अंबाह में ‘आस्था’ पर ताला: नगर पालिका की मनमानी या राजनीतिक खेल? सीएमओ के बयानों ने सुलगाई विवाद की चिंगारी!

अंबाह। शहर के परेड चौराहे पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब नगर पालिका की ‘अजब-गजब’ कार्यप्रणाली ने श्रद्धालुओं की आस्था को ताले में बंद कर दिया। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे जलदेवी मंदिर पर नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा ताला जड़े जाने से न केवल माहौल गरमा गया, बल्कि प्रशासन की नीयत पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भड़क उठे श्रद्धालु: ‘बिना बताए कैसे बंद किया मंदिर?’
जलदेवी मंदिर, जो पिछले 10 वर्षों से नवरात्रि और आस्था का केंद्र बना हुआ है, वहां अचानक ताला लटकता देख लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मंदिर के पुजारी सुंदर परमार ने बताया कि यह मंदिर श्रद्धालुओं के सहयोग से बना है, जहाँ शहर भर से लोग दर्शन करने आते हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई को लोगों ने ‘धार्मिक भावनाओं पर प्रहार’ करार दिया है।
कन्फ्यूजन या साजिश? सीएमओ के बोल और लिखित आदेश में मेल नहीं!
इस पूरे मामले में सबसे मजेदार और चौंकाने वाला पहलू मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शबीर कौंसार का बयान रहा। जहाँ एक ओर सीएमओ साहब कह रहे हैं कि उन्होंने ‘पार्क में गार्ड’ नियुक्त किया है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा जारी लिखित आदेश में स्पष्ट रूप से ‘मंदिर के पूजा-पाठ के लिए पुजारी’ की नियुक्ति की बात कही गई है।
अब सवाल यह उठता है कि:
क्या साहब को यह भी नहीं पता कि वह जगह पार्क है या मंदिर?
क्या सरकारी फाइलों और जमीनी हकीकत के बीच कोई बड़ा घालमेल है?
क्या यह आदेश केवल कागजी खानापूर्ति या ‘फर्जीवाड़ा’ है?
सियासी दबाव की आ रही है ‘बू’
इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई किसी बड़े राजनीतिक दबाव के चलते की गई है। जनता पूछ रही है कि क्या अधिकारी निष्पक्ष होकर काम करने के बजाय नेताओं के इशारों पर आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं?
बैकफुट पर प्रशासन: 1 घंटे में खुला ताला
बढ़ते विरोध और आक्रोश को देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में करीब एक घंटे बाद मंदिर का ताला खोला गया। फिलहाल मंदिर तो खुल गया है, लेकिन नगर पालिका की इस कार्यशैली ने जनता के मन में अविश्वास का बीज बो दिया है।
“जब साहब को ये ही नहीं पता कि आदेश मंदिर के लिए है या पार्क के लिए, तो ऐसे प्रशासन से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे की जाए?” — आक्रोशित श्रद्धालु

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