माँ का अपमान कांग्रेस की पहचान:-
जिलाअध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा

प्रधानमंत्री मोदी जी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर भाजपा का हल्ला बोल विरोध प्रदर्शन
शहडोल– शनिवार को ‘अटल निलय’ जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा के नेतृत्व में एक आवश्यक बैठक आहूत की गई भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने बताया कि बिहार में कांग्रेस-आरजेडी की रैली में भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय माताजी के नाम से अपशब्दों एवं गाली गलौज किए जाने पर शहडोल भाजपा महिला मोर्चा रविवार दिनांक 31-8-2025 को शाम 4:00 बजे शहडोल नगर के न्यू गांधी चौक में करेगी हल्ला बोल विरोध प्रदर्शन पुतला दहन कर जताएंगे विरोध…इस दौरान बैठक में जिला उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, भूपेंद्र मिश्रा ,भाजपा जिला महामंत्री संतोष लोहानी, मनोज आर्मो, जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता, पार्षद जिला कार्यालय प्रभारी राकेश सोनी, मंडल अध्यक्ष प्रियम त्रिपाठी भाजपा नेता अमित,मिश्रा,अमित गुप्ता बंटी युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष आदित्य चपरा, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष नीलम चतुर्वेदी कल्याणी बाजपेई,सरिता शर्मा, बेला राठौर रचना श्रीवास्तव एवं अन्य कार्यकर्ता बैठक में उपस्थिति रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने भाजपा के समस्त वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं व आम जनमानस समर्थकों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज करने की अपील की है जानकारी देते हुए भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विनय केवट ने बताया है कि बिहार के दरभंगा में कांग्रेस-आरजेडी के संयुक्त कार्यक्रम वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी आपत्तिजनक शब्दों इस्तेमाल किए जाने को लेकर भाजपा नेता और कार्यकर्ता आम जनमानस समर्थकों में जबरदस्त आकोर्षित नजर आ रहे हैं बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा जी ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी की स्वर्गीय माता जी के लिए जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया गया, वह कांग्रेस और राजद के नैतिक पतन को दर्शाता है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्रा के मंच से ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना केवल शर्मनाक ही नहीं, बल्कि राजनीति के पतन की पराकाष्ठा है. मां सदा पूजनीय होती है. भारतीय संस्कृति में माँ को भगवान से भी ऊँचा दर्जा दिया गया है. माँ का अपमान करना केवल व्यक्तिगत आघात नहीं है, बल्कि पूरे समाज की मर्यादाओं पर चोट है. परंतु, आंखों पर नफ़रत की पट्टी बाँध लेने के कारण इन नेताओं को अब न अच्छाई दिखाई देती है और न ही समझ आ रहा है कि वे किस दिशा में जा रहे हैं

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