भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

जल संरक्षण के महत्व को बताने विधायक एवं कलेक्टर ने बुढ़ार जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत चकौड़िया में लगाई जल चौपाल

609
Above News

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट

‘जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है‘

पानी को सहेजने हेतु हम सब को एक जुट होकर करना होगा कार्य- विधायक जैतपुर

– ‘जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है‘। जल के बिना जीवन असंभव है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आहवान पर पूरे प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्ेश्य जल के संरक्षण, संवर्धन के साथ ही आम जन को जल प्रबंधन की जानकारी देना तथा जल के एक-एक बूंद को संरक्षित करना है। विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी बुढ़ार जनपद पंचायत के ग्राम चकौड़िया में आयोजित जल चौपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नरेंद्र सिंह धुर्वे, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व जैतपुर श्रीमती अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अर्चना मिश्रा, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री विवेक पाण्डेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढ़ार श्री दिवाकर सिंह, ग्राम पंचायत चकौड़िया की सरपंच श्रीमती शान्ति बाई पाव, सचिव श्री नागेन्द्र त्रिपाठी, रोजगार सहायक श्री रामसहोदर यादव, जन अभियान परिषद के परामर्शदाता, प्रस्फुटन समिति के सदस्य सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा कि नदी, नाले, तालाब, स्टाप डैम, चेक डैम, कुआं, बावड़ी,खेत तालाब, आदि समाज की धरोहर हैं। इन जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन करके ही हम वर्षा के जल को बचा सकते हैं। वर्षा के जल को बचाने से जहां हमें खेती में सिंचाई के लिए पानी पेयजल, निस्तार, पशु पक्षियों के पीने के लिए पानी तथा वृक्षारोपण के पश्चात वृक्षों को जीवित रखने के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। हम सब को मिलकर यह प्रयास करना चाहिए कि वर्षा की बूंद-बूंद व्यर्थ बहकर न जाए। गांव का पानी गांव में तथा खेत का पानी खेत में ही संरक्षित कर लिया जाए। ऐसा करने से जहां गांव के जल स्तर में सुधार होगा वहीं गांव के चारो ओर हरियाली तथा समृद्धि आएगी।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper