवर्धन करके अपने गांव को बनाये पानीदार – कलेक्टर
हम सबने ठाना है – जल संरचनाओं को बचाना है – सीईओ जिला पंचायत
करकेली जनपद के ग्राम पठारी में राजाराम तालाब के जीर्णाेध्दार कार्य में विधायक बांधवगढ, कलेक्टर , सीईओ जिला पंचायत सहित ग्रामीणों ने बहाया पसीना
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उमरिया 2 अप्रैल । गांव का बढ़ाये जल स्तर , सुखी हो सब ग्रामीण जन। लगातार जल स्तर के गिरने के कारण ग्रीष्मकाल में हम सबको पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ता है । जल को बनाया तो नही जा सकता है , लेकिन बचाया अवश्य जा सकता है । जल संग्रहण के लिए जहां हमें एक ओर पुरानी जल संरचनाओं का संरक्षण करना होगा वहीं वर्षा के जल को संग्राहित करने के लिए नई जल संरचनाओं का निर्माण करना होगा । देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के आव्हान पर पूरे प्रदेश में गांव गांव में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से यह कार्य जन सहभागिता से किया जा रहा है । आइये हम सब मिलकर इस कार्य को आगें बढाये । उक्त आशय के विचार विधायक बांधवगढ शिवनारायण सिंह ने करकेली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पठारी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजाराम पांडेय तालाब के जीर्णाेध्दार हेतु आयोजित श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ।
कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जल संवर्धन करके अपने गांव को बनाये पानीदार । पानीदार से आशय गांव में पर्याप्त जल की उपलब्ध्ता से है । जिससे किसानों को भरपूर सिंचाई हेतु पानी मिल सके । पेयजल , पशु पक्षियों तथा पेड पौधों को भी पानी उपलब्ध कराया जा सके । आपने कहा कि ऐसा माना जाता है कि तीसरा विश्व युध्द पानी के संकट को लेकर होगा । हम सबकों मिलकर पानी की त्रासदी से बचने के लिए समन्वित , सामाजिक एवं जन सहभागिता से कार्य करने की जरूरत है ।
सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कहा कि हम सबने ठाना है – जल संरचनाओं को बचाना है। प्रदेश सरकार व्दारा 90 दिवसीय जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उददेश्य पुरानी जल संरचनाओं , तालाबो, बावडी, नदियों, नालों का जीर्णाेध्दार करना, उनकी साफ सफाई करना , उनकी मेढो के आस पास वृक्षारोपण करना है । साथ ही जन जागरूकता लाकर जन सहभागिता से श्रमदान के कार्यक्रम जो लोग सक्षम है , इन कार्याे में दान भी कर सकते है । सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम ने कहा कि यह तालाब ग्राम पंचायत व्दारा बनाया गया था । जीर्णाेध्दार करके गांव के स्व सहायता समूह की महिलाओं को मछली पालन तथा सिंघाडा उत्पादन से जोडने का कार्य किया जायेगा । इस अवसर पर सीईओ जनपद पंचायत करकेली हरनीत कौर कलसी , सहायक यंत्री ऋषभ शुक्ला, उपयंत्री राजेश त्रिपाठी , जनपद सदस्या श्री कोल , उपसरपंच श्रीमती शांति कोल , पंच निहारिका पांडेय , मुकेश सिंह , पंचायत सचिव , पटवारी सहित बडी संख्याओ में ग्रामीण जनों ने श्रमदान में भाग लिया ।
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ग्राम पंचायत पठारी में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण की दिलाई शपथ
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उमरिया 2 अप्रैल। करकेली जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पठारी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजाराम पांडेय तालाब के जीर्णाेध्दार हेतु आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में विधायक बांधवगढ शिवनारायण सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जल संरक्षण की उपस्थित जनों कों शपथ दिलाई ।
उन्होने शपथ दिलाई कि मैं पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग की शपथ लेता हूँ , लेती हूँ कि मैं जल का समुचित उपयोग करूँगा , करूँगी तथा पानी हर एक बूंद का संचयन करूँगा , करूँगी और जल शक्त्ति अभियान कैच द रेन को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग दूंगा,दूंगी। मैं पानी को एक अनमोल संपदा मानूँगा , मानूँगी और ऐसा मानते हुए ही इसका उपयोग करूँगा ,करूँगी। मैं शपथ लेता हूँ , लेती हूँ कि मैं अपने परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी इसके विवेकपूर्ण उपयोग और उसे व्यर्थ नहीं करने के लिए प्रेरित करूँगा , करूँगी। यह ग्रह हमारा है और हम ही इसे बचा सकते हैं और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। हम सब मिलकर जल आंदोलन को जन आंदोलन बनायेंगे।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, जनपद पंचायत सीईओ हरनीत कौर कलसी, सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम, सहायक यंत्री ऋषभ शुक्ला, उपयंत्री राजेश त्रिपाठी , जनपद सदस्य श्री कोल , उपसरपंच श्रीमती शांति कोल , पंच निहारिका पांडेय , मुकेश सिंह , पंचायत सचिव , पटवारी सहित बडी संख्या में ग्रामीण जनों ने भाग लिया ।
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कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत शाकसीय उमावि पिनौरा, प्राथ०शाला सस्तरा, महुरा एवं मसूरपानी का किया औचक निरीक्षण
एक प्राचार्य एवं एक शिक्षक की एक-एक वेतन वृध्दि रोकने , दो शिक्षकों को निलंबित करने तथा 29 शिक्षको की वेतन वृध्दि रोकने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
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उमरिया 2 अप्रैल । स्कूल चले हम अभियान के तहत आयोजित प्रवेशोत्सव के दूसरे दिन कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने करकेली जनपद पंचायत अंतर्गत विभिन्न शालाओं का औचक निरीक्षण किया । उन्होने एक प्राचार्य एवं एक शिक्षक की एक-एक वेतन वृध्दि रोकने , दो शिक्षकों को निलंबित करने तथा 29 शिक्षको की वेतन वृध्दि रोकने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है।
प्राथमिक शाला सस्तरा के निरीक्षण में पाया गया कि स्कूल में तीन शिक्षक पदस्थ है जिसमें से एक शिक्षक मातृत्व अवकाश में थी । प्रधानाध्यापक करूणा शरणागत उपस्थित थी तथा अनीता टोप्पों अनुपस्थित पाई गई । शाला में बच्चों की उपस्थिति न्यून पाई गई। मध्यान्ह भोजन में चावल, दाल , सब्जी बनाया गया था । कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति बढाने , घर घर संपर्क करने तथा अनुपस्थित शिक्षक अनीता टोप्पों की एक वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिए ।
शासकीय उमावि पिनौरा के निरीक्षण में शाला में गंदगी पाये जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की । स्कूल में पदस्थ 29 शिक्षकों व्दारा प्रवेश उत्सव संबंधी समस्त तैयारियां नही करने तथा बच्चों की उपस्थिति न्यून पाये जाने पर शाला की प्राचार्य लीला अग्रवाल की वेतन वृध्दि रोकने तथा सभी 29 शिक्षको की एक-एक वेतन वृध्दि रोकने संबंधी कारण बताओं नोटिस जारी करनें के निर्देश दिए। इसी तरह शाला में पदस्थ सात अतिथि शिक्षकों में से दो अतिथि शिक्षक नीलम व्दिवेदी, विनय विश्वकर्मा अनुपस्थित पाये गये । कलेक्टर ने सभी शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढाने तथा घर घर संपर्क करने , उपस्थित पंजी तैयार करने तथा पुस्तको के वितरण के पश्चात पढाई का कार्य प्रारंभ करनें के निर्देश दिए ।
शासकीय प्राथमिक शाला महुरा निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई । उन्होने वहां पदस्थ दो शिक्षकों को निलंबित करनें के निर्देश दिए । शासकीय प्राथमिक शाला मसूरपानी का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए । बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर घर घर संपर्क कर उपस्थिति बढाने के निर्देश दिए गये । कक्षा 5वीं की छात्रा मधु साहू से पुस्तक पढ़ाकर तथा 17 का पहाडा पढ़ाकर देखा गया । छात्र व्दारा सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए ।
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भविष्य से भेंट कार्यक्रम में विधायक बांधवगढ, कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने विद्यार्थियों से की भेंट
उपहार में दिए टिफिन, पानी की बोतल , कापी पेन तथा चाकलेट
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उमरिया 2 अप्रैल । स्कूल चले हम अभियान के तहत दूसरे दिन स्कूलों में आयोजित भविष्य से भेंट कार्यक्रम में विधायक बांधवगढ शिवनारायण सिंह, कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन एवं सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह , सीईओ जनपद पंचायत हरनीत कौर कलसी ने शासकीय हाई स्कूल पठारी में विद्यार्थियों से भेंट की। उपहार में टिफिन, पानी की बोतल , कापी पेन तथा चाकलेट भेंट किए ।
बच्चों से भेंट कार्यक्रम के दौरान विधायक बांधवगढ ने कहा कि आप सब देश के निर्माता है । अपने अभिभावकों तथा शिक्षकों से ज्ञान प्राप्त करें तथा अपने जीवन को सफल बनाये जिससे समाज तथा देश के विकास में सहभागी बन सके । कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कक्षा 5वीं के छात्र ज्ञानशु सिंह राठौर से उनके परीक्षा परिणाम की जानकारी ली । उन्होने बताया कि उनका 80 प्रतिशत रिजल्ट आया है तथा वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहता है । इसी तरह कक्षा 5वीं की छात्रा श्रुती पांडेय तथा कक्षा 3 की छात्रा प्रांजल रहंगडाले से बात की जिन्होने शिक्षक एवं पुलिस बनने की इच्छा व्य्ाक्त की । इस अवसर पर उन्हो ने अनुभव सुनाते हुए कहा कि अपना भविष्य का लक्ष्य तय करके उसी के अनुरूप अभी से आप सबको पढना होगा । डाक्टर बनने के लिए बायोलाजी के विषय, इंजीनियर बनने के लिए गणित विषय तथा सामान्य ज्ञान की तैयारी करनी होगी। आप सब लोग नियमित रूप से स्कूषल आए। घर तथा स्कूल मे मन लगाकर पढाई करे।
सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कहा कि दुनिया में कोई भी उपलब्धि असंभव नही है । जरूरत होती है दृढ़ इच्छा शक्ति तथा मेहनत की। सभी विद्यार्थी ध्यान लगाकर पढे । आप सब लक्ष्य को प्राप्त करेंगे ।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य रामसुख चौधरी, शिक्षक भूपेन्द्र रहंगडाले सहित अन्य शिक्षक, सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम, सहायक यंत्री ऋषभ शुक्ला, उपयंत्री राजेश त्रिपाठी , जनपद सदस्य श्री कोल , उपसरपंच श्रीमती शांति कोल , पंच निहारिका पांडेय , मुकेश सिंह , पंचायत सचिव , पटवारी सहित बडी संख्या में ग्रामीण जनों ने भाग लिया ।
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श्री रामनवमीं के पवित्र अवसर पर प्राकट्य पर्व 6 अप्रैल को, मध्यबप्रदेश के छह प्रतिष्ठित स्थपलों पर एक साथ सांस्कृरतिक स्वारूपों में दिखेगी श्रीराम की महिमा
उमरिया 2 अप्रैल। मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन – अनूपपुर, पन्ना, सतना, निवाड़ी, शहडोल, उमरिया के सहयोग से श्रीरामनवमीं के पवित्र अवसर पर एक दिवसीय प्राकट्य पर्व का आयोजन 6 अप्रैल को मध्य्प्रदेश के छह प्रतिष्ठित स्थलों पर एक साथ सायं 7 बजे से किया जाएगा। सभी स्थलों पर सांस्कृतिक स्वरूपों में श्रीराम की महिमा दिखेगी। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क रहेगा।
संचालक, संस्कृति डॉ. पूजा शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश के छह प्रतिष्ठित स्थलों पर श्रीरामनवमीं के पवित्र अवसर पर प्राकट्य पर्व के आयोजन का उद्देश्य आम जन को सांस्कृतिक स्वरूपों में श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का आस्वाशदन और भगवान राम के सम्बन्ध में पौराणिक मान्यताओं से परिचित कराना है।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिला अनूपपुर के कोतमा में स्थित सीतामढ़ी में श्री गोविंद सिंह यादव एवं साथी, गंजबासौदा द्वारा बुन्देली लोकगायन, इसके बाद सुश्री आकृति जैन एवं साथी, भोपाल द्वारा राम अर्पण नृत्यनाटिका और अंत में श्री पवन तिवारी एवं साथी, टीकमगढ़ द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
जिला सतना स्थित चित्रकूट में राघव प्रयाग घाट, बिजावर मंदिर, नयागांव में सुश्री मणिमाला सिंह एवं साथी, रीवा द्वारा बघेली लोकगायन, इसके बाद रंग त्रिवेणी सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति, भोपाल द्वारा नृत्यनाटिका शबरी और अंतिम प्रस्तुति स्वप्निल मैलोडी ग्रुप, जबलपुर द्वारा भक्ति गायन की होगी।
जिला निवाड़ी के ओरछाधाम स्थित श्रीराम राजा मंदिर प्रांगण में श्री रामकुमार प्रजापति एवं साथी, टीकमगढ़ द्वारा बुन्देली लोकगायन, इसके बाद रंगरेज कला समूह, उज्जैन के कलाकारों द्वारा नृत्यनाटिका रामजन्म की कथा और अंतिम प्रस्तुिति वृन्दा वन की सुश्री आस्था गोस्वाामी एवं साथी द्वारा भक्ति गायन की होगी।
जिला पन्ना के जुगल किशोर मंदिर प्रांगण में श्री कडोरी प्रजापति एवं साथी, सागर द्वारा बुन्देली लोकगायन, अर्घ्यीकला समिति भोपाल के कलाकारों द्वारा राम की शक्ति पूजा और अंत में श्री संजय शुक्ला एवं साथी, मुम्बई द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
जिला उमरिया के मंगल भवन परिसर में श्री मुनीन्द्र कुमार मिश्रा एवं साथी, शहडोल द्वारा बघेली लोकगायन, इसके बाद सुश्री अवंतिका दुबे एवं साथी, खजुराहो द्वारा नृत्यो नाटिका राम आरंभ की प्रस्तुति और अंत में श्री गिरीश ठाकुर एवं साथी, सिवनी और सुश्री मुस्कान चौरसिया एवं साथी, बालाघाट द्वारा भक्ति गायन की सभाएं सजेंगी।
जिला शहडोल के श्रीराम जानकी (पंचायती) मंदिर में श्री भवानी दास अहिरवार एवं साथी, जबलपुर द्वारा बुन्देली लोकगायन, इसके बाद सुश्री अमिता खरे एवं साथी, भोपाल द्वारा नृत्यनाटिका राम प्रसंग और अंत में दीन भवत – अखिलेश राजा एवं ग्रुप, जबलपुर द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
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भविष्य से भेंट कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के जिला भर के अधिकारियों ने स्कूलों का भ्रमण कर विद्यार्थियों से साझा किए अपने जीवन के अनुभव
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उमरिया 2 अप्रैल – स्कूल चले हम अभियान के तहत दूसरे दिन स्कूलों में आयोजित भविष्य से भेंट कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के जिला भर के अधिकारियों ने स्कूलों का भ्रमण कर विद्यार्थियों से अपने जीवन के अनुभव साझा किए।
भविष्य से भेंट कार्यक्रम में बांधवगढ तहसीलदार सतीश सोनी ने हाई स्कूल धमोखर, उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग राजीव गुप्ता ने शासकीय उमावि लोढा, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डा के के पांडे ने शासकीय उमावि मालाचुआ, प्राचार्य आईटीआई ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय धनवाही, खनिज विभाग के श्री आर्माे ने हायर सेकेंडरी स्कूल खलेसर, तहसीलदार मानपुर ने शासकीय उमावि गोवर्दे,सहायक श्रम पदाधिकारी ने माध्यमिक शाला चंदवार, सीएमओ उमरिया ने कन्या शिक्षा परिसर पाली, सहायक संचालक उद्यानिकी ने शासकीय हाई स्कूल धनवाही में अपने अनुभव साझा किए तथा छात्र छात्राओ से पढ़ाई के संबंध में रूबरू चर्चा भी की ।
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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सगरा तालाब पाली में किया गया श्रमदान
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उमरिया 2 अप्रैल। जल गंगा संवर्धन अभियान‘‘अन्तर्गत जल संरचनाओं के पुर्नजीवीकरण/संरक्षण अभियान अन्तर्गत वार्ड क्रमांक 9 सगरा तालाब पाली के पास जन सहयोग से सफाई, स्वच्छता श्रमदान एवं कुंड की आस पास की सफाई का कार्य किया गया। अभियान में मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह , स्वच्छता शाखा की सभापति प्रमिला जगवानी , दीपक दास , जितेंद्र जगवानी इंजी.विपिन कुमार विश्वकर्मा, स्वच्छता वार्ड प्रभारी विजय महतेल, मोनू जायसवाल,जन अभियान परिषद पाली के सदस्य कृष्णा विश्वकर्मा, पुष्पा टेकाम शशि साहू ,संजय साहू , पुष्पेंद सिंह ,प्रमिला जगबनी ,रीना कोल अर्चना उपाध्याय, कौशलेश सूर्यवंशी ,अजय चौधरी ,रजनी सिंह पत्रकार, प्रवीण तिवारी, उषा प्रजापति एवं समस्त नगर के नागरिक बन्धु की उपस्थित रहे।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि ऐसे अभियानों के माध्यम से हम जल संरचनाओं को स्वच्छ कर परिवर्तन संरक्षण में अहम भागीदारी दे सकते हैं। यदि आज हम सब मिलकर पर्यावरण को बचाने की कोशिश नहीं करेंगें तो, भविष्य में हमारे लिए बहुत मुश्किलें आयेंगी।पृथ्वी एक ही है और हम सब की है, इसीलिए इसके संरक्षण का दायित्व हम सब का है। जिसमें जल संरक्षण के साथ-साथ तालाब और उद्यान के आस पास के क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने का कार्य किया गया।
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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नौगवां में श्रमदान कार्यक्रम संपन्न
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उमरिया 2 अप्रैल। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम नौगवा में तालाब विस्तारीकरण के लिए श्रमदान किया गया। इस दोरान धरतीन तालाब के जीर्णोध्दार का कार्य किया गया। सीईओ जनपद पंचायत मानपुर राजेन्द्र त्रिपाठी , सरपंच, उपसरपंच पंच नौगवा, सरपंच पटहरा, एवं अधिकांश ग्रामीण जन, महिलाओं ने श्रमदान में बढ़चढ़ कर भाग लिया।
सीईओ जनपद पंचायत मानपुर ने कहा कि प्रदेष शासन के आव्हान पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले सहित गांव गांव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है तथा जल की एक एक बूंद को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। ग्रीष्म काल में पानी की समस्यां नही उभरे , इसके लिए सभी को आगें आना होगा । इसके लिए आवष्यक है कि पानी को व्यर्थ नही बहाएं । पानी के महत्व को समझे। तालाब विस्तारीकरण होने के बाद पानी का उपयोग मूक जानवर सहित ग्रामीण जन कर सकेगे।
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सीएम राइज स्कूल कहलाएंगे अब सांदीपनि विद्यालय – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भगवान श्रीकृष्ण ने की थी सबसे पहले स्कूल चलें हम अभियान की शुरूआत
मुख्यमंत्री ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का माला पहनाकर किया अभिनंदन, उपहार भी दिए
शुरू हुआ एजुकेशन पोर्टल 3. 0
राज्य स्तरीय स्कूल चलें हम अभियान – 2025 का शुभारंभ
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गणवेश, लैपटॉप, ई-स्कूटी, साइकिल, कोचिंग के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा कर सही अर्थ में रामराज की कल्पना को साकार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशन में मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास कर रहा है। प्रदेश के समस्त निर्मित और निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूलों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज भोपाल की अरेरा कॉलोनी स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (ओल्ड कैम्पियन) में आयोजित ष्स्कूल चलें हमष् राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम-2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विद्यालय परिसर पहुंचने ही विद्यार्थियों से संवाद किया और इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी देखी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन कर सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में के.जी.-2 में प्रवेश लेने वाली नन्ही बालिकाओं को माला पहनाकर उनके विद्यालय में प्रवेश की औपचारिकता पूर्ण करवाई। उन्होंने नव प्रवेशी बालिकाओं को उपहार दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश की कार्यवाही स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम से किए जाने और इस पोर्टल में स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सभी कार्यों को शामिल किए जाने की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन विशेष है। अद्भुत संयोग है, जो मध्यप्रदेश की धरती पर हम देख रहे हैं। हमें अतीत में जाकर देखना होगा और अतीत के घटनाक्रम का शोध भी करना होगा। इसके अनुरूप आवश्यक सुधार भी हम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारा तो उस समय की परिस्थितियों में उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा। वह प्रथम स्कूल चलें हम अभियान था। भगवान श्रीकृष्ण ने ही यह अभियान प्रारंभ किया। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के कुशासन का अंत कर शिक्षा का महत्व प्रतिपादित किया। उस युग के ऋषि मुनियों ने निर्णय लिया कि श्रीकृष्ण को शिक्षा के लिए गोकुल भेजा जाए जो सांदीपनि आश्रम था। यहीं पर श्रीकृष्ण और सुदामा की अनुकरणीय मित्रता का उदाहरण भी पूरे विश्व ने देखा कि मित्रता का निर्वाह और आत्मीयता को किस तरह जीवन भर बनाए रखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं शासकीय विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर यहां तक पहुंचे हैं। अनेक महान लोगों, जिनमें डॉ. एपीजे कलाम भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी लगन और परिश्रम से मिसाइल मैन और भारत के राष्ट्रपति बने। इसी तरह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री ने भी अभाव और निर्धनता में रहकर कष्ट सहते हुए शिक्षा ग्रहण की, लेकिन अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का भी उल्लेख किया जिन्होंने कठिन बाल्य काल और चाय की दुकान पर कार्य करते हुए आगे बढ़ते हुए परिश्रम से सम्मान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभाग स्तर पर सफलतापूर्वक इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुए। उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना में कदम बढ़ाए हैं। ऐसे उद्योगपतियों की संख्या 60ः है। राज्य शासन उद्योगों को समय-सीमा में भूमि के साथ अन्य सुविधाएं दे रहा है। लक्ष्य यही है कि विद्यार्थियों को और युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार दिलवाया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भोपाल में रात्रि विश्राम भी किया। भोपाल को राजधानी के अनुरूप इस समिट के आयोजन का सौभाग्य मिला। समिट के लिए स्थान की समस्या बताई गई थी लेकिन राज्य सरकार ने जो व्यवस्था की, उससे सभी संतुष्ट हुए और उद्योगपतियों ने टेंट में रूकने में भी संकोच नहीं किया। संपूर्ण आयोजन अभूतपूर्व हो गया। यही बदलते दौर का मध्यप्रदेश है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष कार्य हो रहा है। जहां संभाग स्तर पर बच्चों को शिक्षण-सत्र शरू होते ही अप्रैल महीने में पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। कक्षा-एक से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 5 करोड़ 60 लाख पुस्तकें, एक करोड़ से अधिक फाउंडेशन टिरेसी एण्ड न्यूमरेसी अभ्यास पुस्तिकाएं और 26 लाख से अधिक ब्रिज कोर्स की पुस्तकें निरूशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सभी जिलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम हो रहे हैं। शाला त्यागी विद्यार्थियों को पुनरू विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कक्षा-एक से आठ तक सभी शालाओं में बाल सभाएं की गईं। सुपर-100 के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए ऐसी कोचिंग की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पदों पर चयन में मदद करेगी। प्रदेश के विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स और नीट में अच्छा प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की है। गत वर्ष 4.75 लाख ऐसे विद्यार्थियों को साईकिल की सुविधा दी गई, जिनका निवास स्कूल से अधिक दूर है। गत वर्ष विद्यार्थियों को 7 हजार 832 ई-स्कूटी प्रदान की गईं। इसी तरह गणवेश के लिए 360 करोड़ की राशि व्यय की गई। कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 224 करोड़ रूपए की लागत से लैपटॉप प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नववर्ष विक्रम संवत् – 2082 से प्रारंभ हुआ है। विक्रम संवत का यह सिद्धार्थ संवत्वसर है। बसंत ऋतु का मौसम है। पूरे प्रदेश में उत्सव के साथ नववर्ष प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि सम्राट विक्रमादित्य ने शासन करते हुए भूभाग के समस्त नागरिकों को ऋण मुक्ति दिलवाकर ऐतिहासिक कार्य किया। हमारे राष्ट्र में किसी के जन्म या मृत्यु से संवत् प्रारंभ नहीं होता बल्कि लोककल्याण के अभूतपूर्व कार्य और पुरूषार्थ से संवत् व्यवस्था प्रारंभ हुई। सम्राट विक्रमादित्य राष्ट्र के गौरव हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को दिए ये टिप्स
विद्यार्थी समय का पूर्ण सदुपयोग करें, विद्यार्थी खूब पढ़े भी और खेलें भी, विद्यार्थी मित्रता का भी सम्मान करें। श्रीकृष्ण और सुदामा की मैत्री से सीखें। विद्यार्थी शासन द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का लाभ लें। सभी विद्यार्थी अपनी बहुमुंखी प्रतिभा से राष्ट्र और प्रदेश का नाम रोशन करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि भारत को उन्नत बनाने में शिक्षा का विशेष महत्व है। मध्यप्रदेश में बच्चों के भविष्य को लिखने के लिए ऐसे प्रयास हो रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुए। जब 1 अप्रैल से बच्चे स्कूल पहुंचेंगे तो शासन द्वारा दी गई किताब बच्चों के बैग में होगी। इसी महीने यह कार्य पूरा किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि साइकिल सहित अन्य सुविधाएं भी विद्यार्थियों को समय पर मिलेंगी। समय पर अधिकांश परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए हैं। जो शेष परिणाम हैं वे भी शीघ्र घोषित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन करवाकर इस नीति को धरातल पर उतारने में योगदान दिया है। विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा, आवश्यक संसाधन और परिवेश उपलब्ध करवाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग संकल्प बद्ध है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चौतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रदेश में जो उद्योग हितैषी वातावरण बना है, वह विद्यार्थियों के भविष्य के लिए है। मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन, पर्व त्यौहार मनाने और शिक्षा में गुणात्मक सुधार के प्रयास किए हैं।
विद्या समीक्षा केन्द्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि प्रदेश में विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से शैक्षणिक आँकड़ों को एकत्र करने और विश्लेषण करने से योजनाओं के क्रियान्वयन में सफलता मिल रही है। शिक्षा प्रणाली की सम्पूर्ण निगरानी को मजबूत बनाकर प्रशासकों और शिक्षकों को डेटा आधारित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाने में सहयोग मिल रहा है। राज्य और जिला स्तर पर डैशबोर्ड के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर वास्तविक तथ्य जानने का कार्य संभव हुआ है।
कार्यक्रम में विधायक श्री भगवान दास सबनानी, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ला ने आभार व्यक्त किया। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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मध्यप्रदेश है उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाला प्रथम राज्य – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
वर्ष-2024-25 में वृहद इकाइयों को दिया गया 3100 करोड़ का लंबित इन्सेन्टिव
एमएसएमई इकाइयों को भी 1075 करोड़ रुपये के लंबित इन्सेन्टिव के भुगतान की पहल
राज्य में औद्योगिक इकाइयों का कोई भुगतान लंबित नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट बैठक के पहले मंत्रीगण को दी जानकारी
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र को प्रोत्साहन देने वाला ऐसा राज्य है जहां औद्योगिक इकाइयों को राशि के भुगतान का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ऐसा कोई भी भुगतान लंबित नहीं है जो औद्योगिक इकाइयों को देय था। ऐसा कार्य करने वाला मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट की बैठक के पहले मंत्रिगण को दिए संबोधन में राज्य शासन की प्राथमिकताओं और गतिविधियों से अवगत करवाया।
औद्योगिक इकाइयों को राशि का भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है जहां वृहद और लघु सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों के समस्त देयकों का भुगतान पूर्ण हो चुका है। राज्य शासन औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। वृहद औद्योगिक इकाइयों को वर्ष 2024-25 में कुल 3100 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। औद्योगिक विभाग के अंतर्गत वृहद औद्योगिक इकाइयों को आज 702 करोड़ रुपये के इन्सेन्टिव का भुगतान करने का कार्य किया गया। एमएसएमई विभाग के अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ रुपये के लम्बित इन्सेन्टिव का भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों को कुल 2162 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह आज राज्य सरकार डीबीटी के माध्यम से एमएसएमई और वृहद इकाइयों के लिए 1777 करोड़ रुपये की देय इन्सेन्टिव राशि का भुगतान कर रही है। इससे 2500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए मंत्री परिषद सदस्यों को बधाई भी दी।
विक्रम संवत-2082
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम सभी मंत्रियों को भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत-2082 प्रारंभ होने की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा का अपना महत्व है। प्रदेश में गुड़ी पड़वा पर्व का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इस आयोजन का वेबकास्ट भी किया गया। यह सौभाग्य की बात है कि सम्राट विक्रमादित्य मध्यप्रदेश से हैं। विक्रम संवत शुभारंभ पर महत्वपूर्ण प्रकल्प प्रदेश में प्रारंभ हुए हैं।
स्कूल चलें हम अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्स्कूल चलें हमश् अभियान के अंतर्गत एक अप्रैल से प्रवेशोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस अभियान के तहत चार दिवसीय विशेष गतिविधियां हो रही हैं। मंत्रीगण अपने प्रभार के जिले में एक से चार अप्रैल तक प्रवेश उत्सव को सफल बनाने का प्रयास करें। राज्य में लगभग 85 लाख विद्यार्थियों को सत्र के प्रारंभ में ही पाठ्य पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय लिया गया। प्रवेशोत्सव में इसी माह स्कूल की किताबें बांटी जानी हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद और विशेष भोज के आयोजन करना भी नियत किया गया है। कैलेंडर तैयार कर गतिविधियों का क्रियान्वयन का कार्य किया जा रहा है।
सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवगत करवाया कि प्रदेश में निर्मित एवं निर्माणाधीन समस्त सीएम राइज विद्यालयों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय होगा।
इंदौर में आईटी एंक्लेव 27 अप्रैल को
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। सूचना प्रौद्योगिकी की दृष्टि से मध्यप्रदेश में इंदौर संभावना से भरा क्षेत्र है। यहां देश-विदेश की लगभग 200 कंपनियों की भागीदारी रहेगी।
उद्योगों में कार्यरत बहनों को रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता से प्रदेश की औद्योगिक कामकाजी बहनों की रहवास सुविधा के लिए 284 करोड़ रुपए की राशि 5120 महिलाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा के लिए स्वीकृत की गई है। ये हॉस्टल पीथमपुर, मंडीदीप, मालनपुर, विक्रम उद्योगपुरी, झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम् में स्वीकृत किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस महती योजना के स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मध्यप्रदेश सरकार आभार व्यक्त करती है।
जल गंगा संवर्धन अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 मार्च से यह अभियान प्रारंभ किया है। अभियान आगामी 30 जून तक चलना है। प्रदेश में 90 दिन से अधिक चलने वाले इस अभियान के निश्चित ही अच्छे परिणाम आएंगे। ऐसा विश्वास है कि इस अभियान को सरकार और समाज द्वारा संयुक्त रूप से क्रियान्वित कर सफल बनाया जाएगा।
गेहूं उपार्जन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की जा रही है। जिले के प्रभारी मंत्री और जनप्रतिनिधि तोल कांटे आदि व्यवस्थाओं का अवलोकन कर इस कार्य के सुचारू संचालन में सहयोग करें। प्रदेश में 14.76 लाख किसानों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। अब तक 8 लाख मैट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन लगभग 1 लाख किसानों से किया जा चुका है। इस माह अर्थात अप्रैल में उपार्जन कार्य में गति आएगी।
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राज्य स्थािपना दिवस हमारी मूल पहचान और सम्मान को बढ़ाने का संकल्प दिवस – राज्यपाल श्री पटेल
अपनी विरासत को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने का संकल्प लें
राजभवन में हुआ बिहार, राजस्थान और ओडिशा के स्थाकपना दिवस का संयुक्त समारोह
उमरिया 02 अप्रैल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राज्यों का स्थाहपना दिवस पर हमारे देश की मूल पहचान और सम्मान को बढ़ाने का संकल्प दिवस है। इसे अपनी विरासत को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने के संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे सभी राज्यों ने हमेशा अपनी धरोहर, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के द्वारा राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। इस गौरवपूर्ण धरोहर को सहेजने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का कार्य करना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्यों के स्थापना दिवस देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के उत्सव है। भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता की धरोहरों के संरक्षण, संकल्प ष्एक भारत-श्रेष्ठ भारतष् का शानदार प्रदर्शन है। राज्य का स्थोपना दिवस को मनाना प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने का प्रसंग है।
राज्यपाल श्री पटेल राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित बिहार, राजस्थान और ओडिशा के स्थापना दिवसों के संयुक्त समारोह में राज्यों के मूल निवासी मध्यप्रदेश में निवासरत नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता, पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेंत्र सुश्री प्रीति अग्रवाल, निदेशक डाक सेवाएं श्री भरत कुमार डालमिया और राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव मंचासीन थे।
राज्यपाल ने सिकल सेल पर डाक विभाग के विशेष आवरण का किया अनावरण
इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल एनीमिया रोग जन जागृति पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण एवं विरूपण मोहर का अनावरण किया। पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षेंत्र सुश्री प्रीति अग्रवाल ने बताया कि डाक टिकट देश विदेश में जन जागृति के प्रभावी माध्यम होते हैं। डाक विभाग द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर सिकल सेल एनीमिया रोग पर डाक टिकट जारी किया गया था। इसी क्रम में जारी विशेष आवरण के अनावरण के लिए राज्यपाल के प्रति आभार ज्ञापित किया। राज्यपाल श्री पटेल को देवी अहिल्या पर डाक विभाग द्वारा जारी टिकट की पेंटिंग भेंट की। राज्यपाल ने विशेष आवरण के रूपांकन में सहयोगी एम्स भोपाल के चिकित्सक डॉ. रजनीश जोशी और डॉ. अनन्य सम्पत का सम्मान किया गया।
बिहार भारतीय सभ्यता और संस्कृति का उत्पत्ति स्थल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बिहार, ओडिशा और राजस्थान राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य हमारी अनेकता में एकता के गुलदस्ते का वह मोती है, जो भारतीय सभ्यता और संस्कृति के उत्पत्ति स्थल के रूप में जाना जाता है। यहाँ की भूमि ने हमेशा ज्ञान, शिक्षा और धर्म के क्षेंत्र में योगदान दिया है। पाटलिपुत्र, वर्तमान पटना ही वह स्थान है, जहाँ से भारत के सम्राटों और महान विचारकों ने इतिहास रचा था। बिहार के लोगों ने चाहें वह कृषि क्षेंत्र हो, उद्योग हो या फिर सेवा क्षेंत्र, हर जगह अपनी कड़ी मेहनत से पहचान बनाई है।
राजस्थान ने मानवता के उत्थान में दिया योगदान
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वीरों की भूमि राजस्थान ने हमेशा मानवता के उत्थान में योगदान दिया है। हमेशा देश और दुनिया को अपनी कला, साहित्य, इतिहास और भव्यता से मंत्रमुग्ध किया है। राजस्थान राज्य का गठन केवल प्रशासनिक घटना नहीं, राज्य की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलने का प्रसंग था। राजस्थान की विविधता और उसकी संपूर्णता की पहचान उसकी संस्कृति, रीति-रिवाज, लोककला, संगीत, नृत्य और वस्त्रों में बसी हुई है। यहाँ की लोक कला, संगीत और नृत्य ने विश्वभर में राजस्थान का नाम रोशन किया है। यहां का थार रेगिस्तान, अरावली की पहाड़ियाँ, ऐतिहासिक किले और मंदिर राज्य की अद्वितीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं। राज्यपाल ने समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कलाकारों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए बधाई दी।
ओडिशा देश का सांस्कृतिक केंद्र
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देवस्थली ओडिशा की भूमि ने हमेशा देश और दुनिया को अपनी अद्वितीय सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहर और उत्कृष्ट कला से प्रभावित किया है। यह देश का सांस्कृतिक केंद्र है, जिसकी भूमि पर प्राचीन सभ्यताएँ फली-फूलीं है। विश्व में उड़ीसा के मंदिरों, किलों और ऐतिहासिक स्थलों से देश की पहचान बनी है। विशेषकर कटक, भुवनेश्वर, पुरी और जगन्नाथ मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल उड़ीसा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रमुखता से प्रस्तुत करते हैं।
राज्यों के राज्यपालों के संदेश का हुआ प्रसारण
कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, ओडिशा के राज्यपाल श्री हरि बाबू कंभमपति का वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया और राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे के संदेश का वाचन किया गया।
राज्यों के सांस्कृतिक वैभव का हुआ प्रदर्शन
समारोह में बिहार, राजस्थान और ओडिशा के राज्यों की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई। बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के कलाकार सुश्री नीतू सक्सेना एवं साथियों ने बिहारी के लोक नृत्य ‘अब हम चलते हैं बिहार की ओर और देखते हैं बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल के द्वारा तैयार बिहारी लोक नृत्य झिझिया, चौती, चौतावर गीत, कज़री, छठपूजा की झलक और बिहारगान की संयुक्त प्रस्तुति दी। राजस्थान सांस्कृतिक परिषद के कलाकारों सुश्री ऋचा सैनी, रूचि एवं साथियों ने कालबेलिया, सुश्री नेहा एवं साथियों ने 13 ताली नृत्य की प्रस्तुति दी। उतकल सांस्कृतिक परिषद के कलाकारों ने संबलपुरी नृत्य, लोक गीत एवं लोक नृत्य की सामूहिक एवं सुश्री तनीषा पानी ने मंगलाचरण एवं शिव स्तुति पर आधारित एकल ओडिशी नृत्य प्रस्तुत किया।
राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम के प्रारम्भ में बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों के मूल निवासियों द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम में संबंधित राज्यों और मध्यप्रदेश की लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। आभार प्रदर्शन अवर सचिव राजभवन श्रीमती आभा शुक्ला द्वारा किया गया।
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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवाष् प्रारम्भ करने की स्वीकृति
शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय
छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साधारण और ग्रामीण मार्गों में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध कराने के लिए ष्मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवाष् प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रैफिक एवं मार्ग सर्व तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाया जायेगा। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सुगम सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है।
यात्री परिवहन सेवा की प्रारम्भ करने के लिए 101 करोड 20 लाख रुपये की अशंपूजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के गठन की स्वीकृति भी दी गई है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत ैच्टे गठित हैं, जिसमें से 16 कार्यरत हैं। उक्त समस्त कंपनियों को 7 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा। उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन जायेगा। साथ ही त्रि-स्तरीय संरचना के तहत दायित्व निर्वहन और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के 51 प्रतिशत शेयर बहुसंख्यक आधार पर निवेश करने एवं सात सहायक कंपनियों के बोर्ड और उसके आर्टीकल ऑफ एसोसिएशन में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति, रीवा एवं ग्वालियर के लिए वर्तमान प्रचलित कंपनी को बंद करते हुए नवीन क्षेत्रीय कंपनी गठित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन क्षेत्रीय सहायक कंपनियों का गठन, संबंधित संभागीय मुख्यालयों में स्थित सिटी बस ट्रांसपोर्ट की वर्तमान कंपनी में संशोधन कर, निर्मित करने की स्वीकृति दी गई। जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
म.प्र. मोटरयान नियम 1994 के नियमों में आवश्यक संशोधन एवं वांछित प्रावधान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। इसके लिए प्रशासकीय विभाग द्वारा पृथक से विधि अनुसार कार्यवाही की जायेगी। सात सहायक कंपनियों की सुसंगत पूर्ववर्ती सिटी ट्रान्सपोर्ट कंपनियों द्वारा परिवहन संबंधी दायित्व के निर्वहन के लिए, जो चल-अचल संपति उपयोग में आ रही है, वे यथावत इन कपंनियों के आधिपत्य में रहेंगी। इसी प्रकार नगर-निगम, प्राधिकरण आदि द्वारा स्वयं की निधि से तैयार किये गये बस टर्मिनल, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप आदि, होल्डिंग कंपनी के सामंजस्य से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं यात्री सुविधा के लिए विकसित किए जाऐंगे।
वर्तमान सिटी बस कंपनियों के कार्यालय भवन का उपयोग नवीन सहायक कंपनियां यथावत करती रहेंगी। कार्यालय की ऐसी अचल सपंतियां, जो नगरीय निकाय निधि से अर्जित या निर्मित हैं, उनका मूल्यांकन पृथक से किया जाकर, राशि की प्रतिपूर्ति परिवहन विभाग द्वारा की जायेगी। नवीन गठित होने वाली राज्य स्तरीय कंपनी को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा पुर्नघनत्वीकरण नीति 2022 के तहत पर्यवेक्षण एजेंसी के रूप में शामिल किया जायेगा।
ष्मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा संचालन के लिए बस परिवहन अधोसंरचना के तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर के लिए सुविधाओं का निर्माण किया जायेगा। बस संचालन एवं संधारण के लिए पीपीपी मोड़ प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जायेगा। आई.टी. टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी रखी जायेगी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (सर्विस लेवल अग्रीमेंट) और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) पर प्रभावी नियंत्रण रखा जायेगा, जिससे बस ऑपरेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके।
होल्डिंग कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाइड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी के लिए मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनिंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा।
होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे
(1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स के लिए वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर के लिए साध्य न हों।
(2) मार्ग सर्वे के बाद बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा के लिए संभागवार स्कीम तैयार करने के लिए शासन को आवश्यक सहयोग करना।
(3) शासन द्वारा मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना ।
(4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई. टी. प्लेटफार्म को संचालित करना।
(5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से यात्रियों के लिए ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सकेगी। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंन्फोर्मेशन सिस्टम आदि उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही अनुबंधित ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर एप, वीडियो ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./ डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पाेट सहित), ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाइन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य / संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए ट्रेवल एप तैयार किया जाना, जिसमें बस, ऑटो, टेक्सी, ई-स्कूटर, मेट्रो आदि संकलित हो। पैसेंजर इन्फोर्मेशन सिस्टम की स्थापना भी बस स्टैण्ड, यात्री बसों पर रीयल टाइम बेसिस पर की जा सकती है। यह जानकारी मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे यात्रीगणों को मोबाईल पर मुहैया कराई जायेगी ।
(6) क्षेत्रीय सहायक कंपनी के लिए विभिन्न गतिविधियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (ैव्च्) एवं पॉलिसी तैयार करना तथा दिन-प्रतिदिन के आपरेशन में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना आदि।
(7) अनुबंधित बस ऑपरेटर्स को आवश्यक अधोसंरचना जैसे डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप, बुकिंग सेंटर्स आदि की सुविधा मुहैया करायी जायेगी। नगरीय क्षेत्रों में बस डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टाप का विकास/निर्माण कार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कराया जाकर संधारण एवं संचालन के लिए होल्डिंग कंपनी को अंतरित किया जायेगा। कंपनी पुनर्घनत्वीकरण योजना में भी प्रदेश में परिवहन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का कार्य कर सकेगीं।
(8) आपरेटर्स को, बसों का सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा मुहैया करायी जायेगी।
(9) क्षेत्रीय स्तर पर कैपिसिटी बिल्डिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर्स का गठन किया जायेगा। जिसमें निजी, शासकीय, अर्ध शासकीय स्टाफ की ट्रेनिंग शामिल होगी।
(10) पर्यावरण हितैषी कार्य जैसे ई-बस, इलेक्ट्रिक चार्जिंग आदि का सेटअप साथ-साथ प्रमोट किया जायेगा।
(11) विभिन्न स्टेक होल्डर्स जैसे बस ऑपरेटर, आमजन आदि से संपर्क रखते हुये इस आई.टी. प्लेटफार्म पर एग्रीगेटर रोल के तहत अन्य इन्टरमिडिएट पैरा ट्रांजिस्ट (प्च्ज्) ऑपरेटर्स एवं अन्य गैर अनुबंधित प्रायवेट बस ऑपरेटर्स को भी इस सिंगल आई.टी. प्लेटफार्म पर लाने की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी ।
(12) ग्रीन फंडिंग एवं केन्द्र शासन / राज्य शासन की योजना का लाभ लेते हुये बस ऑपरेशन सिस्टम को सुदृढ़ किया जायेगा।
(13) कंपनी के राज्य में उपलब्ध अचल संपत्तियों का संधारण एवं आवश्यकतानुसार नवीन संपत्तियों का अधिग्रहण तथा इनका उपयोग परिवहन सेवाओं तथा राजस्व आय के रुप में किया जायेगा।
होल्डिंग कंपनी के गठन उपरांत उक्त सात संभागीय मुख्यालयों की कंपनी में इस होल्डिंग कंपनी के शेयर बहुसंख्यक आधार पर लिये जाने पर यह सातों कंपनी इस राज्य स्तरीय कम्पनी की सहायक कम्पनी की श्रेणी में आ जायेगी। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा संभागीय मुख्यालयों पर मौजूद इन कंपनियों के माध्यम से, उनके कार्यक्षेत्र में यात्री बस परिवहन सेवा को संचालित किया जायेगा। क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के दायित्व मूल रुप से राज्य स्तरीय कंपनी के अनुरुप रहेंगे तथा यह सहायक कंपनी दैनिंदिनी बस ऑपरेशन, राजस्व आय एवं होल्डिंग कंपनी के निर्देशों के अधीन काम करेंगी।
जिला स्तरीय समिति के समन्वयक जिला कलेक्टर रहेंगे तथा इस समिति में जिले के सांसद, समस्त विधायकगण, महापौर / अध्यक्ष नगर पालिका, जिला पंचायत अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका/नगर परिषद, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे। समिति के दायित्व में संभाग स्तरीय यात्री परिवहन कंपनी द्वारा साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर किये जा रहे बसों के संचालन की प्रभावी मॉनिटरिंग, रूट की लंबाई अथवा रुट में संशोधन, स्टापेज, बस फ्रीक्वेंसी, आई.टी. प्लेट फार्म का सुचारु रुप से संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव, के साथ जिले के बस ऑपरेटर्स के मध्य आवश्यक समन्वय का कार्य किया जायेगा।
शासकीय सेवकों को देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों का पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई। शासकीय सेवकों को वर्तमान में देय विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण के फलस्वरूप राज्य शासन पर अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार लगभग 1500 करोड़ रूपये आयेगा। शासकीय सेवकों के लिये सातवें वेतनमान में देय मूल वेतन के आधार पर । श्रेणी के नगरों के लिए 10ः, ठ श्रेणी के नगरों के लिए 7ः, ब् एवं क् श्रेणी के नगरों के लिए 5ः के आधार पर गृह भाडा भत्ता प्रदान किया जायेगा।
दैनिक भत्ता, वाहन भत्ता, मील भत्ता, ठहरने की पात्रता, प्रदेश के बाहर यात्रा के दौरान स्थानीय परिवहन, स्थानांतरण पर घरेलू समान का परिवहन एवं स्थानांतरण अनुदान, स्थायी यात्रा भत्ता में मूल्य सूचकांक के आधार पर वृद्धि, की जायेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए दोहरा भत्ता, राज्य शासन के पात्र चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों को दिये जाने वाला अव्यवसायिक भत्ता, सचिवालयीन भत्ता एवं मंत्रालयीन अधिकारियों के लिए विशेष भत्ता की स्वीकृति दी गयी है। इसके साथ ही शासकीय सेवकों की मृत्यु पर परिवार को देय अनुग्रह अनुदान वर्तमान में निर्धारित पात्रता का 2.57 गुणक के आधार पर अधिकतम 1 लाख 25 हजार रूपये तक दिया जाएगा।
मंत्रालय भवन में संचालित वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली संचालनालय एवं राज्य सत्कार अधिकारी कार्यालय में पदस्थ शासकीय सेवकों को भी मंत्रालय के समकक्ष अधिकारियों के समतुल्य मंत्रालय भत्ता दिया जायेगा।
छतरपुर में माता बम्बरबैनी प्राचीन मंदिर स्थल पवित्र क्षेत्र घोषित
मंत्रि-परिषद द्वारा छतरपुर जिले के ग्राम लवकुशनगर में माता बम्बरबैनी प्राचीन स्थल मंदिर खसरा नं. 2157 रकवा 0.012 हेक्टेयर एवं खसरा नं 2158 रकवा 30.375 हेक्टेयर पहाड़ क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया।
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सभी नगरों में सीवरेज प्रोजेक्ट्स जल्द से जल्द पूरा करें – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सॉलिड वेस्ट के साथ ही लिक्विड वेस्ट के समुचित निदान पर भी दें ध्यान
भोपाल एवं इंदौर की भावी जरूरतों के लिए अच्छे शहर नियोजकों को जोड़ें
नगर नियोजन में सड़क, परिवहन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट के विशेषज्ञों की भी लें सेवाएं
काम समय पर पूरे हों, एक्शन प्लान बनाकर दें कार्यों को अंजाम
मुख्यमंत्री ने म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक में कार्य प्रस्ताव का किया अनुमोदन
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी नगरों में चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट्स जल्द से जल्द पूरे किये जायें। सीवरेज के लिए स्थायी प्रकृति के काम हों। शहरों के वेस्ट वाटर का नदियों में निस्तारण (डिस्पोजल) न होने पाए, इससे हमारी नदियां प्रदूषित होने से बचेंगी। उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट के साथ लिक्विड वेस्ट (गंदा पानी) के समुचित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 10वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे।
बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव एवं म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष एवं संचालक श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय एवं कंपनी के संचालक डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं कंपनी के संचालक श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास एवं कंपनी के संचालक श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त एवं कंपनी संचालक श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पीएचई एवं कंपनी के संचालक श्री पी.नरहरि, मुख्यमंत्री के सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिबी चक्रवर्ती एम. सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर जल्द ही मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने की ओर बढ़ रहे हैं। इसलिए अपने कार्य में महारत हासिल करने वाले अच्छे शहर नियोजकों को अर्बन कंपनी से जोड़ें। दोनों शहरों की भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इनकी सिस्टमेटिक प्लानिंग करें। सड़क, लोक परिवहन एवं सीवरेज ट्रीटमेंट में विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञ व्यक्तियों को भी इस कंपनी से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की बैठक कंपनी लॉ के मुताबिक नियमित रूप से कराई जाएं। इससे लंबित कार्य प्रस्तावों का समय-समय पर अनुमोदन किया जा सकेगा। साथ ही कंपनी के कार्यों में नियमितता आएगी और निर्माण कार्यों की लागत भी नहीं बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी निर्माणाधीन कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे किए जाएं। सभी कामों के लिए एक्शन प्लान बना कर कार्यवाही की जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में नर्मदा नदी के आसपास करीब 12 सीवरेज निर्माण कार्य जारी है, इनमें से 10 कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंपनी यह तय करें कि शहरों के वेस्ट से नदियां प्रदूषित न होने पाए। नदियां हमें जीवन देती हैं और उन्हें अविरल प्रवाहमान बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन में क्ष्िाबप्रा नदी में किसी भी सूरत में प्रदूषण न होने पाए इसके लिए सीवरेज प्रबंधन के समुचित उपाय किए जाएं।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचालक मंडल द्वारा रखे गए सभी कार्य प्रस्तावों एवं भावी आवश्यकताओं के अनुसार कंपनी में पद सृजन प्रस्ताव को अनुमोदन दिया। बैठक में संचालक मंडल के स्वतंत्र संचालकों के रूप में श्री के.के. सिंह व श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव के पूरे हो चुके कार्यकाल के विस्तार का अनुमोदन किया गया। साथ ही अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं कंपनी के प्रबंध संचालक श्री चक्रवर्ती ने मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के गठन से लेकर अब तक किए गए कार्यों और इनकी उपयोगिता का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि कंपनी का गठन 1 जनवरी 2015 को किया गया था। कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी नगरों में नागरिकों की बेहतरी एवं सुविधा विस्तार के लिए शहरी विकास एवं नियोजन से जुड़े सभी श्रेणी के कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में कंपनी द्वारा शहरी नियोजन के लिए करीब 8000 करोड़ रुपए का दीर्घकालीक ऋण लेकर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में 76 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, वर्तमान में 86 निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।
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पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखकर ही करेंगे पर्यटन विकास रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मंत्रालय में हुई वेटलैंड प्राधिकरण की बैठक
13 हजार से अधिक वेटलैंड्स का भौतिक सत्यापन हुआ पूरा
उमरिया 02 अप्रैल रू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पर्यटन विकास के प्रयासों में पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है। प्रकृति और पर्यावरण को क्षति पहुंचाए बिना ही पर्यटन विकास के सभी प्रकल्प क्रियान्वित किए जाएंगे। इस संबंध में समुचित परीक्षण के बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की पांचवीं बैठक मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हुई। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश में वेटलैण्ड्स के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की जानकारी प्राप्त कर सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इसरो-एसएसी-2021 (इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र) एटलस के अनुसार प्रदेश में भौतिक सत्यापन और सीमांकन का कार्य पर्यावरण विभाग के राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। यह वेटलैण्ड्स 2.25 हैक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक के हैं। यह कार्य राजस्व विभाग और वन विभाग के सहयोग और संबंधित जिला प्रशासन के नेतृत्व में सम्पन्न करवाया जा रहा है। प्रदेश में 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में 13 हजार 454 वेटलैण्ड्स का जमीनी सत्यापन और 12 हजार 741 वेटलैण्ड्स के सीमांकन का कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश में कुछ ही वेटलैण्ड्स शेष हैं, जहां यह कार्य अभी चल रहा है। एक नया मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। इस कार्य के लिए प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 5 हजार कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मॉनीटरिंग के लिए डैशबोर्ड विकसित किया गया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि पर्यावरण विभाग के स्तर पर वेटलैण्ड के भौतिक सत्यापन और सीमांकन कार्य की नियमित समीक्षा की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के श्री संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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दुग्ध उत्पादन में सहकारिता बढ़ाएं, दुग्ध उत्पादक समितियों और संघों को भी दें प्रोत्साहन – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक सम्मेलन 13 अप्रैल को नीमच में
मुख्यमंत्री ने नीमच में होने वाले सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए दुग्ध उत्पादन में सहकारिता बढ़ाएं। इस काम के लिए गांव-गांव में उपलब्ध दुग्ध उत्पादक समितियों और दुग्ध उत्पादकों संघों को भी जोड़कर उन्हें प्रोत्साहन दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में आगामी 13 अप्रैल को नीमच में राज्य स्तरीय सहकारी दुग्ध उत्पादक (गोपाल) सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में राज्य शासन एमपीसीडीएफ, दुग्ध संघों एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य सहकार्यता अनुबंधों का निष्पादन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में 13 अप्रैल को नीमच में होने वाले सम्मेलन की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन, दुग्ध महासंघ, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड व दूध उत्पादन से जुड़ी अन्य संस्थाओं को एक मंच में लाकर इनसे मार्गदर्शन लेकर आगे बढ़ें। जैविक उत्पादों सहित गौवंश जनित उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे इन उत्पादों को समुचित बाजार मिले और इसका सबसे अधिक दुग्ध उत्पादकों को हो।
बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव, सचिव पशुपालन श्री सतेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादन पर पांच रूपए प्रति लीटर बोनस राशि का वितरण दुग्ध उत्पादक समितियों/दुग्ध उत्पादक संघों को देने पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन में सहकारिता से अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि नीमच में होने वाले सम्मेलन में नीमच सहित उज्जैन संभाग के सभी जिलों की दुग्ध उत्पादक समितियों/संघों को आमंत्रित किया जाए।
बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री श्री लखन पटेल ने बताया कि सम्मेलन में आचार्य विद्यासागर जीवदया (गौसेवा) सम्मान योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय चयनित तीन गौशालाओं को संस्थागत श्रेणी के तीन पुरस्कार एवं चार संस्थाओं को सांत्वना पुरस्कार सहित गौसेवा के लिए व्यक्तिगत श्रेणी के तीन पुरस्कार भी मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान किए जाएंगे। साथ ही राज्य स्तरीय देसी नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता के आधार पर चयनित तीन पुरस्कार एवं भारतीय नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता के आधार पर चयनित दुग्ध उत्पादकों को भी तीन पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश स्तरीय दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में ब्रीडिंग की नवीन तकनीकों का प्रदर्शन होगा। इसमें सार्टेड सीमन, एम्ब्रियों ट्रांसफर टेक्नोलॉजी (इटीटी) एवं गौ-चिप जैसी नई तकनीकों का विशेष रूप से प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र) आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी में बायोगैस, जैविक खाद, गौ-शिल्प, दैनिक उत्पाद की सामग्री, फिनाइल एवं पेंट आदि भी प्रदर्शित किए जाएंगे। साईलेज और हाइड्रोपोनिक्स के उत्पादन और चलित पशु चिकित्सा इकाई का प्रदर्शन भी सम्मेलन स्थल पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को नीमच सम्मेलन में सांची के विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी, कुक्कुट विकास निगम की ओर से अच्छी नस्ल की गाय, भैंस, बकरी एवं अन्य उन्नत पशु नस्लों की लाईव स्टॉक प्रदर्शनी के साथ पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे विभिन्न नवाचारों को प्रतिबिंबित करती हुई पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
दुग्ध उत्पादन क्षेत्र के प्रोत्साहन के लिए भावी योजना
प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में सहकारिता के प्रसार के लिए दुग्ध सहकारी समितियों की वर्तमान संख्या 6 हजार को बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। दुग्ध सहकारी समितियों से संबद्ध दुग्ध उत्पादक कृषकों को पांच रूपए प्रति लीटर बोनस दिया जाएगा। समिति स्तर से लेकर दुग्ध महासंघ तक शत-प्रतिशत कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा।
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बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को दी जाएगी आर्थिक सहायता – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रूपए और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय के लिए दुर्घटना स्थल पर (बनासकांठा) भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि संकट की इस दुरूखद घड़ी में हमारी सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।
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हमने दूर कर दी हैं सारी बाधाएं, आप उद्योग लगाएं, सरकार करेगी मदद
रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरी उतरी प्रदेश सरकार जीआईएस में मिले 30 लाख करोड़ के निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 2500 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों को अंतरित की 1778 करोड़ रुपए की उद्योग प्रोत्साहन राशि
जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी औद्योगिक ईकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि भेजना,
अब जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की होगी शुरुआत, 27 अप्रैल को इंदौर में पहली आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव
उमरिया 02 अप्रैल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश एक नई उड़ान पर है। सरकार की रीति-नीति से निवेशकों में विश्वास का माहौल बना है। प्रदेश में उद्यमी, उद्योगपति, व्यापारी, व्यवसायी सब उत्साहित हैं। हम उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए एक नई धारा, एक नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में बिजनेस को सहज बनाने के लिए हमने सारी बाधाएं, सारी रूकावटें दूर कर दी हैं। आप बस उद्योग लगाएं, हमारी सरकार उद्योग लगाने से लेकर इसे संचालित करने तक आपकी हर जरूरी मदद करेगी, प्रोत्साहन इन्सेटिव देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से एक निजी होटल में आयोजित उद्योग निवेश सब्सिडी के वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में स्थापित करीब 2500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ और छोटे-बड़े (वृहद श्रेणी के) उद्योगों को करीब 703 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 1778 करोड़ रुपए की उद्योग निवेश सब्सिडी हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट दबाकर सिंगल क्लिक से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिड़ी राशि उद्यमियों (निवेशकों) के बैंक खाते में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों का बढ़ता हौसला ही हमारी पूंजी है। जीआईएस से हमें बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला है। मध्यप्रदेश में हर निवेशक का स्वागत है, सम्मान है। हमने छोटे-बड़े सभी उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है, नए वित्त वर्ष के सालाना राज्य बजट में भी हमने सबका ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि बीते साल हमने 5 हजार 260 करोड़ की उद्योग निवेश सब्सिडी राशि पूरी पारदर्शिता के साथ डीबीटी के जरिए ही निवेशकों के खातों में हस्तांतरित की। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने नवीन औद्योगिक नीति बनाई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का सफल आयोजन हुआ, जिसमें 30 लाख 77 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार ने संभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण प्रारंभ कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और उन्हें प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर करना, जीआईएस के बाद निवेशकों को प्रोत्साहित करने की अगली कड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पहली बार निवेश की संभावनाओं को तलाशा और संभागीय स्तर पर आयोजित की गई 7 रीजनल इन्वेस्टर्स समिट ने नई ऊंचाइयां प्राप्त कीं। प्रदेश में निवेश एवं उद्योगों के विकास में देश-दुनिया के उद्योगपतियों ने उत्साह दिखाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीआईएस के उद्घाटन-सत्र में उद्योगपतियों और व्यापारियों को निवेश के मंत्र दिए। उन्होंने कहा था कि अपार संभावनाओं वाले मध्यप्रदेश में निवेश का यही समय सही है। जीआईएस के सफल आयोजन पर उद्योग विभाग और निवेशकों का अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में प्राप्त निवेश का आंकड़ा देखा जाए तो राज्य सरकार और निवेशक दोनों ही प्रधानमंत्री श्री मोदी के विश्वास पर खरे उतरे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए डीबीटी से राशि भेजी जा रही है। सरकार छोटे-बड़े निवेशक और उद्योगपतियों में भेदभाव नहीं करती है। सरकार हर एक को उद्योग प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत/2047 के संकल्प के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार ने भी 5 साल में राज्य का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। इसमें औद्योगिक विकास के लिए बजट राशि में डेढ़ गुना की वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया है। पूरे साल औद्योगिक विकास की गतिविधियां प्रदेशभर में संचालित की जाएंगी।
27 अप्रैल को इंदौर में होगी आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस और आरआईसी के सफल आयोजन के बाद अब प्रदेशभर में जिला स्तर पर सेक्टर आधारित इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की जा रही है। ऐसी पहली आईटी सेक्टर की कॉन्क्लेव आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश के अंदर औद्योगिक गतिविधियां संचालित करेगी, साथ ही रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के बाहर से भी निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। मध्यप्रदेश के सभी 10 संभागों में उद्योगों के लोकार्पण और भूमि-पूजन की शुरुआत चंबल के भिंड से हो चुकी है। इसके बाद उज्जैन में 27 इकाइयों का दूसरा भूमि-पूजन कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार उद्योग-व्यापार को नई दिशा प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कंसल्टेंट समेत क्षेत्र के विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
सबका साथ सबका विकास ही डबल इंजन सरकार की परिकल्पनारू मंत्री श्री सारंग
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई है। प्रदेश हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम को छूने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं। राष्ट्र के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी आ रही है। सबका साथ-सबका विकास और राष्ट्र निर्माण का संकल्प यही डबल इंजन सरकार की परिकल्पना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन से मध्यप्रदेश के विकास का एक नया मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्योग स्थापित करने और उन्हें बेहतर ढंग से चलाने के लिए हमारी सरकार पूरी मदद दे रही है।
प्रदेश में 20 नए औद्योगिक केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया जारीरू मंत्री श्री काश्यप
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने प्रदेश में विश्वास जताने के लिए उद्योगपतियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से 1778 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि की प्रदायगी उद्योगों के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा घोषित की गई योजनाओं की 31 मार्च 2025 तक की सभी अदायगी का एक साथ भुगतान किया जा रहा है।
मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों के विकास की नई योजनाएं बनाई गई और उन्हें तेजी से क्रियान्वित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपतियों का मध्यप्रदेश के प्रति भरोसा बढ़ा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश धरातल पर नजर आने लगा है। उन्होंने राज्य सरकार की युवाओं को रोजगार सम्पन्न बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यमशीलता का माहौल बना है और 20 नए औद्योगिक केंद्र बनाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विरासत से विकास की मुख्यमंत्री जी की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए सीएम राइज़ स्कूलों का नाम संदीपनि विद्यालय करने पर मुख्यमंत्री का आभार माना।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर खोलने की योजनारू बी. श्रीनिवासन
वॉल्वो-आयशर (वीई) कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड के सीईओ श्री बी. श्रीनिवासन ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रोत्साहन राशि देकर उद्योगपतियों की मदद कर रही है। प्रदेश में हमारे आठ प्लांट है और हमारी कंपनी उज्जैन में एक नया प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और एमपीआईडीसी का पूरा सपोर्ट हमें मिल रहा है। सरकार की उद्योग मित्र नीतियों से हर निवेशक प्रभावित हुआ है। हमारी कंपनी ने भोपाल में एक इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माण इकाई शुरू की है, जहां सभी वर्कर सिर्फ लड़कियां हैं। इसके अलावा ऑटो सेक्टर के लिए एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर खोलने की योजना पर भी हमारी कंपनी ठोस कार्यवाही कर रही है।
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश में राज्य सरकार के प्रयासों से औद्योगिक क्षेत्र में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने 290 करोड़ की लागत से प्रदेश में पहली बार महिला कामगारों के लिए उसी उद्योग परिसर में हॉस्टल निर्माण का निर्णय लिया है। यह हॉस्टल उज्जैन, पीथमपुर, मालनपुर, झाबुआ, देवास के औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित किए जाएंगे। उद्योगों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने के लिए सरकार तत्प र है, जहां से भी निवेश प्रस्ताव प्राप्त होते हैं, उसे अमलीजामा पहनाने के लिए हमारा सपोर्ट सिस्टम तत्काल एक्टिव हो जाता है।
उद्योग प्रोत्साहन राशि अंतरण समारोह में वर्धमान ग्रुप के डायरेक्टर श्री टी.सी. गुप्ता ने आभार प्रदर्शन करते हुए उनके ग्रुप द्वारा प्रदेश में 3 हजार करोड़ के निवेश से नई औद्योगिक इकाई स्थापित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी निवेशकों का विश्वास जीतने में सफल रही है।
समारोह में क्षेत्रीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, सागर ग्रुप के एमडी श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला समेत प्रदेश के प्रतिष्ठित उद्योगपति, कारोबारी, उद्योग संघों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित थे।
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