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“एक्वा फ्रेंड” बना पढ़ाई के साथ आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल
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Above News

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट

सफलता की कहानी
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पढ़ाई के साथ-साथ कमाई भी
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क्लासरूम से स्टार्टअप की अनुकरणीय पहल
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कहा जाता है कि सपने वही पूरे होते हैं, जिनमें मेहनत और हिम्मत साथ चलें। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल में पढ़ने वाले फिशरीज विभाग के छात्रों ने वह कर दिखाया, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। इन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपने शौक को पहचान दी और उसे एक सफल स्टार्टअप में बदल दिया।
विश्वविद्यालय के फिशरीज विभाग के छात्र कैवल्य प्रजापति और पीयूष मिश्रा सहित उनके साथियों ने मिलकर “एक्वा फ्रेंड” नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन अपने विषय का ज्ञान, लगन और लगातार मेहनत के दम पर आज यह स्टार्टअप शहडोल में पहचान बना चुका है।
शौक से शुरुआत, सोच से सफलता-
छात्रों ने महसूस किया कि आजकल लोग एक्वेरियम रखने का शौक तो रखते हैं, उन्हें सही जानकारी न होने के कारण मछलियां जल्दी मर जाती हैं और लोग निराश होकर यह शौक छोड़ देते हैं। इसी समस्या को अवसर में बदला गया।
“एक्वा फ्रेंड” के माध्यम से छात्र अब लोगों के घर और ऑफिस जाकर
वैज्ञानिक तरीके से एक्वेरियम सेटअप, सही फिश सिलेक्शन, वाटर क्वालिटी, मेंटेनेंस, एक्वेरियम क्लीनिंग, फिश फूड, प्लांट और मेडिसिन, जैसी पूरी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
पढ़ाई के साथ कमाई का आत्मविश्वास-
स्टार्टअप से जुड़े छात्र कैवल्य प्रजापति बताते हैं कि शुरुआत में यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट था, लेकिन लोगों का भरोसा बढ़ता गया और काम भी बढ़ता गया। आज यह स्टार्टअप न केवल उनकी पढ़ाई का खर्च निकाल रहा है, बल्कि उन्हें बिजनेस का असली अनुभव भी दे रहा है।
पीयूष मिश्रा बताते हैं कि वे कस्टमर की पसंद के अनुसार हैंडमेड, आर्टिफिशियल और कस्टमाइज्ड एक्वेरियम भी तैयार करते हैं। इसके लिए उन्होंने एक अलग टीम बनाई है, जो समय पर मेंटेनेंस और क्लीनिंग का काम करती है।
नई शिक्षा नीति का जीवंत उदाहरण-
फिशरीज विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वंदना राम बताती हैं कि नई शिक्षा नीति के तहत स्किल बेस्ड और प्रैक्टिकल लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह प्रयोग पूरी तरह सफल साबित हो रहा है।
डॉ. वंदना राम के अनुसार, “एक्वा फ्रेंड” स्टार्टअप से अब तक छात्रों को करीब 26 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है और भविष्य में इसके और विस्तार की पूरी संभावना है।  आज “एक्वा फ्रेंड” सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अगर सोच सही हो, तो पढ़ाई भी चलेगी और कमाई भी।

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