मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु गर्भवती माताओं का पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव आवश्यक- आयुक्त श्रीमती सुरभि गुप्ता
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विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
– आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता नें शहडोल संभाग के तीनों जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लानें हेतु गर्भवती माताओं का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाए। आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर पंजीयन का कार्य सम्पन्न करें तथा पंजीयन के पश्चात गर्भवती माताओं की नियमित जांच की जाए, उन्हें जांच के अनुसार आवश्यक दवाएं एवं पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जाए। जो गर्भवती माताएं पंजीकृत हैं उनका संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए तथा अनमोल पोर्टल में डाटा फीड किया जाए। अनावश्यक रूप से प्रसव वाले प्रकरण अन्य स्थानों के लिए रेफर नहीं किए जाएं। हाई रिस्क गर्भवती माताओं की विशेष रूप से मानीटरिंग की जाए। यह निर्देश आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता नें आयुक्त कार्यालय में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की संभाग स्तरीय बैठक में चिकित्सकों को दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शहडोल डॉ. राजेश मिश्रा, अनूपपुर डॉ. आर के वर्मा, उमरिया डॉ. सीके चन्देल, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, तथा संभाग भर के बीएमओ उपस्थित रहे।
आयुक्त शहडोल संभाग ने निर्देश दिए कि चिकित्सालयों में होने वाली मौतों के कारणों की समीक्षा की जाए। जिससे मौत के सही कारणों की जानकारी मिल सके। उन्होंने एनसीडी कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों की सुगर एवं उच्च रक्तचाप की नियमित जांच कराने, राष्ट्रीय वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्क्रीनिंग कराने निक्षय मित्र के माध्यम से नियमित दवाओं की खुराक लेने तथा पोषण बास्केट का वितरण कराने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए पीड़ित लोगों का चिन्हांकन करनें तथा नियमित एवं शिविर लगाकर उपचार के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि सभी जिलों में कुपोषित एवं अतिकुपेाषित बच्चों के उपचार हेतु एनआरसी संचालित हैं। एनआरसीओं में उपलब्ध बेड के अनुसार चिन्हित कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को भती कराएं तथा डिस्चार्ज के बाद भी फॉलोअप करके रिकवरी दर में वृद्धि करें। सिकल सेल एनीमिया की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाई जाए तथा चिन्हित रोगियों को नियमित उपचार तथा सावधानियों के संबंध में जागरूक भी करें। एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की मौत के कारणों नियमित समीक्षा की जाए तथा समीक्षा के बाद पाई गई कमियों को दूर कर मौतों की संख्या में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंश वाहन तथा जननी सुरक्षा योजना के वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। वाहनों के रिस्पांस कॉल तथा उपयोग की मानीटरिंग की जाए। शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए। सभी एक्स-रे मशीनें तथा पैथालॉजी जांच की मशीनें चालू हालत में रहें। अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध रहें, इसकी नियमित मानीटरिंग की जाए। उन्होंने ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता की भी जानकारी ली। बैठक में दस्तक अभियान के विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गई तथा अभियान के माध्यम से चिन्हित मरीजों का फॉलोअप कर उपचार के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि आयुष्मान योजना के तहत पात्र शत-प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बन जाएं। उन्होने 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों के भी आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए ।

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