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विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी श्री रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने पर दी बधाई
शहडोल 17 मई 2025- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जगद्गुरु तुलसीपीठाधीश्वर रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य को ज्ञानपीठ पुरस्कार-2023 से सम्मानित होने पर बधाई दी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान स्वामी श्री रामभद्राचार्य को यह सम्मान प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संस्कृत के प्रकांड विद्वान स्वामी श्री रामभद्राचार्य द्वारा दृष्टिबाधित होने के बावजूद अंतर्मन के आलोक से वेद, उपनिषद एवं रामकथा की जो गूढ़ व्याख्या की गई है, वह भारत ही नहीं, वैश्विक साहित्य जगत के लिए अनुपम आध्यात्मिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि भारतीय संत परंपरा के गौरव, श्रद्धेय संत पद्मविभूषित स्वामी श्री रामभद्राचार्य की संस्कृत साधना और तपस्वी जीवन की इस उपलब्धि से भावी पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।
समा. क्रं. 240 द्विवेदी
समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना ही शिक्षा : राज्यपाल श्री पटेल
युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की जीवनचर्या को अपनाएं
राज्यपाल श्री पटेल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के12वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए
शहडोल 17 मई 2025- राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा केवल ज्ञान की डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। समाज के लिए उपयोगी और सक्षम व्यक्ति बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की अंधी भाग-दौड़ में युवा जीवन के आनंद से वंचित हो रहे हैं। दिनचर्या यांत्रिक होती जा रही है। जरूरी है कि युवा प्रकृति के साथ सह-जीवन की दिनचर्या को अपनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा करते हुए कहा है कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में अर्जित ज्ञान का उपयोग मानवता की सेवा में करें। परिवार, समाज के प्रति संवेदनशील रहे। माता-पिता, गुरुजन, समुदाय और समाज के लिए कृतज्ञता का भाव रखें। वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहें। राज्यपाल श्री पटेल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के पी.एच.डी. उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ताओं को मंच से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भौतिक सुखों को प्राप्त करने से सुख नहीं मिलता है। आत्मिक सुख, जरूरतमंदों की मदद और सेवा कार्यों से मिलता है। उन्होंने सेवा कार्यों में प्रदर्शन की अपेक्षा परिणामों पर बल दिए जाने वाले सामाजिक वातावरण के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर विचार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह का दिन उपलब्धियों से जुड़े गर्व को महसूस करने का दिन है, जो संस्थान और विद्यार्थी दोनों के लिए उत्सव का प्रसंग होता है। हम सबके जीवन में कुछ ऐसे क्षण होते हैं जिन्हें हम जीवन भर संजो कर रखते हैं। ऐसा ही दीक्षांत का दिन होता है, जो विद्यार्थियों के मन-मस्तिष्क में हमेशा अंकित रहेगा। परिसर में अध्ययन के दौरान छात्र-छात्राओं ने यादगार पल और जीवन भर के लिए मित्रता की है। अनमोल सबक और प्रचुर ज्ञान प्राप्त किया है। यह सब आने वाले समय में विभिन्न परिस्थितियों में उनके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत का दिन जीवन का वह महत्वपूर्ण मोड़ है, जहां विद्यार्थियों को कैरियर और जीवन के अगले चरण के बारे में निर्णय लेना है। प्राप्त उपाधि आपको असीमित अवसरों और संभावनाओं की दुनिया में प्रवेश कराएगी। उनके सामने देश-विदेश में उच्चतर अध्ययन, रोजगार और उद्यम स्थापना के विकल्प उपलब्ध होंगे, लेकिन भावी जीवन में रोजगार तलाशने वाले की बजाय रोजगार देने वाले की तरह सोच कर आगे बढ़ने का प्रयास करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का सम्मान उनके अथक परिश्रम से मिला है। इस सफलता की साधना में उनके माता-पिता सदैव उनके साथ खड़े रहे, इसलिए यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, यह उनके माता-पिता की भी उपलब्धि है।
तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत दुनिया का बुद्धिवान समाज था। तक्षशिला, नालंदा सारी दुनिया की शिक्षा के केन्द्र थे। भारत को विश्व गुरू कहा जाता था। हमारी मान्यताएं और परंपराएं प्रकृति के साथ सह-जीवन के ज्ञान-विज्ञान पर आधारित थी। मातृ भाषा में ज्ञान-विज्ञान के सभी विषयों की शिक्षा समाज के द्वारा प्रदान की जाती थी। शोध में पता चला है कि भारत में लगभग 7 लाख गुरुकुल विभिन्न क्षेत्रों में संचालित थे। अंग्रेजों ने भारत को नियंत्रण में लेने के लिए उसकी शक्तियों के संबंध में अध्ययन कराया था। उन्हें बताया गया कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति और शिक्षा में है। औपनिवेशिक प्रशासन ने षड़यंत्रपूर्वक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की मान्यताओं और परंपराओं की प्रमाणिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। भारतीयों को मातृ भाषा में शिक्षा से वंचित कर विदेशी भाषा में शिक्षा की व्यवस्था कर दी। इस तरह भारतीय समाज को अशिक्षित घोषित करने का कार्य किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री प्राप्त करने की उपलब्धि में उनके परिवार, समुदाय, समाज, राज्य और राष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है।
राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजीव त्रिपाठी ने दीक्षांत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई। कुलसचिव प्रो. मोहन सेन ने आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, विश्वविद्यालय की कार्य एवं विद्त परिषद के सदस्य, शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।
समा. क्रं. 241 द्विवेदी

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं जीवन के हर कदम पर हमारी मार्गदर्शक :मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन को जोड़ा वर्तमान संदर्भों से
मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद
मुख्यमंत्री रेनेसां यूनिवर्सिटी के ‘कृष्ण तत्व’ कार्यक्रम में हुए शामिल
शहडोल 17 मई 2025- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का मटकी फोड़ना बाललीला नहीं, अत्याचारियों की रसद रोकने की रणनीति थी। मस्तक पर मोर-पंख धारण करना और प्रकृति से प्रेम करना उनके मानवीय पक्ष को दर्शाता है। सुदामा से मित्रता और कंस वध के बाद उग्रसेन को सिंहासन सौंपना न्याय और निष्ठा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण के कर्मयोग, समत्व और न्याय के सिद्धांतों पर विशेष बल देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश है कि छोटे से छोटा काम भी महत्व रखता है। उन्होंने जीवन भर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया और समानता का अधिकार सुनिश्चित किया। यही सिद्धांत हमारी शासन-नीति की प्रेरणा भी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर छात्रों को संबोधित करते हुए श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी घटनाओं को वर्तमान सामाजिक संदर्भों से जोड़कर उनकी प्रासंगिकता समझाई।
इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी में बुधवार रात आयोजित ‘कृष्ण तत्व’ विषयक सेमिनार में विश्वविद्यालय परिसर स्थित गार्डन में हुए इस भव्य आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और उपदेशों पर आज के संदर्भ में संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना था।
शिक्षा और रोजगार पर विशेष बल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से प्रेरित होकर शिक्षा नीति में ऐसे बदलाव किए हैं जो छात्रों को केवल नौकरी की ओर नहीं, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है। इससे लाखों रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
विकास परियोजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) और केन-बेतवा जैसी प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से संवाद कर उनके विचार सुने। छात्रों को उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने की सीख दी।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी विधायक सर्व श्री गोलू शुक्ला , रमेश मेंदोला,मनोज पटेल, कुलाधिपति श्री स्वप्निल कोठारी, श्री सुमित मिश्रा मौजूद थे।
समा. क्रं. 242 द्विवेदी

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता
आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं
इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प
कारखाने हमारे हैं मंदिर
शहडोल 17 मई 2025- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। ‘मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री श्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी।
राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं।
प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है।
प्रमुख सचिव श्री सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं।
श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन श्री शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।”
“एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश” सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री ए. रवि कुमार ने मैटेक्सिल की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की यात्रा पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही भारत टैक्स-2026 की रूपरेखा बतायी।
मैटेक्सिल के पूर्व चेयरमैन श्री संजीव सरन ने मेटेक्सिल की भूमिका और भारत टेक्स जैसे आयोजनों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। वर्तमान चेयरमैन श्री शालीन तोषनीवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मैटेक्सिल की आगामी योजनाओं की जानकारी दी। सेमिनार में देश के विभिन्न हिस्सों से आए टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को निवेश की दृष्टि से एक उभरते केंद्र के रूप में देखा।
तकनीकी-सत्रों में टेक्सटाइल क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा मध्यप्रदेश से मैनमेड फाइबर टेक्सटाइल, होम टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल के निर्यात की संभावनाओं श्री प्रशांत अग्रवाल (प्रबंध निदेशक, वज़ीर एडवाइजर्स) और श्री धीरज शाह पूर्व चेयरमैन मेटेक्सिल व चेयरमैन, फेयरडील टेक्सटाइल पार्क, सूरत ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। फेयरडील टेक्सटाइल पार्क पर शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मैटेक्सिल के पूर्व चेयरमैन श्री संजीव सरन ने आभार प्रकट किया। टेक्सटाइल एक्सपो में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी सहित विधायक एवं जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्योगपति शामिल रहे।
समा. क्रं. 243 द्विवेदी

भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस पर संपूर्ण देश को है गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की
शहडोल 17 मई 2025- भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को उज्जैन में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहीद पार्क से प्रारंभ हुई भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद पार्क स्थित जय स्तम्भ पर शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना ने पाकिस्तान में दाखिल होकर दुश्मनों से बदला लिया। भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस पर संपूर्ण देश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं ने अदम्य साहस और शौर्य का प्रमाण दिया हैं। हमने एकजुट होकर विश्व को यह संदेश दिया कि दुश्मन कितना ही चालाक क्यों न हो हम अपनी एकता को अक्षुण्ण रखेंगे। राष्ट्रीय एकता सर्वोपरी है, इसे यदि शत्रु ने हानि पहुचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उज्जैन भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी है, यह सम्राट विकमादित्य के पराक्रम की नगरी है। लगभग 2000 हजार साल पहले सम्राट विकमादित्य ने विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से खदेड दिया था, आज फिर से हमारी सेना ने वही शौर्य और पराक्रम दिखाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र की वेदी पर अपने चिराग न्योछावर करने वाले शहीदों के परिजनों को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे देश कि आन, बान और शान है इसकी मर्यादा का सदैव ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है कि हम सभी भारतीय एक जुट हो कर समय आने पर देश कि रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान कर सकते है ।
भव्य तिरंगा यात्रा में शहिदों के परिजन पूर्व सैनिक, राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्यनारयण जटिया, शहरकाजी खलीकुर्रहमान, श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, श्री जगदीश पांचाल, श्री मुकेश यादव, श्री अनिल शिंदे, श्री दिनेश जाटवा, श्री कल्याण शिवहरे, श्री सुहास वैद्य, श्री इकबाल सिंह गांधी शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़-चढ़ कर सहभागिता की।
भव्य तिरंगा यात्रा शहीद पार्क से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों चामुण्डा माता चौराहा, देवास गेट चौराहा, मालीपुरा,दौलतगंज चौराहा से होती हुई फव्वारा चौक पर समाप्त हुई। यात्रा में शहीदों के परिजन बग्गियों पर सवार होकर शामिल हुए। यात्रा में पुलिस बैण्ड, बोहरा समाज के बैण्ड और अन्य बैण्ड शामिल हुए। यात्रा के दौरान देश भक्ति के गीतों की भावविभोर प्रस्तुतियां दी गई। सभी धर्म और समाज के लोगों ने देश भक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत होकर उत्साह पूर्ण माहौल में यात्रा में सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर बनाएं गये स्वागत मंच के द्वारा यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यह यात्रा उन जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी निकाली गई जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
मुख्यमंत्री ने फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर में दर्शन कर देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर पर दर्शन कर पूजन अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन कर कहा कि देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर विकास की नित नई ऊंचाइयां छू रहा है।
समा. क्रं. 244 द्विवेदी

अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर तुरंत कर्रवाई करें : मंत्री श्री राजपूत
श्री राजपूत ने प्रभार के जिले नरसिंहपुर में जिला योजना समिति की बैठक में दिए निर्देश
शहडोल 17 मई 2025- खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं नरसिंहपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिला खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन व भंडारण करने वालों पर तत्काल एक्शन लें। खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने नरसिंहपुर में जिला योजना समिति की बैठक में यह निर्देश दिए।
श्री राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जिले में हो रहे कार्यों से अवगत कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत माह अप्रैल में खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में हुए गेहूं उपार्जन का भुगतान शत प्रतिशत पूरा करें।
मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करें
मंत्री श्री राजपूत ने लगातार नरसिंहपुर जिला प्रदेश में तीसरी बार प्रथम आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाये। इसके अलावा नवीन व्यावसायिक शिक्षा में अधिक से अधिक पंजीयन करायें, जिसमें युवाओं की मांग व उनके रूझान के अनुरूप प्रशिक्षण करवायें। इससे उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके लिए प्रशिक्षण के कोर्स भी बढ़ायें जायें। महिलाओं को सेंट आरसेटी में कौशल उन्नयन एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे महिलाओं को एनआरएलएम से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य में तेजी लायें और पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करें।
नरवाई नहीं जलाने किसानों को जागरूक करें
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए संगोष्ठी, चौपाल आदि के माध्यम से किसानों को प्रेरित कर उन्हें नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बतायें। प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने जिले में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। योजना समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में सांसद द्वय फग्गन सिंह कुलस्ते एवं चौ. दर्शन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक द्वय विश्वनाथ सिंह पटेल एवं महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता ठाकुर एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
समा. क्रं. 244 द्विवेदी

स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन की तिथि बढ़ी
शहडोल 17 मई 2025- स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नीति के क्रियान्वयन की समय-सारणी जारी की है। विभाग ने समय-सारणी तालिका में आंशिक संशोधन किया है।
स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की नियत सीमा 16 मई से बढ़ाकर अब 21 मई की गयी है। इसी के साथ ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश जारी करने की तिथि 20 मई से बढ़ाकर 25 मई, 2025 नियत की गयी है। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किये हैं।
समा. क्रं. 245 द्विवेदी

श्रमोदय आदर्श आईटीआई, भोपाल में प्रवेश प्रारंभ
प्रवेश के लिये 31 मई, 2025 तक होंगे ऑनलाइन पंजीयन
शहडोल 17 मई 2025- मध्यप्रदेश शासन, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा संचालित श्रमोदय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। श्रमिकों एवं निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित इस संस्थान में प्रवेश के लिये केवल पंजीकृत श्रमिकों के पुत्र/पुत्रियां ही पात्र हैं। वेल्डर ट्रेड में प्रवेश के लिए 8वीं पास अभ्यर्थी भी पात्र हैं। शेष सभी ट्रेड्स के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को कम से कम कक्षा 10वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
ऑनलाइन आवेदन www.dsd.mp.gov.in पोर्टल के माध्यम से किये जा रहे हैं। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध अधिसूचना को देखें।
संस्थान में फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, कॉम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA), सोलर टेक्नोलॉजी, वायरमैन, मैकेनिक (रेफ्रिजरेशन एवं एसी), ड्रेस मेकिंग (महिलाओं के लिए विशेष) और स्टेनोग्राफी (हिंदी एवं अंग्रेजी) ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
मध्यप्रदेश शासन का ये संस्थान पूर्णतः आवासीय सुविधा (निःशुल्क हॉस्टल एवं भोजन) युक्त है। यहां गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं नियोजन मार्गदर्शन और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ भी संचालित की जाती हैं। यह संस्थान युवाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अधिक जानकारी के लिये अभ्यर्थी प्राचार्य, श्रमोदय आदर्श आईटीआई, श्रमोदय परिसर, बरखेड़ा पठानी, भोपाल – 462003 और फोन: 0755-2552663, 2552662 या ईमेल: bocboard@mp.gov.in पर सम्पर्क कर सकते हैं।
समा. क्रं. 246 द्विवेदी

शहरी क्षेत्रों में तालाबों को प्रदूषण मुक्त करने के लिये 74 करोड़ रूपये का अनुदान
शहडोल 17 मई 2025- प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली झीलों एवं तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा संरक्षण एवं संवर्धन योजना चलाई जा रही है। योजना में अब तक 41 नगरीय निकायों में 48 तालाबों की योजनाओं के लिये 74 करोड़ रूपये की राशि अनुदान के रूप में जारी की जा चुकी है।
योजना में नगरीय क्षेत्रों में झीलों एवं तालाबों की सीमा में होने वाले कटाव को रोकने संबंधी कार्य, झीलों एवं तालाबों के आस-पास बाउंड्रीवॉल बनाने, सघन पौधरोपण, लैम्प और फव्वारों की स्थापना के लिये नगरीय निकायों को राज्य शासन की ओर से अनुदान राशि दी जा रही है। नगरीय निकाय इस अनुदान राशि का उपयोग अपशिष्ट जल को रोकने, ट्रीटमेंट व्यवस्था, झील एवं तालाबों के किनारे सीवर पाईप व्यवस्था के लिये भी उपयोग कर रहे हैं।
योजना में नगरीय निकायों को दी जाने वाली अनुदान राशि का प्रतिशत भी निर्धारित किया गया है। नगर निगम को कुल लागत राशि का 60 प्रतिशत, नगर पालिका परिषद को 75 प्रतिशत और नगर परिषद को 90 प्रतिशत राज्य शासन की ओर से अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है। अनुदान राशि के अलावा शेष राशि की व्यवस्था संबंधित नगरीय निकायों को स्वयं अपनी इनकम जनरेट करने के निर्देश हैं।
समा. क्रं. 247 द्विवेदी

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 10 हजार 118 उपभोक्तााओं के खातों में पहुंची 68 करोड़ से अधिक की सब्सिडी
योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की सब्सिडी
शहडोल 17 मई 2025- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 10 हजार 118 उपभोक्ता् पंजीकृत किये गये हैं। इन्हेंो 68 करोड़, 4 लाख 42 हजार रूपये की सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। प्रबंधक संचालक ने कहा कि देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किया जा रहा है। प्रबंध संचालक ने कहा कि इस योजना के तहत एक किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।
प्रबंधक संचालक ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर अब तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सएप चेटबॉट एवं टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य् क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्तास को प्रदान किए जाएंगे। जिससे उपभोक्तारओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी आयेगी। प्रबंध संचालक ने यह भी निर्देश दिए कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किया जाए और कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं हो तो वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाए।
समा. क्रं. 248 द्विवेदी

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