लघुवनोपज पंजीयन संबंधित लोगो को दी गई जानकारी, किया गया पौधरोपण

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर परिचर्चा का किया गया आयोजन
शहडोल 23 मई 2025- विष्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल श्री अजय कुमार पाण्डेय एवं सुश्री तरुणा वर्मा वनमण्डलाधिकारी उत्तर शहडोल के निर्देशन में वनमण्डल उत्तर शहडोल अन्तर्गत श्री रेशम सिंह धुर्वे उप वनमण्डलाधिकारी ब्यौहारी एवं श्री मुकुल सिंह ठाकुर उप वनमण्डलाधिकारी जयसिंहनगर के प्रयास से समस्त वन परिक्षेत्रों मुख्यतः अमझोर, जयसिंहनगर, गोदावल, पूर्व ब्यौहारी एवं पश्चिम ब्यौहारी में जैव विविधता कल आज और कल विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें आस-पास के क्षेत्र में 50 से 70 सालों में क्या-क्या परिवर्तन आया, इस विषय पर चर्चा की गई, साथ ही जैव विविधता के महत्व उसका उपयोग, एवं ग्रामीणों को उसके क्या क्या लाभ है, इसके बारे में बताया गया, एवं उसके संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। जिसमें आम ग्रामीणों एवं वनोपज का व्यापार करने वाले व्यापारियों में सहभागिता सुनिश्चित की। वन परिक्षेत्र अमझोर अन्तर्गत सीधी परिक्षेत्र सहायक परिसर में जैव विविधता दिवस पर कार्यशाला का आयोजन उप वनमण्डलाधिकारी जयसिंहनगर एवं वन परिक्षेत्राधिकारी अमझोर की उपस्थिति में किया गया। तथा लोगों को जैव विविधता के महत्व में बताया गया। जैव विविधता अधिनियम के अन्तर्गत पंजीयन भी करवाने हेतु कहा गया। परिचर्चा के दौरान जंगलों का महत्व, वन्यप्राणी विचरण के सम्बन्ध में आवश्यक सावधानियों एवं अवैध कटाई से नुकसानी के सम्बन्ध में लोगों को बताया गया कि वनों की अवैध कटाई में कमी से वनों में जैव विविधता बढ़ी है। अन्तराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 के अवसर पर ग्राम सिमौढ में वृक्षारोपण कर, बैठक का आयोजन किया गया।
परिचचर्चा में वनों में पाई जानें वाली औषधियों एवं अन्य लघुवनोपज के विषय में परिचर्चा की गई, जिसमें वर्तमान समय में वनों में पाई जाने वाली औषधी, लघुवनोपज की मात्रात्मक वृद्धि हुई है। वनों में जैव विविधता के प्रकार घनत्व विषय पर परिचर्चा की गई, वनों की अवैध कटाई से रोकथाम होने पर जैव विविधता के प्रकार एवं घनत्व में वृद्धि हुई है।
लघुवनोपज का व्यापार करने वाले व्यापारियों का जैव विविधता पंजीयन वर्तमान स्थिति एवं पंजीयन की प्रक्रिया के विषय में परिचर्चा की गई। लोगो को यह भी बताया गया कि जैव विविधता अधिनियम में व्यापारियों का पंजीयन कराना अति-आवश्यक है, क्योकि जो वन संम्पदा है, वह वहाँ के रहने वाले स्थानीय व्यक्तियों की है, और उन्हीं लागो को उसका लाभ मिलना चाहिए, जो उसको इतनों सालों तक बचा कर रखे है, तथा स्थानीय ग्रामीणजनों को यह भी बताया गया कि जिन व्यापारियों का पंजीयन है, उन्हीं व्यापारियों को लघुवनोपज दी जाय। इस हेतु व्यापारियों को भी आमंत्रित किया गया कि, व्यापारी अपना पंजीयन करा लेवे, तथा ग्रमीणों को यह भी समझाईस दी गई कि यदि कोई व्यापारी बिना पंजीयन के लघुवनोपज की खरीदी करता है, तो वन विभाग को सूचित करें। यदि बिना पंजीयन के लघु वनोंपज का संग्रहण किया जावेगा तो व्यापारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

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