लोकमाता देवी आहिल्याबाई के जीवन दर्शन पर आधरित कार्यक्रम सम्पन्न

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
लोकमाता देवी आहिल्याबाई, प्रशासनिक दक्षता और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण
– मध्यप्रदेष शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार लोकमाता देवी अहिल्याबाई के जीवन दर्शन पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय बुढार में किया गया। कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए प्राचार्य गंगा मिश्रा ने कहा कि अहिल्याबाई को उनके प्रशासनिक कौशल, परोपकार और देश के मंदिरों के संरक्षण और पुनर्निर्माण में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। वे एक परोपकारी महिला थी जो अपने दान कार्य और धार्मिक उत्साह के लिए प्रख्यात थी जो हमारे लिए प्रेरणा स्रोत रही हैं। लोकमाता देवी आहिल्याबाई प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया। देवी आहिल्याबाई ने काशी, गया, द्वारका जैसे पवित्र स्थलों का पुनर्निर्माण करवाकर भारतीय संस्कृति की सेवा की।
लोकमाता देवी अहिल्याबाई की जयंती पर महाविद्यालयीन छात्रों के मध्य भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। भाषण प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा ऋषिका कुशवाहा ने प्रथम, बीए, द्वितीय वर्ष की छात्रा दामिनी बैरागी ने द्वितीय तथा निबंध प्रतियोगिता में बीए की छात्रा दामिनी बैरागी प्रथम तथा बीए द्वितीय वर्ष के छात्र तीरथ साहू द्वितीय स्थान एवं बीए प्रथम वर्ष की छात्रा गरिमा त्रिपाठी ने तृतीय स्थान अर्जित किया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के राजनीति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. दिनेश वर्मा ने किया।

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