चिकित्सको की कमी से जूझता सिविल अस्पताल नागौद

दर दर भटकते मरीजो को भागना पड़ता है सतना
नागौद सिविल अस्पताल में नही है माकूल ब्यवस्थाये
सतना/नागौद-नागौद विधायक नागेन्द्र सिंह के प्रयासों से नागौद को सिविल अस्पताल का दर्जा और भवन तो मिल गया लेकिन चिकित्सको की कमी के कारण मरीजो को विवश होकर या फिर जानबूझकर सतना रेफर कर दिया जाता है।
नागौद के अस्पताल में पदस्थ डॉ प्रमोद प्रजापति बी एम ओ के चार्ज में होने के कारण कार्यालयीन कार्यो में ही ब्यस्त रहते है,डॉ सी पी चौरसिया केवल 10 वर्ष तक के बच्चों को ही देखते है,डॉ अमित सोनी और डॉ रीना सिंह की आपसी तकरार के कारण गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को भी माकूल इलाज नही मिल पाता और सतना रेफर कर दिया जाता है।
सिविल अस्पताल का आलीशान भवन तो बन गया लेकिन चिकित्सको की कमी के कारण मरीजो को सही इलाज नही मिल पा रहा है।नागौद अस्पताल में आनेवाले मरीजो का विस्तृत क्षेत्र है इसलिए इस अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी को देखते हुए और क्षेत्रीय जनमानस को चिकित्सकीय सुविधा सुलभ करवाने के लिए चिकित्सको की पदस्थापना की नितांत आवश्यकता है।
क्षेत्रीय जनमानस की जनप्रतिनिधियों और शासन प्रशासन से अपेक्षा है कि शीघ्र नागौद सिविल अस्पताल में चिकित्सकों की पदस्थापना की जाए।

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