बाल विवाह एवं दागना कुप्रथा के प्रति लोगों को जागरूक करने निकली जागरूकता रैली
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विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
:- शहडोल जिले में बाल विवाह एवं दागना कुप्रथाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में ग्राम भटिया एवं पड़मनिया में जागरूकता रैली निकाली गई। मैदानी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए बताया कि बाल विवाह एक दण्डनीय कानूनी अपराध है। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि विवाह के लिए युवक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा बालिका की 18 वर्ष होना अनिवार्य है।
दागना कुप्रथा पर भी जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं ने बताया कि बच्चों के बीमार होने पर झाड़-फूंक या किसी अंधविश्वास के भरोसे न रहें, बल्कि डॉक्टरों की सलाह लेकर उचित उपचार कराएं। साथ ही उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने एवं कुप्रथाओं को समाज से दूर रखने की शपथ भी दिलाई गई।

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