विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर आयोजित किया गया कार्यक्रम…

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
बाल मजदूरी कानूनी अपराध
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बाल मजदूरी कराने वाले को 20 हजार रूपये से लेकर 50 हजार रूपये तक का जुर्माना
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:- विश्व बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर कलेक्टर डॉ.केदार सिंह की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रम निरीक्षक श्रीमती चरणा गुप्ता ने बताया कि बाल मजदूरी करवाना कानूनी अपराध है, 14 साल से कम उम्र का बच्चा मजदूर के रूप में काम नहीं कर सकता, बाल मजदूरी करवाने वाले व्यक्ति को 2 साल तक जेल की सजा हो सकती है, बाल मजदूरी कराने वाले को 20 हजार रूपये से लेकर 50 हजार रूपये तक का जुर्माना हो सकता है, इस कानून के तहत 14 से 18 वर्ष तक के बच्चे जिन्हे ” किशोर” कहा जाता है. खतरनाक व्यवसाय एवं उद्योगों में काम नहीं कर सकते है, 14 साल से कम उम्र का बच्चा अपने परिवार में मदद कर सकता है, बशर्ते वह व्यवसाय खतरनाक नहीं हो। यह काम भी बच्चा स्कूल से आने के बाद या छुट्टियों में ही कर सकता है,14 से 18 वर्ष के किशोर, खान, ज्वलन पदार्थ एवं खतरनाक प्रक्रियाओं में काम नहीं कर सकता है, खतरनाक व्यवसाय, जैसे ऑटोमोबाइल वर्कशॉप / गैराज, सर्कस, हाथियों की देखभाल, साबुन बनाना, अगरबत्ती बनाना, कचरा उगना और कबाड़ चुनना, चूना भट्ठा तथा घरेलू श्रम सहित अन्य 86 व्यवसाय एवं प्रक्रियाओं में काम नहीं कर सकता है, इस कानून के तहत बाल श्रम से संबंधित शिकायत कोई भी नागरिक पुलिस 100, चाइल्डलाइन 1098, पेंसिल पोर्टल www.pencil.gov.in पर कर सकता है।
इसी प्रकार कार्यक्रम में बाल मजदूरी के संबंध में अन्य जानकारियां भी साझा की गई।
इस अवसर पर मुख्य कार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नरेंद्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुद्रिका सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्री विपिन पटेल, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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