क्या पांच दिनो तक कोतवाली मे बंद रहा था मृतक अभियुक्त,सिपाही ने बीमार तथा दरोगा ने फांसी लगाने की बात मृतक के पिता को बताई

हरदोई / बैसे तो नियम है कि न्यायालय की अनुमति लिये बगैर पुलिस किसी भी अभियुक्त को 24 घंटे से अधिक समय तक थाने मे नही रोक सकती लेकिन यदि मृतक अभियुक्त के पिता की ओर से कोतवाली मे दर्ज रिपोर्ट की बात मानी जाये तो पुलिस ने मृतक रवि सिंह राजपूत को पांच दिनो से अपनी हिरासत मे रखे हुये थी। मृतक रवि सिंह राजपूत के पिता रामराज पुत्र गंगा शरन निवासी ग्राम अहमदनगर मजरा वासितनगर थाना शाहाबाद जनपद हरदोई ने पुलिस मे दर्ज करायी रिपोर्ट मे दर्शाया है कि गत 27 अगस्त 2025 को प्रातः छः बजे के लगभग कोतवाली शाहाबाद से डायल 112 गाडी से दो पुलिस बाले उसके आवास पर आये थे और उसके बेटे रवि सिंह राजपूत आयु 20 वर्ष को पकड़कर कोतवाली ले गये तथा उसे बताया कि उसका लडका एक लडकी को भगा कर ले गया है। जब वह कोतवाली गया तब बताया गया कि मुकदमा लिखकर कार्यवाही होगी। रामराज का आरोप है कि उसका बेटा पुलिस अभिरक्षा मे पांच दिन कोतवाली शाहाबाद मे रखा गया। दिनांक 31 अगस्त 2025 को वह 6:30 बजे अपने बेटे रवि राजपूत को खाना देकर कोतवाली से वापस अपने घर आ गया, वहां मुझे दरोगा वरुण कुमार ने बताया की जांच चल रही है अभी इसे नहीं छोड़ेंगे। उसी दिन 31 अगस्त को रात्रि 8:26 पर कोतवाली से मंजेश सिपाही का फोन उसके पास आया कि उसका बेटा बीमार है , जल्दी आ जाओ वह तत्काल कोतवाली में रात 9:30 बजे पहुंचा लेकिन उसका बेटा उसे देखने को नहीं मिला । दरोगा वरुण कुमार ने बताया कि उसके बेटे ने आत्महत्या की है तब उसने पूछा की अपहृत लड़की कहां है जो 6:30 बजे कोतवाली में थी। लोगों ने बताया कि उसका लड़का सीएचसी में पड़ा है जो मृतक है। रामराज का कहना है कि उसकी बेटे की हत्या विवेचक दरोगा वरुण तथा अपहृत लड़की के परिजनों की मिली भगत से की गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर उसकी जांच अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी को सौंप दी गई है।
रिपोर्ट – आशीष कुमार मिश्रा

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